लाइव टीवी

40 साल की हुई बीजेपी, जनता पार्टी टूटने के बाद अटल ने रखी थी आधारशिला

Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: April 6, 2020, 10:15 AM IST
40 साल की हुई बीजेपी, जनता पार्टी टूटने के बाद अटल ने रखी थी आधारशिला
बीजेपी आज 40 साल की हो गई(फाइल फोटो)

06 अप्रैल को बीजेपी 40 साल की हो गई. 1980 में इस पार्टी की आधारशिला अटलबिहारी वाजपेयी ने रखी थी. दरअसल जनता पार्टी के टूटने के बाद ये पार्टी सामने आई थी. उसके बाद से इसका ग्राफ लगातार चढ़ता गया है. इस समय ये देश की शासक पार्टी होने के साथ 18 राज्यों में सरकार चला रही है

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 6, 2020, 10:15 AM IST
  • Share this:
6 अप्रैल 1980 को अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय जनता पार्टी का गठन किया. यानि बीजेपी अब 40 साल की हो गई. इस उम्र तक आते-आते बीजेपी ऊंचाइयां छू रही लगती है. ऐसी पार्टी, जिसने 30 साल की उम्र के बाद पीक पर पहुंचना शुरू किया. उम्र के इस पड़ाव पर वो जोश, ऊर्जा और उम्मीदों से भरी लगती है. छह अप्रैल 1980 को अटल ने जनता पार्टी के टूटने के बाद दिल्ली में इस पार्टी का गठन किया था. तब से बीजेपी ने एक लंबी और सफलताओं से भरी यात्रा पूरी की है. केंद्र में जहां बीजेपी की अगुवाई वाली मजबूत एनडीए सरकार है, वहीं 18 राज्यों में उसकी सरकारें हैं.

कहां हैं इस पार्टी की जड़ें
भारतीय जनता पार्टी की आधिकारिक बेवसाइट में पार्टी के इतिहास के बारे में लिखा है कि बीजेपी संघ परिवार की महत्वपूर्ण सदस्य है. जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा के साथ पोषित होती है. यानि पार्टी की जड़ें संघ से जुड़ी हैं, जो समय के साथ देश का सबसे मजूबत संगठन बन चुका है, जो देश में करीब 60 हजार शाखाओं के साथ खुद को संचालित करता है.

भारतीय जनसंघ से क्या है बीजेपी का नाता



दरअसल देश की आजादी के बाद संघ के सहयोग से भारतीय जनसंघ का जन्म हुआ था. इसे भारतीय जनसंघ के रूप में जाना जाता था. इसकी स्थापना श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में की थी. इसने पहले लोकसभा का चुनाव लड़ा. उसमें पार्टी को तीन सीटें मिलीं.



1977 के चुनावों में जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हो गया. दोहरी सदस्यता के मुद्दे पर जनता पार्टी की सरकार 1979 जब गिरी तो इसके जनसंघ घटक ने अलग राष्ट्रीय पार्टी के गठन का फैसला किया. अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने भारतीय जनता पार्टी के नाम से इसकी नींव रखी. इसका जन्म सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अवधारणा पर हुआ.



क्या है निशान
बीजेपी का चुनाव चिह्न कमल का फूल है. कमल फूल को बीजेपी भारत की सांस्कृतिक परंपरा से जोड़कर देखती है.

बीजेपी ने पहला चुनाव कब लड़ा
1980 में गठन के बाद पार्टी ने पहला आम चुनाव 1984 में लड़ा. तब उन्हें केवल दो सीटों पर ही कामयाबी मिली. लेकिन बीजेपी की आधिकारिक साइट कहती है कि उस चुनाव में बीजेपी को देश में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा वोट शेयर हासिल हुए थे.



पार्टी कैसे आगे बढ़ी
- अटल बिहारी वाजपेयी को पार्टी का उदारवादी चेहरा माना जाता था. 1984 के चुनावों में पार्टी की असफलता के बाद आत्मावलोन के लिए एक कार्यकारी समिति का गठन हुआ ताकि आत्मवलोन के जरिए पार्टी कमियों की ओर देखे. आगे की रणनीति तैयार करे.
- पार्टी ने हिंदुत्व और हिंदू कट्टरवाद का पूरी दृढता से पालन करने का फैसला किया.
- 1984 में लालकृष्ण आडवाणी पार्टी के अध्यक्ष बनाए गए. पार्टी ने विश्व हिंदू परिषद के साथ मिलकर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण अभियान की शुरुआत की.
- राम मंदिर आंदोलन ने भाजपा की लोकप्रियता में जबरदस्त बढोतरी की.



1989 में उछाल
- 1989 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को 85 सीटें मिलीं. उसने नेशनल फ्रंट की विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार का महत्वपूर्ण समर्थन किया.

1990 टर्निंग साल
- सितम्बर 1990 में आडवाणी ने राम मंदिर आंदोलन के समर्थन में अयोध्या के लिए 'रथ यात्रा' शुरू की. यात्रा के कारण होने वाले दंगों के कारण बिहार सरकार ने आडवाणी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन कारसेवक और संघ परिवार कार्यकर्ता फिर भी अयोध्या पहुंच गए. बाबरी ढांचे का विध्वंस की कोशिश में अर्द्धसैनिक बलों से उनका मुकाबला हुआ. कई कारसेवक मारे गए.ये बीजेपी के लिए टर्निंग प्वाइंट था. इसके बाद बीजेपी लगातार बड़ी ताकत बनती चली गई



06 दिसंबर 1992 ने बदली तकदीर
06 दिसम्बर 1992 को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और इससे जुड़े संगठनों की रैली अयोध्या पहुंची. इसमें हजारों कार्यकर्ता शामिल थे. बाबरी मस्जिद गिरा दी गई. देशभर में सांप्रदायिक हिंसा हुई. दो हजार से अधिक लोग मारे गये. आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत कई नेता विध्वंस के दौरान उत्तेजक भड़काऊ भाषण देने के कारण गिरफ़्तार कर लिए गए.



बढता गया ग्राफ
- 1996 के चुनाव में बीजेपी लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. राष्ट्रपति ने बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार कुछ दिनों में ही गिर गई.
- 1998 में मध्यावधि चुनाव हुए. जिसमें बीजेपी को 182 सीटें मिलीं. बीजेपी ने अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई में गठबंधन सरकार बनाई.
- एक साल बाद देश में फिर मध्यावधि चुनाव हुए. फिर बीजेपी को 182 सीटें मिलीं. साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को 294 सीटें मिलीं. अटल तीसरी बार प्रधानमंत्री बने. पांच साल का कार्यकाल पूरा किया.



2014 में जबरदस्त उछाल
2014 बीजेपी के लिए सबसे अहम साल रहा. गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने 282 सीटों पर जीत हासिल की. इतनी ताकत इससे पहले कभी बीजेपी को चुनावों में नहीं मिली थी. नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने. हालांकि बीजेपी अकेले की सरकार बना सकती थी लेकिन उसने नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट बनाकर कई अन्य दलों को भी साथ लिया.

वर्ष 2019 में और बड़ा बहुमत 
एक साल पहले वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. पूरे देश में उसने अकेले ही 303 सीटें जीतीं. बीजेपी ने कई राज्यों में क्लीन स्वीप भी किया. राज्यसभा में बीजेपी की ताकत 83 सदस्यों की है.

लोकसभा चुनाव में सीटें
साल         सीटें    वोट शेयर
1984        02    7.74
1989      85    11.36
1991      120   20.11
1996      161   20.29
1998      182   25.59
1999      182   23.75
2004      138   22.16
2009      116   18.70
2014      282   31.34
2019      303   37.46



कितने राज्यों में सरकार
फिलहाल 18 राज्यों में बीजेपी के मुख्यमंत्री हैं
- ये राज्य हैं - अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, त्रिपुरा, असम (असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के साथ), गोवा (गोवा फॉरवर्ड पार्टी और महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी के साथ), गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, मणिपुर (नागा पीपुल्स फ्रंट, नेशनल पीपल्स पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी के साथ), उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश.
- 06 राज्यों में अन्य राजनीतिक दलों के साथ सत्ता में भागीदारी. ये राज्य हैं-आंध्र प्रदेश (तेलुगू देशम पार्टी के साथ), बिहार (जनता दल (संयुक्त), लोक जनशक्ति पार्टी, राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी और हिंदुस्तानी Awam मोर्चा के साथ), नागालैंड (नागा पीपुल्स फ्रंट के साथ), सिक्किम (सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के साथ), मेघालय (नेशनल पीपुल्स पार्टी, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट और हिल स्टेट पीपु्ल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ) और तमिलनाडु (एआईएडीएमके के साथ)

सबसे ज्यादा सदस्य
बीजेपी का दावा है कि वह दुनिया सबसे ज्यादा सदस्यों वाली अकेली पार्टी है. पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल पर दावा किया था कि पार्टी की सदस्यता अब करीब 18 करोड़ है.

अब तक के अध्यक्ष
1. अटल बिहारी वाजपेयी          - 1980 से 1986 तक
2. लाल कृष्ण आडवाणी           - 1986 से 1990 तक
3. डॉ. मुरली मनोहर जोशी        - 1990 से 1992
4. लाल कृष्ण आडवाणी           - 1992 से 1998
5. स्व. कुशाभाऊ ठाकरे          - 1998 से 2000
6. स्व. बंगारू लक्ष्मण            - 2000 से 2001
7.स्व. के. जना कृष्णमूर्ति          - 2001 से 2002
8. एम. वेंकैया नायडू             - 2002 से 2004
9. लाल कृष्ण आडवाणी           - 2004 से 2006
10 राजनाथ सिंह                 - 2006 से 2009
11. नितिन गडकरी               - 2009 से 2013
12. राजनाथ सिंह                - 2013 से 2014
13 अमित शाह                  - 2014 से अबतक
14 जेपी नड्डा                    - 20 जनवरी 2020 से

ये भी पढ़ें
आईआईटी रुड़की ने बनाया कम कीमत वाला पोर्टेबल वेंटिलेटर, जानें खासियत
AI तकनीक डॉक्टरों की करेगी मदद, संक्रमित मरीजों की गंभीरता का पता चलेगा जल्दी
क्या है इम्युनिटी सर्टिफिकेट, जिसे लेकर लॉकडाउन में भी निकल सकते हैं बाहर
इक्वाडोर के इस शहर में सड़कों पर ही छोड़ दी जा रही हैं लाशें
Coronavirus: आईआईटी रुड़की ने बनाया सस्‍ता पोर्टेबल वेंटिलेटर, जानें खासियत

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 6, 2020, 10:15 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading