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महाराष्ट्र में बीजेपी ऐसे तैयार कर रही है सरकार गठन का रास्ता

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Updated: October 29, 2019, 8:23 PM IST
महाराष्ट्र में बीजेपी ऐसे तैयार कर रही है सरकार गठन का रास्ता
बीजेपी विधायक दल की बुधवार को हुई बैठक में देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है

महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार गठन को लेकर बीजेपी (BJP) तैयारियों में जुटी है. इस लिहाज से बुधवार का दिन अहम होने वाला है...

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महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार गठन को लेकर शिवसेना (Shiv sena) ने अपने तेवर तीखे कर लिए हैं. शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में किसी दुष्यंत के पिता जेल में नहीं हैं. संजय राउत से पूछा गया था कि महाराष्ट्र में चुनाव से पहले बीजेपी-शिवसेना (BJP-Shivsena) में गठबंधन हो जाने के बावजूद सरकार बनने में इतनी देरी क्यों हो रही है.

संजय राउत बोले-
‘यहां कोई दुष्यंत नहीं है, जिसके पिता जेल में हों. हम धर्म और सत्य की राजनीति करते हैं. शरद पवार जी ने भाजपा के खिलाफ माहौल बनाया. वह कभी भाजपा के साथ नहीं जाएंगे.’

महाराष्ट्र चुनाव नतीजों के ऐलान के साथ ही शिवसेना ने अपने तेवर कड़े कर लिए. शिवसेना अपने 50-50 फॉर्मूले के तहत सरकार चाहती है, जिसमें ढाई साल बीजेपी और ढाई साल शिवसेना का मुख्यमंत्री हो. इस फॉर्मूले पर बीजेपी को राजी करने के लिए वो जमकर प्रेशर पॉलिटिक्स कर रही है. शिवसेना लगातार सख्त तेवर वाले बयान दे रही है.

इसके पहले सोमवार को शिवसेना ने कहा था कि राजनीति में कोई साधु-संत नहीं होता. इस बयान के जरिए शिवसेना का इशारा था कि बीजेपी के साथ बात नहीं बनने की सूरत में वो कांग्रेस और एनसीपी के साथ जा सकती है. संजय राउत ने कहा था कि 'हम बीजेपी का इंतजार करेंगे. लेकिन हमें अन्य विकल्प पर विचार करने से न रोकें. हम इस पाप को नहीं करना चाहते.' लेकिन साथ ही ये भी जोड़ा था कि हम 'कांग्रेस एनसीपी का समर्थन लेने की आशंका से मना नहीं कर सकते. राजनीति में कोई भी साधु संत नहीं होता. हालांकि शिवसेना अब भी अपने सिद्धांतों में विश्वास करती है.'



महाराष्ट्र में फिर से बड़े रोल में आना चाहती है शिवसेना
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5 साल पहले 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले भी शिवसेना ने यही किया था. सीट बंटवारे के मसले पर बीजेपी-शिवसेना का 25 साल पुराना गठबंधन टूट गया था. लेकिन 2014 के चुनाव नतीजों ने शिवसेना के तेवर ढीले कर दिए. 2014 में बीजेपी को 122 और शिवसेना को 63 सीटें मिलीं. बाद में शिवसेना महाराष्ट्र की सरकार में शामिल भी हुई. हालांकि उन्होंने सरकार पर हमले जारी रखे.

bjp is preparing the way for government formation in maharashtra in devendra fadnavis leadership
शिवसेना ने सरकार गठन के लिए 50-50 के फॉर्मूले की शर्त रखी है


दरअसल महाराष्ट्र की राजनीति पहले की तुलना में काफी बदल चुकी है. शिवसेना महाराष्ट्र में अपनी पुरानी सियासी जमीन वापस पाने की लड़ाई लड़ रही है. 2014 से पहले महाराष्ट्र में शिवसेना गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में होती थी. जैसा बिहार में बीजेपी-जेडीयू गठबंधन में जेडीयू और उसके अध्यक्ष नीतीश कुमार होते हैं, लेकिन 2014 के बाद हालात बदल चुके हैं. महाराष्ट्र में बीजेपी अब बड़ी भूमिका में है.

बीजेपी को अकेले दम पर बहुमत भले नहीं मिल रहा हो लेकिन वो महाराष्ट्र की सबसे बड़ी पार्टी है. इस बार के चुनाव नतीजों में बीजेपी को 105 और शिवसेना को 56 सीटें मिली हैं. दोनों पार्टियों की सीटें कम हुई हैं, लेकिन शिवसेना आदित्य ठाकरे को सीएम की कुर्सी दिलवाने पर अड़ी है. बताया जा रहा है कि बीजेपी आदित्य ठाकरे को डिप्टी सीएम का पद देने को तैयार है, लेकिन शिवसेना डिप्टी सीएम के पद पर मान नहीं रही हैं.

शिवसेना डिप्टी सीएम के पद पर राजी नहीं है और बीजेपी 50-50 के फॉर्मूले पर शिवसेना को सीएम की कुर्सी देने को तैयार नहीं है. सवाल है कि फिर महाराष्ट्र में सरकार कैसे बनेगी?

बुधवार को होगा अहम फैसला
महाराष्ट्र में 8 नवंबर तक सरकार का गठन होना है. बीजेपी का कहना है कि वो शिवसेना की मदद से सरकार बना लेगी, लेकिन शिवसेना सीएम की कुर्सी की मांग पर अड़ी है. बीजेपी ने बुधवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है. इसमें विधानसभा में पार्टी का नेता चुना जाएगा. बताया जा रहा है कि शिवसेना पर दबाव बनाने के लिए बुधवार को ही बीजेपी सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है.

बुधवार को देवेंद्र फडणवीस को औपचारिक तौर पर मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुना जा सकता है. बीजेपी निर्दलीय विधायकों को अपने पाले में करने की कोशिश में है. 13 निर्दलीय विधायकों में से अधिकतर ने बीजेपी को समर्थन दिया है. इसमें बीजेपी के बागी भी शामिल हैं. हालांकि बीजेपी को उम्मीद है कि शिवसेना के साथ उनकी सहमति बन जाएगी.

मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना को इशारों में जवाब दे दिया. उन्होंने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने ऐसे किसी फॉर्मूले पर अब तक फैसला नहीं लिया है, जिसमें शिवसेना को सीएम का पद दिया जाना हो. उन्होंने कहा कि मैं भरोसा देता हूं कि अगली सरकार भी बीजेपी के नेतृत्व में होगी.

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शिवसेना आदित्य ठाकरे के लिए सीएम की कुर्सी चाहती है

मौके का फायदा उठाने की जुगत में शिवसेना
2014 की तुलना में बीजेपी और शिवसेना दोनों की सीटें कम हुई हैं. 2014 में बीजेपी बहुमत से सिर्फ 23 सीटें दूर थीं. देवेंद्र फडणवीस बिना शिवसेना के सहयोग के सरकार बना ले जाने की स्थिति में थे. इस बार स्थितियां अलग हैं. बीजेपी को पिछली बार की तुलना में 17 सीटें कम आई हैं. बीजेपी बहुमत से 40 सीटें नीचे है.

इस स्थिति का शिवसेना फायदा उठाना चाह रही है. शिवसेना ने 2014 में सरकार में शामिल होते वक्त डिप्टी सीएम का पद मांगा था. लेकिन फडणवीस की सरकार में उन्हें डिप्टी सीएम का पद तक नहीं मिला. शिवसेना को गृहराज्य मंत्री का पद लेकर समझौता करना पड़ा था. बीजेपी को कम सीटें मिलने की वजह से देवेंद्र फडणवीस की साख घटी है. शिवसेना इस मौके का भरपूर फायदा उठाना चाह रही है.
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First published: October 29, 2019, 1:12 PM IST
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