जन्मदिन विशेष: एक नहीं दो जन्म तारीख थी महान वैज्ञानिक आइजैक न्यूटन की

न्यूटन (Isaac Newton) के जन्मदिन की दोनों तारीखों  में दस दिन का अंतर था. (फाइल फोटो)

न्यूटन (Isaac Newton) के जन्मदिन की दोनों तारीखों में दस दिन का अंतर था. (फाइल फोटो)

चार जनवरी को महान वैज्ञानिक आइजैक न्यूटन (Isaac Newton) की जन्मतिथि (Birthdate) है, लेकिन उनकी एक और जन्मतिथि भी थी. न्यूटन के बहुत सारे आविष्कारों और खोजों की चर्चा नहीं होती.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 6:43 AM IST
  • Share this:
महान वैज्ञानिक और गणितज्ञ आइजैक न्यूटन (Isaac Newton) का 4 जनवरी को जन्मदिवस है. न्यूटन एक गणितज्ञ, भौतिकविद, खगोलविद, धर्मशास्त्री के साथ ही बहुत कुछ थे. न्यूटन को यूं तो उनके गुरुत्वाकर्षण (Gravitation) और गति (Motion) के नियमों के लिए जाना जाता है, लेकिन उनकी बहुत सारी खोजें और आविष्कारों ने दुनिया में आमूलचूल परिवर्तन ला दिया था. उनके बारे अनसुने किस्से में से एक यह भी है कि उनकी दो जन्मतिथियां (Birth dates) थी.

दो अलग-अलग जन्मदिन

न्यूटन के बारे में एक दिलचस्प तथ्य यह है कि उनके दो जन्मदिवस थे. दरअसल उनके दो जन्मतिथियों में दस दिन का अंतर उनके दौर में प्रचलित कैलेंडरों के कारण पैदा हुआ था. चार जनवरी के अलावा न्यूटन का जन्मदिन 25 दिसंबर को भी आता है. मजेदार बात यह है कि न्यूटन भी इंग्लैंड में अपना जन्मदिन 25 दिसंबर को ही मानते थे जबकि इंग्लैंड के बाहर उनका जन्मदिन 4 जनवरी को था.

क्या थी वजह
न्यूटन का जन्म इंग्लैंड में वूल्सथोर्पे के मैनोर हाउस में हुआ था. उस समय इंग्लैंड में यूरोप से अलग जूलियन कैलेंडर का उपयोग होता था, जिसके मुताबिक न्यूटन 25 दिसंबर 1642 को पैदा हुए थे. वहीं यूरोप में उस समें ग्रिगोरियन कैलेंडर अपना चुका था जिसका इसका इस्तेमाल आज किया जाता है. इस हिसाब से न्यूटन 4 जनवरी 1643 को पैदा हुए थे. यही तारीख बाद में आधिकारिक तौर पर उनकी जन्मतिथि मानी गई.

न्यूटन के दो प्रसिद्ध सिद्धांतों का असल महत्व

यूं तो न्यूटन की के सिद्धांत के पहले भी गुरुत्व की अवधारणा मौजूद थी. लेकिन न्यूटन के सिद्धांतों ने गुरुत्वाकर्षण को सौर्वभौमिकता (Univerality) प्रदान कर दुनिया भर में तहलका मचा दिया था. लेकिन इससे भी बड़ी बात थी पूरे विज्ञान में मूलभूत परिवर्तन. इसी लिए माना जाता है कि न्यूटन ने विज्ञान में एक नए युग की शुरुआत की.



Isaac Newton, Birthday, Birthday Special, Scientist, Mathematician, Two different birth dates, Gravity, Inventions,
न्यूटन (Isaac Newton) के सिद्धांतों में से सबसे ज्यादा लोकप्रियता गुरुत्वाकर्षण और गति के सिद्धांतों को मिली थी. (फाइल फोटो)


न्यूटन के खास प्रयोग

न्यूटन के ये दो ही प्रमुख आविष्कार नहीं थे. न्यूटन ने कैल्क्युलस का आविष्कार कर गणित को एक नई शाखा प्रदान की. इसके अलावा न्यूटन रिफ्लेक्टिंग टेलीस्कोप बनाने वाले पहले व्यक्ति थे. उन्होंने ही सबसे पहले सफेद प्रकाश को प्रिज्म के जरिए रंगों का स्पैक्ट्रम दिखाया था. जो आधुनिक खगोलविज्ञान का आधार स्तंभ है.

जानिए साल 2021 में विज्ञान की दुनिया में क्या होगा सबसे खास

अल्कैमी में गहरी दिलचस्पी

न्यूटन के योगदान में भौतिकी, खगोलविज्ञान, गणित और उसमें कैल्क्युलस, यांत्रिकी, इतिहास, धर्मशास्त्र और लेखन प्रमुख थे. लेकिन कम लोग जानते हैं कि न्यूटन की रसायन शास्त्र में गहरी रुचि थी और उससे भी ज्यादा उन्हें अल्कैमी रोचक लगती थी. उन्होंने रसायनशास्त्र पर बहुत से लेख छोड़े और अल्कैमी पर बहुत सारे प्रयोग भी किए.

Isaac Newton, Birthday, Birthday Special, Scientist, Mathematician, Two different birth dates, Gravity, Inventions,
न्यूटन (Newton) की अल्कैमी (Alchemy) में गहरी रुचि थी, लेकिन उन्होंने इसे छिपाए रखा.(प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


इन विषयों में सबसे ज्यादा दखल

न्यूटन ने एक बड़े लेखक थे. उन्होंने सबसे ज्यादा लेख विज्ञान और गणित पर नहीं बल्कि इतिहास और धर्मशास्त्र पर लिखे हैं. उनकी दर्शनशास्त्र और कालक्रम विज्ञान में ज्यादा रुचि दिखाई दी है. वहीं विज्ञान में उनका द्रव्य यांत्रिकी, प्रकाशीय, जैसे विषयों में भी दखल रहा था. न्यूटन का इलेक्ट्रोमैग्नेटिज्म में कभी दखल नहीं रहा है. उन्होंने कैल्क्युलस का आविष्कार यह सिद्ध करने के लिए किया था कि ग्रह सूर्य का चक्कर अंडाकार कक्षा में लगाते हैं.

क्या विज्ञान से ज्यादा राजनीति से प्रेरित थे नासा के अपोलो अभियान

और मृत्यु का रहस्य

न्यूटन ने आजीवन विवह नहीं किया था. 20 मार्ट 1727 में  लंदन में सोते समय उनकी मृत्यु हुई थी. बताया जाता है कि उनकी मृत्यु के बाद उनके शरीर में बहुत सारा पारा पाया गया था. इसकी कई तरह से व्याख्या की गई. किसी ने इसे उनके अल्कैमी के प्रयोगों से जोड़ा तो किसी ने उनके रासायन व्यवसाय से. लेकिन बहुत से लोग मानते हैं पारे का मिलना उनके सनकीपन को दर्शाता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज