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कोरोना वायरस से भी खतरनाक हैं उससे जुड़ी मनगढ़ंत कहानियां

News18Hindi
Updated: February 9, 2020, 10:08 PM IST
कोरोना वायरस से भी खतरनाक हैं उससे जुड़ी मनगढ़ंत कहानियां
कोरोना वायरस को लेकर भ्रामक जानकारियों की भरमार है.

कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर दुनियाभर में भ्रामक जानकारियां सोशल मीडिया के जरिए फैलाई जा रही हैं. इसे लेकर अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी की है.

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  • Last Updated: February 9, 2020, 10:08 PM IST
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कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर दुनियाभर में सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए अजीब-ओ-गरीब बातें (Fake News) फैलाई जा रही हैं. कभी चमगादड़ का सूप पीती औरत का वीडियो वायरल होता है तो कभी कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम, मिल्कशेक से दूर रहने की हिदायत दी जाती है. कोरोवायरस के फैलने के पीछे इन हैरतंगेज ऊटपटांग तर्कों का सिलसिला यहीं नहीं खत्म होता बल्कि हद तो तब हो जाती है जब सोशल मीडिया में ऐसे वीडियो और मैसेजेस की बाढ़ आ जाती है जो यह कहते हैं कि कोरोनावायरस दरअसल चीन के गुप्त जैविक हथियार कार्यक्रम का हिस्सा है.

गलतफहमियों को फैलाने के महारथी यहीं नहीं रुकते बल्कि इस भ्रम को मजबूत करने के लिए विश्वास दिलाते हैं कि इस खतरनाक मंसूबे का पर्दाफाश करता यह वीडियो चीन के वुहान में स्थित वायरोलोजी संस्थान से गलती से लीक हो गया.

एक और मैसेज जो आजकल दुनियाभर में सनसनी पैदा कर रहा है. रूस के एक टीवी चैनल ने यहां तक दावा किया किया कोरोनावायरस वाकई में एक जैविक हथियार के कार्यक्रम का हिस्सा है. लेकिन यह चीन के नहीं बल्कि अमेरिका प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के खतरनाक मंसूबों से उपजा जैविक हथियार कार्यक्रम का हिस्सा है. मनगढ़ंत कहानियों का अंत यहां भी नहीं होता.

कोरोनावायरस का अभी तक दुनिया में कोई इलाज नहीं खोजा जा सका है. लेकिन इसके लक्षणों को पहचानना और जल्द से जल्द डॉक्टरी सलाह लेना बेहद जरूरी है.
कोरोनावायरस का अभी तक दुनिया में कोई इलाज नहीं खोजा जा सका है. लेकिन इसके लक्षणों को पहचानना और जल्द से जल्द डॉक्टरी सलाह लेना बेहद जरूरी है.


फिलिपिन्स के सोशल मीडिया उपयोगकर्ता का सलाह देता हुआ एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. उपयोगकर्ता कहता है, कोरोनावायरस से बचने के लिए गले को नम रखें, मसालेदार खाने से बचें और विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं. कुल मिलाकर सोशल मीडिया में ऐसे ऊटपटांग किस्सें लगातार फैलाए जा रहे हैं.

इन किस्सों से उपजे खतरे को भांपते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) ने बाकायदा चेतावनी जारी की है. डब्ल्यूएचओ ने साफ लफ्जों में चेताया है कि ऐसी खतरनाक भ्रांतियां फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी अगर वे बाज नहीं आए. दूसरी तरफ उसने लोगों से भी इस तरह के फर्जी वीडियोज और मैसेजेस से सावधान रहने की अपील की है.

डब्ल्यूएचओ ने झूठी कहानियों से किया पर्दाफाश, बताया क्या है सच?-ऐसा भी कहा जा रहा है था कि दुनिया के किसी कोने में भी चीन से जाने वाले पैकेट्स या पत्र कोरोनावायरस के वाहक हो सकते हैं. कृपया इन्हें स्वीकार न करें. डब्ल्यूएचओ ने कहा, यह सरासर गलत है. कोरोनावायरस पैकेट्स या पत्रों से नहीं फैलता.

-एक दूसरी थ्योरी है कि कुत्ते और बिल्ली से कोरोनावायरस फैलता है. इसे भी WHO ने बेबुनियाद बताया. कहा किसी भी पालतू जानवर के संपर्क में आने के बाद हाथ धोना हमेशा अच्छा माना जाता है. लेकिन इसका सीधा कोरोनावायरस से कोई लेना-देना नहीं.



-निमोकॉकस वैक्सीन और हेमोफिलस इन्फ्ल्यूएंजा टाइप बी वैक्सीन किसी भी स्थिति में कोरोनावायरस से सुरक्षित रहने में मददगार नहीं है. यह केवल भ्रम फैलाया जा रहा है.

-नियमित माउथवॉस का इस्तेमाल भी कोरोनावायरस से नहीं बचाता.

-अस्थमा, दिल की बीमारी और मधुमेह जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोग इस वायरस के लिए संवेदनशील हो सकते हैं. इसलिए जैसी ही कोई लक्षण दिखे तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. फर्जी खबरों भरोसा कर न तो इलाज शुरू करें और न हीं उसे आधार बनाकर खुद को वायरस से संक्रमित मान बैठें.
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First published: February 9, 2020, 5:28 PM IST
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