एक राष्ट्रपति ऐसा भी जो कोरोना में मौत को नियति मानता है

एक राष्ट्रपति ऐसा भी जो कोरोना में मौत को नियति मानता है
बढ़ते इंफेक्शन के बीच भी प्रेसिडेंट ने कहा कि ब्राजील के लोगों को बीमारी से डरने की जरूरत नहीं

ब्राजील (Brazil) में पिछले 24 घंटे के दौरान 20,647 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही मरने वालों का आंकड़ा 44,118 हो चुका है. इधर पुरानी लाशें खोदकर नई लाशें दफनाने का आदेश दे चुके प्रेसिडेंट जेयर बोल्सोनारो (Jair Bolsonaro) ने निर्ममता से कह दिया है कि मौत तो सबकी नियति है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 16, 2020, 11:15 AM IST
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दुनियाभर में कोरोना संक्रमण (coronavirus infection worldwide) कम होने का नाम नहीं ले रहा. बढ़ते आंकड़ों के साथ लैटिन अमेरिकी देश ब्राजील कोरोना का ग्लोबल हॉटस्पॉट (corona global hotspot) बन चुका है. संक्रमण का पहला मामला वहां 3 मार्च को आया था और इस वक्त वहां कोरोना संक्रमितों की संख्या 891,556 हो चुकी है. इस तरह से ये अमेरिका के बाद खड़ा है. हालात इतने खराब है कि इस देश में अंतिम संस्कार के लिए कब्रिस्तान कम पड़ चुके हैं. ये बात सुर्खियों में है कि कैसे पुरानी लाशें खोदकर निकाली जा रही, और नई दफनाई जा रही हैं. इसी बीच लापरवाही दिखाते हुए प्रेसिडेंट बोल्सोनारो ने मौत को नियति (death is destiny) बता दिया. इसके बाद से बवाल मचा हुआ है. जानिए, कौन हैं ये राष्ट्रपति जो महामारी को भी इतने हल्के तौर पर ले रहे हैं.

दक्षिणपंथी प्रेसिडेंट जेयर बोल्सोनारो को कोरोना की शुरुआत से ही महामारी को हल्के तौर पर लेने के आरोप लगते रहे हैं. वे सोशल लिबरल पार्टी से हैं. अक्सर अपने विवादित बयानों की वजह से चर्चा में रहने वाले इस प्रेसिडेंट को ट्रंप से मिलते-जुलते रवैये के कारण बहुत बार Brazilian Donald Trump भी कहा जाता है.

बोल्सोनारो ने इससे पहले लंबा वक्त फौज को दिया, जहां से वे राजनीति में आ गए. इसके बाद से वे असंवेदनशील बयान देते रहे हैं. जैसे साल 2011 में मीडिया में उन्होंने गे राइट्स पर चर्चा करते हुए साफ कहा था कि अगर उनका बेटा गे हो तो वे उसे कतई प्यार नहीं कर सकेंगे. बेहद गंभीरता से बोल्सोनारो ने कहा कि किसी समान सेक्स से प्यार की बजाए मैं चाहूंगा कि मेरा बेटा एक्सिडेंट में मर जाए.



बोल्सोनारो पर कोरोना की शुरुआत से ही महामारी को हल्के तौर पर लेने के आरोप लगते रहे हैं

प्रेसिडेंट बोल्सोनारो को महिला-विरोधी भी माना जाता है. बता दें कि ये वही प्रेसिडेंट है जिसने एक बार एक महिला को रेप करने के लिहाज से काफी ज्यादा बदसूरत कहा था. खुद पर लगे रेप के आरोप में बोल्सोनारो ने कहा था कि मैं रेपिस्ट नहीं हूं लेकिन अगर मैं ऐसा करता भी तो इतनी बदसूरत महिला से नहीं करता.

मिलिट्री में कप्तान रह चुका ये राष्ट्रपति कई बार देश में तानाशाही की वकालत कर चुका है. उसका कहना है कि देश में इससे काफी सुधार हो जाएगा. मालूम हो कि इस देश में साल 1964 से लेकर 1985 तक तानाशाही रह चुकी है, जिस दौरान मामूली बात भी पर भी लोगों की जान ले ली जाती थी.

इधर कोरोना फैलने के बाद भी प्रेसिडेंट ने बड़े ही कैजुअल तरीके से मौत को डेस्टिनी बता दिया. जबकि फिलहाल ब्राजील की हालत काफी खराब है. पूरे विश्व में ये देश कोरोना वायरस के नए हॉटस्पॉट के रूप में उभरा है, जिसमें पेरू, इक्वाडोर, चिली और पनामा जैसे राष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. मरीजों के मौत की दर काफी ज्यादा लगभग 5 फीसदी है. इसपर प्रेसिडेंट बोल्सोनारो के घर के सामने खड़ी भीड़ जब उनसे सवाल करने लगी तो उन्होंने कहा कि एक न एक दिन मौत तो सबकी डेस्टिनी है, फिर इसे लेकर इतना डरने की क्या जरूरत. प्रेसिडेंट ने ये भी कहा कि एक न एक दिन हर कोई इस वायरस की चपेट में आने वाला है.

हालत इतनी बगड़ चुकी है कि देश कब्रिस्तान की मारामारी से जूझ रहा है (Photo- cnn)


इधर देश की हालत इतनी बगड़ चुकी है कि देश कब्रिस्तान की मारामारी से जूझ रहा है. यही वजह है कि ब्राजील के मुख्य शहर साओ पाउलो (São Paulo) में पुराने शवों के अवशेष निकालकर एक बड़े कंटेनर में जमा किए जा रहे हैं और उस जगह पर नए संक्रमित शवों को दफनाया जा रहा है. कहा जा रहा है कि पुराने शवों के अवशेषों को भी यूं ही नहीं छोड़ दिया जाएगा, बल्कि उन्हें कुछ दिनों बाद दूसरे शहरों के खाली कब्रिस्तान में दफना दिया जाएगा. कुछ समय पहले ही साओ पाउलो के मेयर ने साफ कह दिया था कि हमारे यहां अस्पताल 90 फीसदी भर चुके हैं और जल्द ही व्यवस्था ढह जाएगी. इसके बाद भी कथित तौर पर वहां अस्पतालों के नए इंतजाम नहीं हुए और मरीजों को घर पर ही रहने को कहा जा रहा है. संक्रमण फैलने की ये भी एक वजह मानी जा रही है. साथ ही यहां क्वारंटाइन का आदेश तो है लेकिन उसपर कोई निगरानी नहीं. नियम तोड़ने वालों के लिए कोई सख्त सजा नहीं है. यही कारण है कि वीकेंड पर अब भी लोग समुद्र किनारे जा रहे हैं.

तेजी से बढ़ते इंफेक्शन के बीच भी प्रेसिडेंट ने कहा कि ब्राजील के लोगों को बीमारी से डरने की जरूरत नहीं. खुद अपना हवाला देते हुए इन्होंने कहा कि मैं फौजी और एथलीट हूं. अगर मुझे कोरोना संक्रमण होता है तो भी कुछ नहीं होगा, बस हल्का सा फ्लू दिखाई देगा.

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