किसी ग्रह या चंद्रमा पर नहीं, इस बार क्षुद्रग्रह पर मिले हैं जीवन के संकेत

बेनु क्षुद्रग्रह (Bennu Asteroid) के पत्थरों (Boulders) में शोधकर्ताओं को जीवन के लिए जरूरी पदार्थ (Signatures of life) के होने की जानकारी मिली है. (तस्वीर: NASA @OSIRISREx)
बेनु क्षुद्रग्रह (Bennu Asteroid) के पत्थरों (Boulders) में शोधकर्ताओं को जीवन के लिए जरूरी पदार्थ (Signatures of life) के होने की जानकारी मिली है. (तस्वीर: NASA @OSIRISREx)

क्षुद्रग्रह (Asteroid)) बेनु (Bennu) पर जीवन के संकेतों (Signatures of life) का मिलना खगोलविदों में खासी दिलचस्पी जगा रहा है, इनकी पुष्टि कई तरह के रहस्यों से पर्दा उठा सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 11, 2020, 1:01 PM IST
  • Share this:
आमतौर पर खगोलविद जीवन के संकेतों (Signature of life) की तलाश बाह्यग्रह (Exoplanet) या किसी ग्रह (Planet) के उपग्रह (Moon) पर करते हैं. लेकिन हाल ही में उन्हें एक क्षुद्रग्रह (Asteroids) पर जीवन के संकेत मिले हैं. पृथ्वी के पास मौजूद बेनू (Bennu) क्षुद्रग्रह पिछले दो सालों से उनका चक्कर लगा रहे नासा के OSIRIS-Rex यान को कई रहस्यों के खुलासे कर रहा है जिसमें एक बेनु के पत्थरों में कार्बनिक पदार्थों (Organic) का पाया जाना है. इस जानकारी से पृथ्वी के निर्माण के समय के आलावा जीवन की शुरुआत के बारे में भी बहुत जानकारी की पुष्टि हो सकती है.

क्या दिखा है बेनु क्षुद्रग्रह पर
हाल ही में बेनु से मिली ताजा जानकारी से पता चला है कि वहां के पत्थरों में कार्बोनेट और अन्य कार्बनिक पदार्थों की व्यापक मौजूदगी है. अध्ययन में पाया गया है कि क्षुद्रग्रह की सतह पर मौजूद चट्टानों की विविध संरचना, उसके गुरूत्व और असंतुलित हीरे के आकार से पता चलता है कि बेनु दो क्षुद्रग्रहों की टकराने से बना होगा.

नमूनों का है इंतजार
ये नतीजे OSIRIS-Rex के द्वारा लाए जाने वाले बेनु के नमूनों के अध्ययन के लिए एक आधार का काम करेंगे जिन्हें OSIRIS-Rex इस महीने जमा करेगा और साल 2023 में वे पृथ्वी पर वापस लाए जाएगें. इससे न केवल क्षुद्रग्रह के बारे में विस्तार से जानकारी मिलेगी, बल्कि सूर्य के बनने के एक करोड़ साल के दौरान हमारे ग्रह से गुजरने वाले क्षुद्रग्रहों के बारे में भी जानकारी मिल सकेगी.


बेनु की इतनी अहमियत क्योंदरअसल हमारे सौरमंडल की शुरुआत में ग्रहों के निर्माण के दौरान बहुत सारे ऐसे टुकड़े भी बने थे जो ग्रह नहीं बन सके और अलग अलग ही रहे . इन टुकड़ों में हमारे ग्रह के निर्माण के शुरुआती संकेत छिपे हुए हैं जिनमें से बहुत से क्षुद्रग्रह की पट्टी में चले गए थे जबकि कई पृथ्वी के पास आ गए थे. माना जाता है उस समय हमारे सूखे ग्रह पर पानी इन्हीं क्षुद्रग्रहों के जरिए आया था.जानिए क्या बता रहे हैं नासा के मंगल पर खोजे गए एक अरब साल पुराने रेत के टीलेइस अहम मत के स्पष्ट होने की उम्मीदबेनु से संबंधित छह शोध साइंस और एडवांस साइंस में प्रकाशित हुए हैं. इनमें से एक शोध में शामिल शोधकर्ता एमी सिमोन का कहना है कि क्योंकि बेनु प्रमुख क्षुद्रग्रह पट्टी से पृथ्वी की ओर आया है, यह इस बात का उदाहरण है कि कैसे पृथ्वी की निर्माण के शुरुआत में पदार्थ हमारे ग्रह पर दूर से आए होंगे. उन्होंने बताया कि कार्बोनेट, कार्बनिक और जलमिश्रित पदार्थों का बेनु पर व्यापक तौर पर पाए जाने के प्रमाण मिलना इस बात को बल देता है कि क्षुद्रग्रह और धूमकेतु के जरिए ही पृथ्वी और अन्य ग्रहों पर जीवन के लिए जरूरी तत्त्वों को उन तक पहुंचाया था.


बन सकता है बेनु का पूरा नक्शा
OSIRIS-REx ने पिछले दो सालों में बेनु की सतह पर इतनी तस्वीरें ली हैं जिससे उसकी सतह का नक्शा बनाया जा सकता है. रंगों और चमक में विविधता क्षुद्रग्रह की सतह के बारे में काफी जानकारी दे रही है. साथ ही हमें यह भी पता चल सका है कि इस सतह में समय के साथ कैसे बदलाव हुआ है.

जानिए शोधकर्ताओं ने कैसे पता लगाई आवाज की अधिकतम गति सीमा

बेनु से मिले संकेत काफी मिलेजुले से हैं जो उसकी संरचना विविधता और अन्य कारकों का कारण हो सकते हैं. ऐसे में शोधकर्ता बेनु के नमूनों का इंतजार कर रहे हैं जिससे उनके अध्ययन को पुष्टि और विस्तृत जानकारी मिल सकेगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज