जानिए, Boko Haram की स्कूली बच्चों से क्या दुश्मनी है, क्या करता है उनके साथ

बोको हराम एक चरमपंथी समूह है- सांकेतिक फोटो (news18 creative)

बोको हराम एक चरमपंथी समूह है- सांकेतिक फोटो (news18 creative)

स्कूल बंद करवाने पर तुले बोको हराम (Boko Haram) की कैद से हाल में लगभग 300 बच्चे छुड़वाए गए. इससे पहले संगठन ने स्कूली लड़कियों को उठा लिया था, जिनमें से कम ही वापस लौट सकीं.

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  • Last Updated: December 19, 2020, 11:39 AM IST
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नाइजीरिया में आतंकी संगठन बोको हराम की कैद से बच्चे छुड़ाए जा चुके हैं. बता दें कि आतंकियों ने स्कूल पर हमला कर 300 से ज्यादा बच्चों को अगवा कर लिया था और हमले की जिम्मेदारी भी ली. अब कुछ ही दिनों के भीतर ये बच्चे वापस लौट चुके हैं, लेकिन अब भी वे डरे हुए हैं और आतंकियों के जुल्म की कहानी सुना रहे हैं. बोको हराम ने इससे पहले लड़कियों के स्कूल पर भी हमला कर सैकड़ों को अपहृत किया था लेकिन उनमें से कुछ ही वापस लौट सकीं.

नाइजीरिया के चिबोक कस्बे से अप्रैल के महीने में साल 2014 में 276 बच्चियों को अगवा कर लिया. हमला चरमपंथी समूह बोको हरम ने किया था. लड़कियां बोर्डिंग स्कूल से उठाई गई थीं. इस घटना के बाद पूरी दुनिया में तहलका मच गया. किसी को नहीं पता था कि लड़कियां कहां रखी गई हैं और वे जिंदा हैं भी या नहीं. 4 साल बाद 107 लड़कियां लौटा दी गईं. लेकिन अब भी आधी से ज्यादा लड़कियां लापता हैं. परिवार अब उनके लौटने की उम्मीद लगभग खो चुका है.

चिबोक कस्बे से अप्रैल के महीने में साल 2014 में 276 बच्चियों को अगवा किया गया था


अफ्रीका के सबसे ज्यादा आबादी वाले देश नाइजीरिया का बोको हरeम के साथ लड़ाई का ये दसवां साल है. बोको हराम ने यहां बुरी तरह से उत्पात मचाया हुआ है और लगातार अपहरण, हत्याएं और धमाके कर रहा है. स्कूली छात्राओं का अपहरण इसी में से एक है.
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साल 2002 में बना बोको हराम एक चरमपंथी समूह है जो नाइजीरिया से सरकार या किसी भी तरह की सत्ता को हटाकर उसे पूरी तरह से इस्लामिक स्टेट बनाना चाहता है. इसका ऑफिशियल नाम जमात एहल अस-सुन्ना लिद-दावा वल-जिहाद है. इसके मायने हैं- पैगंबर की शिक्षा और जेहाद को बढ़ाने में जुटे हुए लोग. मैदुगुरी शहर में इस संगठन का हेडक्वार्टर है. वैसे बोको हराम का नाइजीरिया की भाषा होसा में शाब्दिक अर्थ है पश्चिमी शिक्षा हराम यानी वर्जित है.

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सैकड़ों स्कूली लड़कियों के अपहरण के बाद दुनियाभर के सरकारी, गैर-सरकारी संगठन और राजनैतिक पार्टियां उन्हें बोको हरम की कैद से निकालने में जुट गईं. इस बारे में सोशल मीडिया पर एक हैशटैग भी चला- Bring Back Our Girls. चार साल बाद सत्तासीन पार्टी की बातचीत और कैदियों की अदला-बदली जैसी डील के बाद लगभग आधी लड़कियां लौटाई गईं.

अब भी आधी से ज्यादा लड़कियां लापता हैं- सांकेतिक फोटो (pixabay)


बोको हराम से बाहर आते ही लड़कियों को सख्त निगरानी में रखा गया. उन्हें परिवार से अलग राजधानी अबुजा में रखा गया, जहां सरकारी कर्मचारियों ने हफ्तों उनसे सवाल-जवाब किए. इसके पीछे तर्क था कि इससे लापता लड़कियों का पता लगाने में आसानी होगी.

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छूटकर आई लड़कियों के साथ असल में क्या होता रहा, इसकी कोई पक्की तफसील नहीं. लड़कियों को कुछ भी बोलने की मनाही है वरना इनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है. हालांकि टुकड़ों-टुकड़ों में कही बातों से सामने आया सच बहुत डरावना है.

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लड़कियों को घने जंगल के बीच किसी ऐसी जगह रखा गया था, जहां सूरज की रोशनी भी न आ सके. उनसे खाना पकवाने, मजदूरी जैसे काम कराने के साथ उन्हें सेक्स स्लेव बनाकर रखा जाता रहा. हर लड़की को एक टेंट में रखा जाता, जहां मिलिटेंट आते और अपने लिए लड़की चुनकर ले जाते. कई लोगों ने आगे शादियां भी कर लीं और गर्भवती होकर भी लौटीं.

बोको हराम की ज्यादतियों के बावजूद कोई इस चरमपंथी समूह का कुछ नहीं बिगाड़ पाता - सांकेतिक फोटो (pixabay)


कुल मिलाकर कैद से निकली लड़कियों की जिंदगी और भी बदतर हो गई. वे स्कूल तो गईं लेकिन उन्हें कैंपस से निकलने और किसी से मिलने-जुलने की आजादी नहीं है. कैद के दौरान गर्भवती हुई लड़कियों को मां बनने के बाद भी अपने बच्चे से मिलने की इजाजत नहीं. उन्हें अपने परिवारों से मिलने के लिए भी किसी बड़े त्योहार का इंतजार करना होता है.

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बोको हराम की ज्यादतियों के बावजूद कोई इस चरमपंथी समूह का कुछ नहीं बिगाड़ पाता तो इसके पीछे स्थानीय लोगों में इसका दबदबा है. नाइजीरिया के 6 प्रांत इसके कंट्रोल में हैं और यहां सरकार का कोई दखल नहीं. ड्रग्स और तेल माफिया की तरह भी ये काम कर रहा है, जिसके कारण पैसों की कोई कमी नहीं. स्थानीय लोग डरने की वजह से विरोध नहीं कर पाते. स्थानीय लोगों का समर्थन न मिलने की वजह से सैन्य कार्रवाई भी यहां खास कारगर नहीं रही. हालांकि नाइजीरियन सेना जब-तब इसे खत्म करने की बात करती है लेकिन कुछ दिनों बाद दोबारा कोई हमला या अपहरण हो जाता है.
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