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तीन महीने तक हर हफ्ते साढ़े सात घंटे का इलाज, और उम्र 25 साल कम

इस शोध में 64 साल की उम्र के सभी प्रतिभागियों में उपचार (Treatment)के बाद 25 साल कम उम्र के लक्षण दिखे. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
इस शोध में 64 साल की उम्र के सभी प्रतिभागियों में उपचार (Treatment)के बाद 25 साल कम उम्र के लक्षण दिखे. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

इजराइल (Israel) के एक शोध में दावा किया गया है कि वैज्ञानिकों की पड़ताल ने उम्र बढ़ने (Aging) की प्रक्रिया को पलटने में कामयाबी हासिल कर ली है जिससे तीन महीने में ही उम्र 25 साल कम हो रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 25, 2020, 6:45 AM IST
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उम्र (Aging) का ढलना एक प्राकृतिक प्रक्रिया (natural Processes) है. लेकिन इंसान हमेशा से ऐसी फिराक में लगा रहा है कि किसी तरह से एक उम्र के बाद यह प्रक्रिया रोकी जा सके. यह अब करोड़ों अरबों रुपयों की इंडस्ट्री बन चुकी है. चेहरे की झुर्रियों गायब करने वाली वाली दवा, बुढ़ापे की बीमारियों से निजात, और ऐसे कई प्रयास है जो लोग अपने बुढ़ापे को रोकने के लिए करते हैं. लेकिन इस दिशा में एक बड़ी सफलता का दावा किया जा रहा है. शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने इंसान के शरीर के बूढ़े होने की प्रक्रिया को पलटने (Reverse) में सफलता हासिल कर ली है.

इजराइल की टीम की खोज
इजराइल में वैज्ञानिकों की एक टीम ने दावा किया है कि उन्होंने एक बड़ी सफलता के तहत को  बूढ़े होने की प्राकृतिक प्रक्रिया को वास्तव में उल्टा कर दिखाया है. व्यस्क खून की कोशिकाओं में ऑक्सीजन का उपयोग करने वाली इस थेरेपी में पाया गया है कि कोशिकाएं युवाएं बनती गईं. तेल अवीव यूनिवर्सिटी और शामिर मेडिकल सेंटर के वैज्ञानिकों के इस प्रोजेक्ट की पड़ताल पिछले सप्ताह ही एजिंग मैग्जीन में प्रकाशित हुई है.

क्या किया गया शोध में
टीम ने हाई प्रेशर ऑक्सीजन से कोशिकाओं का एक प्रेशर चैम्बर में उपचार किया. इससे वे बढ़ती उम्र की प्रक्रिया को रोकने में तो कामयाब रहे ही, बल्कि बढ़ती उम्र और उसकी बीमारियों से संबंधित दो बड़ी प्रक्रियाओं को भी पलटने में कामयाब रहे. पहली प्रक्रिया टेरोमर्स (Telomeres) को छोटा करने की है. टेलेमियर्स क्रोमोजोम में मौजूद कैप के आकार की संरचना होती है. वहीं दूसरी प्रक्रिया में शरीर में पुरानी और खराब कोशिकाओं जमा होना है.



किस पर किया गया प्रयोग
तेल अवीव यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर शाई एफ्राती की अगुआई में यह हाइपरबैरिक ऑक्सीजन ट्रीटमेंट (HBOT) इन हेल्दी एजिंग एडल्ट्स पर शोध हुआ है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक 35 व्यस्क इंसान जो कि 64 साल की उम्र के थे, इस अध्ययन का हिससा था. सभी को HBOT 90 मिनट के लिए तीन में के लिए सप्ताह में पांच बार दिया गया.

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दुनिया में एंटीएजिंग (Anti-aging) का बहुत ही बड़ा व्यवसाय (Business) है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


शरीर 25 साल पुराना
अधय्यन के अनुसार केवल तीन महीनों में शारीरिक बदलाव वैसे ही हो गए जैसे कि तब थे जब उनके शरीर 25 साल पहले के थे. इसके साथ ही प्रतिभागियों की सतर्कता बेहतर हो गई थी. इसके अलावा उनकी सूचना प्रसंस्करण की गति और कार्यकारी गतिविधियां भी बेहतर हो गईं. प्रेस को दिए बयान में कहा गया कि प्रतिभागियों के खून से मिले डीएन के वाले प्रतिरोधी कोशिकाओं पर ध्यान केंद्रित करने से अध्ययन के जरिए टेलेमियर्स में 38 प्रतिशत लंबाई बढ़ गई और इसके साथ ही सेनेसेन्ट कोशिकाओ में 37 प्रतिशत का इजाफा हो गया.

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टेलेमियर का बढ़ना
इस शोध की अहमियत के बारे में बात करते हुए प्रोफेसर इफराती ने बताया, “आज टेलेमियर का बढ़ना एजिंग के जीवविज्ञान की भाषा में एक पवित्र प्याले की तरह माना जाता है. दुनिया भर के शोधकर्ता ऐसी कोशिश कर रहे हैं कि टेलेमियर को लंबा किया जा सके और HBOT प्रोटोकॉल ने यह संभव कर दिखाया है.

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बढ़ती उम्र (Aging) का इलाज दुनिया में हजारों सालों से प्रयास खोजा जा रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


हजारों सालों से हो रही हैं कोशिशें
इस तरह का यह कोई पहला प्रयास नहीं है. इस तरह का समाधान ढूंढने की सदियों से कोशिश की जा रही है. भारत के आयुर्वेद में इस प्रक्रिया का जिक्र रसायन नाम से मिलता है. 5 हजार साल पहले मिस्र के राजा गिल्गामेश ने एक पूरी का पूरा कार्यक्रम ही बनवाया था चीन चिकित्सा पद्धति के आधार पर बूढ़ होने की प्रक्रिया को रोकने में सक्षम था.

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करीब दो हजार साल पहले मिस्र की मशहूर रानी क्लेओपेट्रा जवान रहने के लिए गधे का दूध पीती थीं. हैरानी की बात यह है आज भी गधे का दूध बहुत से सौंदर्य उद्पादों में उपयोग में लाया जाता है और इसकी कीमत 5 से 7 हजार रुपये प्रति लीटर की है. आज दुनिया में एंटी एजिंग उत्पादों का बाजार 99 हजार करोड़ रुपये का है. इसमें सबसे ज्यादा मांग चीन, भारत, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में है.
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