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Birthday Ranjan Gogoi : राज्यसभा के वेतन और भत्ते नहीं लेते पूर्व CJI रंजन गोगोई

Birthday Ranjan Gogoi : राज्यसभा के वेतन और भत्ते नहीं लेते पूर्व CJI रंजन गोगोई

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई

पूर्व मुख्य न्यायाधीश ( Former CJI) और अब राज्य सभा सदस्य (Rajya Sabha Member) रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) का जन्मदिन है. आज वो 66 साल के हो गए. उन्होंने अपने जीवन में कई अहम फैसले किए. 08 साल पहले तक उनके पास कोई कार नहीं हुआ करती थी. अब भी वो राज्यसभा सदस्य के तौर पर ना तो वेतन लेते हैं और ना ही भत्ते.

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    सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई का आज यानि 18 नवंबर को जन्मदिन है. वो 1954 में डिब्रुगढ़ में पैदा हुए थे. वो अब राज्यसभा सदस्य हैं लेकिन वो ना तो राज्य सभा सदस्य के तौर पर वेतन लेते हैं और ना ही भत्ते.

    इसकी बजाए वो सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर मिलने वाली पेंशन और सुविधाएं लेते हैं. उन्हें हर महीने 82,301 रुपए की पेंशन मिलती है. 08 साल पहले गोगोई के पास कोई कार नहीं थी.

    उन्होंने देश का मुख्य न्यायाधीश होने के दौरान अपनी जो संपत्ति घोषित की थी, उसमें उनके पास ना तो कोई मकान था और ना ही कोई लोन. अलबत्ता गुवाहाटी में उनके पास करीब 69 लाख मूल्य की एक जमीन है, जो उन्होंने बहुत पहले खरीदी थी. साथ ही बैंक में धन है.

    उनके भाई अंजन गोगोई ने कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में एक अंग्रेजी के राष्ट्रीय समाचार पत्र से कहा कि रंजन ने पिता की इच्छा के चलते संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षा दी थी. इसे पास भी किया लेकिन वो इसमें नहीं गए. क्योंकि उनका मन इसमें जाने का नहीं था. जब वो इस परीक्षा में सेलेक्ट हो गए तो पिता से कहा कि मैने आपकी इच्छा के अनुसार ये परीक्षा दी, इसमें पास हुआ लेकिन अब अपने मन के करियर को चुनूगा.

    रंजन गोगोई ने 16 मार्च 2020 को राज्य सभा की सदस्यता ग्रहण की.


    मुख्य न्यायाधीश के तौर पर ही उनके कार्यकाल में अयोध्या में रामजन्म भूमि मामले का फैसला हुआ. अब जो जमीन रामजन्म भूमि न्यास को मिली, उस पर भगवान राम का मंदिर बन रहा है. गोगोई ने 16 अगस्त 2020 में राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण की. वो राज्य सभा के लिए मनोनीत हुए थे. आइए जानते हैं उनके बारे में 10 खास बातें
    रंजन गोगोई ने 03 अक्टूबर, 2018 को भारत के प्रधान न्यायाधीश का पद संभाला था. वो देश के 46वें प्रधान न्यायाधीश थे. 17 नवंबर, 2019 तक इस पद पर बने रहे.
    रंजन गोगोई मूल रूप से असम के रहने वाले हैं. वह वकीलों और राजनीतिज्ञों के संपन्न परिवार से आते हैं. उनके पिता केशब चंद्र गोगोई एक वकील थे, जो बाद में राज्य की विधानसभा के सदस्य बने. असम के मुख्यमंत्री भी रहे.
    रंजन गोगोई का का जन्म 18 नवंबर 1954 को हुआ. उन्होंने 1978 में वकालत शुरू की. अपनी ज्यादातर प्रैक्टिस उन्होंने गुवाहाटी में ही की.
    वह 28 फरवरी 2001 को गुवाहाटी हाईकोर्ट के जज बनाए गए. इसके नौ साल बाद 9 सितंबर 2010 को उनका ट्रांसफर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में हुआ. 12 फरवरी 2011 को जस्टिस गोगोई पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने.
    सौम्या मर्डर केस में रंजन गोगोई ने इस पर फेसबुक पोस्‍ट लिखने वाले रिटायर्ड जस्टिस काटजू को अदालत में बुला लिया था. रिटायर्ड जस्टिस काटजू ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की निंदा की थी. इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को दुष्कर्म का दोषी करार दिया था, लेकिन हत्‍या का नहीं. यह फैसला जस्टिस गोगोई की अध्‍यक्षता वाली बेंच ने दिया था. अवमानना नोटिस के बाद जस्टिस काटजू सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए और उन्‍होंने फेसबुक के पोस्‍ट के लिए माफी भी मांगी थी.
    पूर्व चीफ जस्टिस पी सदाशिवम, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई और जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने ही ईवीएम और बैलेट पेपर में नोटा का विकल्प देने का आदेश दिया था.
    हालांकि चीफ जस्टिस बनने से पहले पूर्व जस्टिस जे चेलामेश्वर, मदन लोकुर और कुरियन जोसेफ़ के साथ एक प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से भारतीय न्यायपालिका के भीतर फैली अव्यवस्था के बारे में बात करके उन्होंने विवाद खड़ा कर दिया था. तब दीपक मिश्रा मुख्य न्यायाधीश थे.
    वो प्रोफेशनल जिंदगी से अलग धार्मिक शख्स हैं. परिवार के साथ मंदिरों में जाते हैं और पूजा अर्चना करते रहे हैं. उनकी शुरुआती पढाई डिब्रूगढ़ के डॉन बोस्को स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से पढाई की.
    उनके मुख्य फैसलों में आसाम के नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजेंस (एनआरसी), सांसदों और विधायकों के लिए स्पेशल कोर्ट की स्थापना. राजीव गांधी के हत्यारों की सजा बरकरार रखने और लोकपाल की नियुक्ति शामिल है.
    उनके परिवार में पत्नी रुपांजलि गोगोई और दो बच्चे हैं. उनके भाई अंजन गोगोई भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल थे. अब वो सेवानिवृत्त हैं.

    Tags: CJI Ranjan Gogoi, Justice Ranjan Gogoi, Rajya sabha

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