दो देशों के बीच बसा होटल, जिसके अनोखेपन ने दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान बचाई जानें

दो देशों के बीच बसा होटल, जिसके अनोखेपन ने दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान बचाई जानें
ला-क्योर शहर का एक होटल दुनिया के अनोखे होटलों में गिना जाता है

फ्रांस और स्विटजरलैंड के बॉर्डर पर बसे ला-क्योर शहर का एक होटल दुनिया के अनोखे होटलों में गिना जाता है. इस टू-स्टार होटल का आधा-आधा हिस्सा दोनों देशों में आता है.

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दुनिया के कई अजीबोगरीब होटल अपने अनोखेपन के कारण सैलानियों को आकर्षित करते रहे हैं. सोने से बने होटल की हाल में काफी चर्चा रही. वियतनाम की राजधानी हनोई में बने इस होटल में हरेक चीज पर सोने की परत चढ़ी हुई है और जिसका एक रात का किराया भी रईसों तक के होश उड़ा दे. ऐसे ही एक अनोखा होटल फ्रांस और स्विटजरलैंड की सीमा पर बना है. इसका किराया तो मामूली है लेकिन ये खास है अपनी सीमा के कारण. दो देशों के बीच बना होने के कारण होटल का आधा हिस्सा फ्रेंच, जबकि आधा स्विस तरीके से सजा है.

Hotel Arbez Franco-Suisse के नाम से ये होटल फ्रांस और स्विटजरलैंड की सीमा पर गांव La Cure में बना हुआ है. इसकी खासियत ये है कि इसके भीतर से ही दोनों देशों की सीमाएं गुजरती हैं. साल 1862 से पहले होटल अर्बेज का आधा हिस्सा राशन की दुकान की तरह (जो स्विटजरलैंड में आता है) और दूसरा हिस्सा पब (फ्रांस में आने वाला) की तरह इस्तेमाल होता था. इसका मालिक एक फ्रेंच शख्स Ponthus था जिसने क्रॉस-बॉर्डर ट्रैफिक यानी दोनों देशों के लोगों को आकर्षित करने के लिए इस तरह की व्यवस्था की थी.

इसका मालिक एक फ्रेंच शख्स Ponthus था जिसने क्रॉस-बॉर्डर ट्रैफिक के लिए ये काम किया- सांकेतिक फोटो (Photo-pixabay)




बाद के साल 1921 में जूल्स-जीन अर्बेजे नामक शख्स ने इस जगह को खरीद लिया और यहां होटल बना दिया.दूसरे विश्वयुद्द के दौरान जर्मनी की सेना फ्रांसीसी हिस्से का तो इस्तेमाल कर पाती थी लेकिन स्विस हिस्से में घुस नहीं पाती थी. तब जर्मन सैनिकों से जान बचाने के लिए भागे हुए लोग इसी होटल के उस हिस्से में ठहर जाते थे, जो स्विटजरलैंड में आता है. इसी तरह की दिक्कतें बाद के सालों में भी आती रहीं. तब बॉर्डर एडजस्टमेंट की कोशिश की गई लेकिन यही तय हो पाया कि होटल का जो हिस्सा जिस देश में है, उसे वहीं रखा जाए.
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अर्बेज होटल के सभी कमरों को दो हिस्सों में बांटा गया है, एक स्विस ट्रेडिशन के मुताबिक है तो दूसरा फ्रेंच तकनीक पर सजा हुआ है. जैसे कमरों में बिस्तर ऐसे लगाए गए हैं कि एक तरफ के तकियों पर फ्रांसीसी चिन्ह तो दूसरी तरफ स्विटजरलैंड की सजावट है. होटल के अंदर पहुंचते ही सैलानियों को दोनों देशों में एक साथ रहने का लुत्फ आता है. होटल का बार पूरी तरह से फ्रांस में आता है, वहीं बाथरूम स्विटजरलैंड में पड़ता है.

होटल में खाना भी हिस्सों के अनुसार मिलता है- सांकेतिक फोटो (Photo-pixabay)


डेढ़ सौ सालों से भी ज्यादा पुराना ये होटल 2-स्टार होटल की श्रेणी में आता है लेकिन इसकी खासियत की वजह से दुनियाभर के सैलानी यहां आते रहते हैं. दिलचस्प बात ये है कि होटल में पहुंचते ही सैलानियों से पूछा जाता है कि आप कौन से देश के कल्चर का आनंद लेना चाहेंगे और उसी मुताबिक उसे सुविधाएं दी जाती हैं.

आजकल इस होटल को एक फ्रेंच कंपनी देख रही है, जो दोनों देशों को बराबर का टैक्स अदा करती है. साल 2008 में जब फ्रांसीसी सरकार ने पब और रेस्त्रां में स्मोकिंग पर बैन लगाया तब काफी विवाद हुआ कि स्विस हिस्से से आने वाले धुएं को कैसे रोका जाए, जबकि एक ही कमरे में आधा-आधा हिस्सा दोनों देशों में आता है. बाद में स्विस हिस्से में भी स्मोकिंग बंद कर दी गई.

फ्रांस के इस होटल को बबल होटल के नाम से भी जाना जाता है (Photo-flickr)


इसी तरह से फ्रांस में ही एक और होटल है. Attrap'Rêves नाम के इस होटल को बबल होटल के नाम से भी जाना जाता है. इसकी खासियत ही है बबल की आकृति के पारदर्शी कमरे.

कैरेबियन में बसे जेंट माउंटेन रिजॉर्ट की बात और भी अलग है. सेंट लूसिया में बने ये रिजॉर्ट इस तकनीक पर बने हैं कि इनके कमरों में चौथी दीवार ही नहीं है. ऐसे में बंद कमरों के भीतर रहते हुए भी आप कैरेबियन जंगलों में होते हैं और यहां तक कि समुद्री हवा तक को महसूस कर सकते हैं.

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तंजानिया का मनाना रिजॉर्ट भी इसी श्रेणी में आता है. ये इतना रोमांचक होटल है कि यहां जाने से पहले लिस्ट में खुद का नाम लिखवाना होता है, तब कहीं जाकर काफी दिनों बाद नंबर आता है. होटल का एक हिस्सा पानी में डूबा हुआ है. यहां रहते हुए ऐसा लगता है कि एक साथ जमीन, आसमान और समुद्र में रहा जा रहा है.
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