अरबपति बिजनेसमैन अब स्पेस में लगाएंगे फैक्ट्रियां, एमेजॉन कर रहा है सपोर्ट

स्पेस के रिसोर्सेज़ के इस्तेमाल की दिशा में वैज्ञानिक लंबे समय से काम कर रहे हैं. एस्टोरॉयड माइनिंग टेक्नोलॉजी को डेवलप करने के लिए अरबों रुपए खर्च किए जा रहे हैं.

News18Hindi
Updated: July 13, 2019, 12:14 PM IST
अरबपति बिजनेसमैन अब स्पेस में लगाएंगे फैक्ट्रियां, एमेजॉन कर रहा है सपोर्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर
News18Hindi
Updated: July 13, 2019, 12:14 PM IST
हमारी दुनिया कितनी बदल गई है. मोबाइल के जरिए पूरी दुनिया मुट्ठी में आ गई है. कंप्यूटर ने जिंदगी के हर क्षेत्र के काम को आसान कर दिया है. विज्ञान हमें आसमान को लांघकर चांद तक पहुंचा चुका है, लेकिन साइंस के कारनामों ने हमें हैरान करना नहीं छोड़ा है. मसलन क्या आप यकीन करेंगे कि अरबपति बिजनेसमैन अब स्पेस में फैक्ट्रियां लगाने वाले हैं. साइंस इतनी तरक्की कर चुका है कि स्पेस में फैक्ट्रियां लगाने पर गंभीरता से काम चल रहा है.

भले ही ये सुनने में साइंस फिक्शन सरीखा लगे लेकिन हकीकत यह है कि दुनिया के कुछ अमीर उद्योगपति धरती छोड़कर आसमान में फैक्ट्रियां लगाने की सोच रहे हैं. डिस्कवर मैग्जिन ने इस बारे में रिपोर्ट जारी की है. स्पेस में फैक्ट्रियां लगाने के पीछे कुछ वाजिब तर्क दिए जा रहे हैं. मसलन धरती के संसाधनों का हद से ज्यादा दोहन हो चुका है. बढ़ती आबादी के दवाब को कम करने के लिए अब संसाधनों के इस्तेमाल को सीमित करने की जरूरत है.



उद्योगपति क्यों कर रहे हैं स्पेस का रुख
वैज्ञानिकों का कहना है कि धरती के जो थोड़े संसाधन बचे हुए हैं, वो इंसानों के अस्तित्व के लिए बहुत जरूरी हैं. इंसान को अब अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए धरती के बाहर कदम रखना होगा और दूसरे ग्रहों और एस्टोरॉयड के संसाधनों का इस्तेमाल करना होगा. स्पेस साइंटिस्ट इस दिशा में काम करना शुरू कर चुके हैं.

स्पेस साइंटिस्ट्स का कहना है कि स्पेस में इंडस्ट्रीज़ को सोलर सिस्टम के जरिए धरती से कई गुना ज्यादा सपोर्ट मिलेगा. वैज्ञानिक कहते हैं कि मानव सभ्यता विकास के उस दौर में पहुंच चुकी है, जहां अब धरती के बाहर कदम रखना जरूरी हो गया है. ये सुनने में अभी अजीब लग सकता है लेकिन दूसरे ग्रहों के संसाधनों का इस्तेमाल संभव है.

 billionaires are serious about moving factories to space Amazon CEO Jeff Bezos support this mission announcement company lunar lander
प्रतीकात्मक तस्वीर


एमेजॉन ने अपनी स्पेस कंपनी लुनर लैंडर शुरू की
Loading...

स्पेस के रिसोर्सेज के इस्तेमाल की दिशा में वैज्ञानिक लंबे समय से काम कर रहे हैं. एस्टोरॉयड माइनिंग टेक्नोलॉजी को डेवलप करने के लिए अरबों रुपए खर्च किए जा रहे हैं. स्पेस में फैक्ट्रियां लगाने के मिशन को दुनियाभर के कई अरबपति फंड कर रहे हैं. इसमें एमेजॉन के सीईओ जेफ बेजोस का नाम भी शामिल है. डिस्कवरी मैग्जिन से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि धरती को बचाने के लिए हमें स्पेस का रुख करना पड़ रहा है. ये अब जरूरी हो गया है. पिछले महीने ही जेफ बेजोस ने अपनी स्पेस कंपनी लुनर लैंडर का ऐलान किया था.

बेजोस ने कहा है कि हकीकत ये है कि धरती की उर्जा खत्म हो रही है. ये सिर्फ अंकगणित का खेल है. आप देखना ऐसा होगा. यहां तक की नासा भी इसके रिसर्च में करोड़ों रुपए खर्च कर रही है. एस्टोरॉयड माइनिंग की टेक्नोलॉजी पर काम चल रहा है.

 billionaires are serious about moving factories to space Amazon CEO Jeff Bezos support this mission announcement company lunar lander
एमेजॉन के सीईओ जेफ बेजोस इस मिशन को सपोर्ट कर रहे हैं


कुछ वैज्ञानिकों की इस दिशा में अलग राय भी है

लेकिन हर वैज्ञानिक इसे सपोर्ट नहीं कर रहा है. कुछ वैज्ञानिकों ने एक प्रपोजल पर साइन किया है. इसमें कहा गया है कि सोलर सिस्टम के 85 फीसदी हिस्से को मानव विकास से बचाना होगा. अगर हमने सोलर सिस्टम को भी नहीं छोड़ा तो फिर आगे के लिए क्या बचा रह जाएगा. अगर एक बार ऐसा हो गया तो फिर आगे हम कहीं नहीं जा पाएंगे.

हालांकि स्पेस में फैक्ट्री लगाने में अभी काफी वक्त बाकी है. सिर्फ 5 साल पहले ही कैलिफोर्निया की एक स्टार्टअप कंपनी मेड इन स्पेस ऐसी पहली कंपनी बनी जिसने जीरो ग्रैविटी में एक ऑबजेक्ट का 3डी प्रिंट तैयार किया है. इसी कंपनी ने नासा के साथ 2018 में एक बड़ा करार किया है. नासा के जरिए कंपनी हायब्रिड मेटल मैन्यूफैक्चरिंग सिस्टम को डेवलप करने का काम कर रही है ताकि स्पेस को खंगाला जा सके. इसके पीछे स्पेस के ग्रहों और क्षुद्र ग्रहों पर मौजूद टाइटेनियम और अल्यूमिनियम जैसे धातुओं का 3डी प्रिंट तैयार करना है.

स्पेस में फैक्ट्री लगाने की सोच अभी शुरुआती दौर में है. लेकिन स्पेस साइंटिस्ट इस दिशा में लगे हुए हैं. मुमकिन है कुछ वर्षों में एमेजॉन जैसी कंपनियां स्पेस में अपनी फैक्ट्रियां लगा पाएं.

ये भी पढ़ें: रातोंरात कहां गायब हो गया पाकिस्तान का द्वीप ?

 क्रीम लगाकर आप सांवले से गोरे कैसे हो जाते हैं?

 
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...