Birthday Steve Jobs : क्यों अपनी बेटी से स्टीव जॉब्स ने हमेशा खराब सलूक किया

स्टीव जॉब्स जितने जीनियस थे, उतना ही उनका पारिवारिक जीवन अस्त-व्यस्त रहा.

स्टीव जॉब्स जितने जीनियस थे, उतना ही उनका पारिवारिक जीवन अस्त-व्यस्त रहा.

एपल के संस्थापक ( founder of apple) स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) का आज जन्मदिन है. जॉब्स जितने जीनियस और जमाने को बदलने वाले बिजनेस मैगनेट के तौर पर जाने जाते हैं. उनकी फैमिली लाइफ उतनी ही समस्याओं से भरी रही. आखिरी क्यों सबसे बड़ी बेटी से उनके रिश्ते हमेशा खराब रहे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 11:53 AM IST
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एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स 24 फरवरी 1955 को सान फ्रांसिस्को में पैदा हुए थे. वो अमेरिका के सबसे प्रसिद्ध बिजनेस मैगनेट्स में थे.  लोग उनके दिमाग को याद देते थे, क्योंकि वो ना केवल नए तरीके से सोचते थे बल्कि उनका विजन बहुत साफ था, उन्हें अंदाज था कि आने  वाले समय में बिजनेस और कामकाज कैसे बदलेगा. उन्होंने एप्पल और अन्य कंपनियों के साथ मिलकर उसी तरह उत्पाद डिजाइन किए और उनकी योजना बनाई. हालांकि स्टीव का अपना जीवन काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहा.

स्टीव जॉब्स की सबसे बड़ी संतान लिजा ब्रेनन ने अपनी किताब "स्मॉल फ्राई" में पिता से अपने रिश्तों का जिक्र किया है. उसमें बताया गया कि लंबे समय तक जॉब्स बेटी को अपनाने से बचते रहे. कोर्ट में यहां तक कह दिया कि उनमें पौरुषत्व ही नहीं है कि वे पिता बन सकें.

स्टीव की बेटी ने किताब में बताईं खराब रिश्ते की वजहें

बाद में डीएनए टेस्ट के नतीजे आने के बाद आखिरकार उन्होंने लिजा को अपनी बेटी माना लेकिन तब भी दोनों के रिश्ते खराब ही रहे. लिजा ने अपनी किताब में खुलकर वो वजहें बताई हैं कि क्यों पिता बेटी को अपनाने से बचते रहे.
तब स्टीव का काम अच्छा नहीं चल रहा था

मई 1978 में लिजा ब्रेनन जॉब्स का जब जन्म हुआ, तब बच्ची की मां क्रिशन ब्रेनन और जॉब्स की उम्र लगभग 23 साल थी. उस वक्त जॉब्स काम के मुश्किल दौर से गुजर रहे थे. एपल पर उनका और उनके सहयोगी का काम चल रहा था. ऐसे में जॉब्स ने बच्ची के जन्म पर चुप रहना ही ठीक समझा. साल 1978 से 1980 तक लिजा की मां छोटे-छोटे काम करके बच्ची का खर्च चलाती रही.

जब लिजा का जन्म हुआ तो स्टीव का काम अच्छा नहीं चल रहा था. बाद में स्टीव ने लिजा की मां और अपनी पार्टनर को छोड़ दिया. आखिरकार उसे अदालत की ओर रुख करना पड़ा. जहां स्टीव ने ऐसा झूठ बोल कि हर कोई हैरत में रह गया.




कोर्ट में स्टीव के झूठ से हर कोई दंग रह गया

आखिरकार 80 में ही उसने बच्ची के खर्च के लिए जॉब्स से गुजारा भत्ता देने की मांग की. जॉब्स इससे मुकर गए. मामला कोर्ट तक जा पहुंचा. यहां जॉब्स ने सीधे कह दिया कि वे पिता बन ही नहीं सकते और बच्ची किसी दूसरे की संतान है.

कैलिफोर्निया की सैंट मैटियो काउंटी में जिला जज के पास जॉब्स ने अपने नपुंसक होने का शपथपत्र दे दिया. डीएनए में सच सामने आया तब जाकर उन्होंने बच्ची के खर्च के लिए महीने के 500 डॉलर देने को हामी भरी. इसके बाद भी वे कहते रहे कि यूएस की 28 प्रतिशत आबादी में से कोई भी पिता हो सकता है.

आखिरकार उन्होंने लिजा को अपनी बेटी माना लेकिन तब भी दोनों के रिश्ते खराब ही रहे


एग्रीमेंट के ठीक चार दिनों बाद एपल पब्लिक कंपनी बन गई और जॉब्स की प्रॉपर्टी 20 करोड़ डॉलर से ज्यादा हो गई.

बहुत बाद में बेटी को पिता के साथ रहने का मौका मिला

"स्मॉल फ्राई" नाम की अपनी किताब में लिजा खुलकर अपने और पिता के रिश्ते की बात कहती हैं कि कैसे साबित होने के बाद भी वे उससे बचते रहे. यहां तक कि उन 500 डॉलर के महीने के भत्ते के अलावा कोई इच्छा पूरी नहीं की.

"द गार्डियन" में छपी रिपोर्ट के मुताबिक किताब में लिजा ने लिखा है कि कैसे उनका बचपन उस बच्ची का बचपन बन गया जो पिता के बारे में जानते हुए भी उससे ठीक से मिल नहीं पाती थी. उम्र के पहले दशक तक कभी-कभार जॉब्स उससे मिलने आते. बाद में किशोरवय बेटी जॉब्स के पास रहने गई. इसी दौर में बेटी को दुनिया के सबसे लोकप्रिय इंसान को एक पिता की तरह देखने का मौका मिला.

लिजा के साथ किस तरह व्यवहार करते थे

जॉब्स के बारे मे कहा जाता था कि वे कार को एक खरोंच लगने पर भी छोड़ देते और नई कार ले लेते थे. लिजा ये बात बखूबी जानती थी. एक दिन नौ साल की लिजा ने पिता से पूछा कि क्या खराब हो जाने पर वे उसे भी कोई कार देंगे. इसपर पिता का सख्त जवाब था- नहीं. तुम्हें कुछ नहीं मिलने वाला. तुम समझ रही हो? कुछ भी नहीं.

यहां तक कि बेहद ठंडे मौसम में कई-कई लिजा के कमरे का हीटिंग सिस्टम खराब रहता था और जानकर भी कथित तौर पर जॉब्स उसे ठीक नहीं होने देते थे. लिजा ने ये भी लिखा है कि कैसे जॉब्स उसके दोस्तों से मेल-मुलाकात और यहां तक कि मां से मिलने पर भी रोक लगाते.

लिजा का कहना है कि जॉब्स उन्हें स्मॉल फ्राई कहा करते थे और उसी याद में उन्होंने किताब का नाम रखा


एपल कंप्युटर का नाम बेटी के नाम पर रखा

लिजा के जन्म के पांच साल बाद जॉब्स ने एपल कंप्यूटर का नाम लिजा रखा. ये नाम उन्होंने अपनी बेटी के ही नाम पर रखा था, हालांकि इसे स्वीकार करने में उन्हें पूरे 20 साल लग गए. बहुत बाद में एक सिंगिंग बैंड के सवाल पर जॉब्स ने माना कि पहले कंप्यूटर का नाम बेटी के ही नाम पर था.

आखिरी समय में भी खराब रहा स्टीव का व्यवहार

वैसे लिजा के पिता के साथ रिश्ते कभी सुखद नहीं रहे. अपनी किताब में वे उस वक्त के बारे में बताती हैं, जब पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे पिता से मिलने वे जाया करती थीं. तब वे बिस्तर पर ठीक से उठ-बैठ भी नहीं पाते थे. बकौल लिजा, वे किसी फूलों की खुशबू वाला परफ्यूम लगाकर गईं लेकिन भीतर जाते ही पिता ने कहा कि उनमें से टॉयलट सी बदबू आ रही है.

स्टीव का खराब बचपन तो इसका जिम्मेदार नहीं

माना जाता है कि जॉब्स के बेटी को लंबे वक्त तक न स्वीकारने की वजह उनके खुद के बचपन में रही है. जॉब्स खुद एक गोद लिए बच्चे थे. अनाथालय से जिस कपल ने उन्हें गोद लिया था, थोड़े ही दिनों बाद उन्हें लगा कि वे बेटा नहीं, बेटी चाहते थे.

कपल ने जॉब्स को एक दूसरे परिवार को दे दिया, जो पढ़ा-लिखा भी नहीं था. अपने बचपन की मुश्किलों से निकले ही थे, कि कम उम्र में बेटी का जन्म जॉब्स के लिए किसी सदमे की तरह आया. वे तब कंप्यूटर बनाने में लगे हुए थे. यही वजह जॉब्स के बेटी को अपनाने से बचने की वजह मानी जाती रही.
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