लाइव टीवी

लॉकडाउन के अनोखे नियम: कहीं कुत्ते टहलाने की छूट, कहीं मर्दों-औरतों के लिए अलग-अलग दिन

News18Hindi
Updated: April 2, 2020, 6:32 PM IST
लॉकडाउन के अनोखे नियम: कहीं कुत्ते टहलाने की छूट, कहीं मर्दों-औरतों के लिए अलग-अलग दिन
कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए सभी देश एक से बढ़कर एक अनोखे तरीके अपना रहे हैं

अपने नागरिकों को कोरोना के संक्रमण (coronavirus infection) से बचाने के लिए सभी देश एक से बढ़कर एक अनोखे तरीके अपना रहे हैं. इसमें महिलाओं और पुरुषों को अलग-अलग दिन घर से बाहर निकलने की छूट जैसे तरीके भी शामिल हैं.

  • Share this:
मध्य अमेरिकी देश पनामा में अब तक 1000 मामले कन्फर्म हो चुके हैं. ये देखते हुए 1 अप्रैल से यहां पर स्ट्रिक्ट लॉकडाउन घोषित हो गया. इसके तहत महिलाओं और पुरुषों को लॉकडाउन में अलग-अलग दिनों में बाहर निकलने की छूट मिलेगी, वो भी सिर्फ 2 घंटों के लिए.

कोलंबिया, जो कि दक्षिण अमेरिका का देश है, यहां भी लॉकडाउन चल रहा है लेकिन यहां नेशनल ID नंबर की आखिरी संख्या को देखकर बाहर निकलने की छूट मिलती है. जैसे अगर कुछ लोगों की ID के आखिर में 7 या 4 है तो वे सोमवार को बाहर निकलेंगे, जबकि जिसके ID में 0 या 3 आता है, वे मंगलवार.

कुत्ते टहलाने का वक्त
सर्बिया के लोग काफी पशु-प्रेमी हैं इसलिए यहां की सरकार ने कुत्तों के मालिकों के लिए dog-walking hour की घोषणा की थी, जिसमें लोग शाम 8 से 9 बजे तक अपने जानवरों को टहलाने बाहर निकल सकते थे. लेकिन अब बढ़ते मामलों के डर से सर्बियन सरकार ने इस नियम को हटा लिया है. वहीं बहुत से पशु चिकित्सकों का मानना है कि लॉकडाउन में इस ढील को हटा लेने से कुत्ते दिनभर घर में रहते हुए बौखलाएंगे. इससे उनमें यूरिनरी समस्याएं बढ़ेंगी और लोगों को हाइजीन बनाए रखने में भी दिक्कत होगी.



यहां की सरकार ने कुत्तों के मालिकों के लिए dog-walking hour की घोषणा की थी




नहीं है कोई वायरस
बेलारूस के प्रेसिडेंट Alexander Lukashenko का कोरोना वायरस के प्रति अलग ही रवैया है. अधिकारियों की सलाह पर, कि उन्हें भी अपने लोगों को वायरस से बचाने के लिए कुछ करना चाहिए, प्रेसिडेंट ने मजाक उड़ाते हुए कहा कि उन्हें तो कहीं भी कोई वायरस उड़ता हुआ नजर नहीं आ रहा. यहां पर हाल ही में एक हॉकी मैच भी हुआ, जिस पर प्रेसिडेंट का तर्क था कि इतनी ठंड में वायरस फैल ही नहीं सकेगा. सरकार के कोई कदम न उठाने के कारण यहां 163 लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं.

निश्चिंत है यहां सरकार
स्केंडिनेवियन देश स्वीडन का रवैया भी वायरस को लेकर खास सख्त नहीं, जबकि उसके पड़ोसी देशों में काफी खलबली है. हालांकि स्वीडन में अब तक कोरोना के 4,500 केस आ चुके हैं लेकिन कोई लॉकडाउन नहीं है, बल्कि सरकार मान रही है कि लोग खुद ही सही तरीके अपनाएंगे और बीमारी से बच सकेंगे. केवल रविवार को 50 से ज्यादा लोगों का एक जगह जमा होना बैन है. इसके अलावा स्कूल खुले हुए है और पब और रेस्त्रां भी खुले हैं.

सरकार मान रही है कि लोग खुद ही सही तरीके अपनाएंगे और बीमारी से बच सकेंगे


सरकारें छाप रहीं कार्टून
मलेशिया में फिलहाल तक 3,116 लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हो चुकी है. इसके बाद भी यहां सरकार लॉकडाउन को लेकर उतनी सख्त नहीं. यहां पर 17 मार्च को ट्रैवल पर हल्की-फुल्की पाबंदी लगी. 31 मिलियन की आबादी वाले इस एशियाई देश में मार्च में ही एक धार्मिक समारोह हुआ था, जिसमें लगभग 16000 लोग शामिल हुए. अब देश में आए आधे से ज्यादा मामलों के मरीज इसी का हिस्सा बताए जा रहे हैं. इसी देश में महिला मंत्रालय ने आंशिक लॉकडाउन के दौरान एक कार्टून डाल दिया, जिसमें औरतों को लॉकडाउन में अपने पतियों को परेशान न करने की सलाह दी गई थी. ट्रोल होने पर ये कार्टून तुरंत हटा लिया गया, लेकिन इससे समझ आता है कि बीमारी को लेकर यहां पर क्या रवैया है.

सबके लिए मास्क
ऑस्ट्रिया में कोविड-19 की बढ़ती रफ्तार डराने वाली है. यहां अब तक लगभग 11000 लोग इससे संक्रमित पाए गए हैं. इसके बाद से यहां की सरकार ने सबके लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है, जबकि World Health Organization के अनुसार स्वस्थ लोगों को मास्क पहनने की जरूरत नहीं. 1 अप्रैल को चांसलर Sebastian Kurz ने इसकी घोषणा करते हुए जनता में लाखों मास्क बंटवाए. इस तरह से चेक रिपब्लिक, स्लोवाकिया, बोस्निया और हर्जेगोविना के बाद ये चौथा यूरोपियन देश है जिसने मास्क अनिवार्य कर दिया है.

यहां की सरकार ने सबके लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है


कोरोना वायरस (coronavirus) के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत के अलावा भी बहुत से देश लॉकडाउन कर चुके हैं. वैक्सीन (vaccine) की खोज में जुटे वैज्ञानिकों का मानना है कि फिलहाल हमारे पास वायरस को बढ़ने से रोकने (prevention of virus) के लिए इससे बेहतर कोई रास्ता नहीं. इसे विज्ञान की भाषा में flattening the curve कहते हैं. यानी हम बीमारी को रोक नहीं सकेंगे लेकिन उसकी गति को कम कर सकेंगे. इस बीच वैक्सीन खोजने का वक्त मिल सकेगा. बता दें कि देश में आज लॉकडाउन का 9वां दिन है. इस बीच कोरोना के पॉजिटव मामले 2000 पार कर चुके हैं लेकिन दूसरे देशों की तुलना में इन आंकड़ों को देखते हुए वैज्ञानिक मान रहे हैं कि भारत अभी संक्रमण के तीसरे चरण में नहीं पहुंचा है. यानी लॉकडाउन का मकसद काफी हद तक सफल माना जा रहा है.

ये भी पढ़ें:-

उस रात टीम इंडिया ने देश को दिया खुशनुमा लम्हा, हम बने फिर वर्ल्ड चैंपियन

भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस ने कहा था, विनाश लेकर आएगा साल 2020


2050 में चीन और भारत होंगे दुनिया के दो सुपर पावर, अमेरिका हो जाएगा पीछे


सिर्फ खांसी या छींक से नहीं फैलता कोरोना, स्वस्थ व्यक्ति भी फैला रहे हैं संक्रमण


70 सालों के सबसे बुरे दौर में पहुंच गए हैं अमेरिका-चीन संबंध

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 2, 2020, 6:01 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading