बेहद कड़े हैं ब्रिटिश राजपरिवार के कायदे, शाही सदस्यों को वोट देने का नहीं है हक

 ब्रिटिश रॉयल परिवार का हिस्सा होना कोई आसान बात नहीं (Photo- new18 English via AFP)

ब्रिटिश रॉयल परिवार का हिस्सा होना कोई आसान बात नहीं (Photo- new18 English via AFP)

ब्रिटेन की रॉयल फैमिली (British Royal Family) से जुड़ना केवल ऐशोआराम ही नहीं लाता, बल्कि ढेर सारे सख्त नियम लेकर भी आता है. अलिखित होने के बाद भी नियमों को तोड़ने की किसी को इजाजत नहीं.

  • Share this:
ब्रिटिश राजपरिवार ने प्रिंस हैरी और प्रिंसेज मेगन मर्केल की शाही उपाधियों को वापस ले लिया. अब ये दोनों शाही परिवार के कार्यकारी सदस्य नहीं, बल्कि आम नागरिक हैं. इस बीच मेगन का एक इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने शाही परिवार में अपने साथ हुए भेदभाव की बात करते हुए बताया कि उनसे जुड़ने के बाद उनकी आजादी छिन गई थी. वैसे मेगन के हवाले से न भी कहें तो इस बात में वाकई सच्चाई है कि ब्रिटिश रॉयल परिवार का हिस्सा होना कोई आसान बात नहीं.

शाही परिवार के कई कायदे होते हैं

इन कायदों के कारण ही शाही परिवार शाही घरों से ही रिश्ते जोड़ना पसंद करते हैं ताकि सबको नियम पता रहें और उनके पालन में कोई दिक्कत न आए. मिसाल के तौर पर क्वीन एलिजाबेथ को ही लें तो चूंकि वे ब्रिटिश क्वीन हैं, इसलिए सार्वजनिक मौकों पर कोई भी उनसे आगे नहीं चल सकता. यहां तक कि उनके पति प्रिंस फिलिप भी उनसे चार कदम पीछे रहते हैं.

british royal family
सार्वजनिक मौकों पर कोई भी क्वीन एलिजाबेथ से आगे नहीं चल सकता

हर तोहफा खुशी से लेने का नियम 

दुनियाभर के ऐशोआराम होने के बाद भी ब्रिटिश परिवार को अगर कोई तोहफा दिया जाता है तो उसे वे लेने से नकार नहीं सकते. भले ही तोहफा कितना ही बचकाना क्यों न हो, उन्हें उसे लेना ही होता है. जैसे एक मौके पर प्रिंस हैरी और प्रिंसेज मेगन मर्केल को टेडी बीयर दिए गए. या फिर कई ऐसी चीजें दे दी जाती हैं, जिनका लेने वाले की उम्र या पसंद से कोई ताल्लुक न हो.

ये भी पढ़ें: क्यों सफेद साड़ी और रबर की चप्पल में दिखती हैं पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी 



प्रपोज करने से पहले लेनी होती है इजाजत 

ब्रिटिश परिवार के युवा प्यार में पड़ जाए तो ये दूसरे युवाओं की तरह रुमानी अहसास नहीं होता है, बल्कि इससे पहले उन्हें एक कड़ूी परीक्षा से गुजरना होता है. दरअसल Royal Marriages Act of 1772 के मुताबिक शाही लोगों और उत्तराधिकारियों को किसी रिश्ते में जाने से पहले बाकायदा क्वीन की इजाजत लेनी होती है. ऐसे में शाही खानदान कई बार एतराज भी लेता है. जैसे प्रिंस हैरी के मामले में हुआ था, जब उन्होंने मेगन से रिश्ता जोड़ा था. हालांकि हैरी अपनी बात पर अड़े रहे और यहां तक कि शाही शादी से पहले दोनों ने सामान्य शादी भी कर डाली थी.

british royal family
प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल (Photo- news18 English via AP)


नहीं पहन सकते जींस-टीशर्ट

सबसे मुश्किल नियमों में से एक नियम परिवार की पोशाक को लेकर है. सार्वजनिक समारोहों से लेकर पार्टीज में भी परिवार के हरेक सदस्य के लिए एक खास ड्रेस होती है. वो कैजुअल कपड़ों में नहीं आ सकते, जैसे कि जींस या हल्की सी कोई ड्रेस. ये कई बार दिक्कतभरा होता है लेकिन इस नियम को तोड़ा नहीं जा सकता.

ये भी पढ़ें: Explained: कोरोना वैक्सीन का गर्भपात से क्या संबंध है? 

सूटकेस में काली ड्रेस लेकर सफर 

पोशाक के बारे में ही एक अजीबोगरीब नियम है कि ब्रिटिश शाही परिवार दुनिया के किसी भी हिस्से में सैर-सपाटे को क्यों न जाए, हर सदस्य के पास एक काला कपड़ा रखा होता है. ये काली पोशाक इसलिए होती है कि अगर उन्हें कहीं किसी शोक समारोह में जाना पड़ जाए तो वे कोई और परिधान न पहनकर यही काले कपड़े पहनें.

ये भी पढ़ें: भारत किन देशों से सबसे ज्यादा क्रूड ऑयल खरीदता है? 

रॉयल परिवार को हादसों के लिए तैयार रहना होता है

इसी को ध्यान में रखते हुए एक नियम ये भी है कि शाही परिवार के दो वारिस एक साथ ट्रैवल नहीं कर सकते. मान लो किसी हवाई यात्रा या किसी भी यात्रा के दौरान कोई दुर्घटना हो जाए तो साथ ट्रैवल करने वालों के दुर्घटनाग्रस्त होने का बराबर डर रहता है. यही कारण है कि कम उम्र के बाद भी दो वारिस एक ही जगह की यात्रा के लिए एक ही हवाई जहाज में नहीं बैठ सकते.

british royal family
शाही परिवार को वोट देने का अधिकार नहीं (Photo-news18 via Reuters)


वोट नहीं दे सकते 

एक दिलचस्प बात ये भी है कि जिस रॉयल परिवार के कारण ब्रिटेन को एक अलग ही रुतबा हासिल है, उसी परिवार के लोगों को वोट देने का अधिकार नहीं. शाही सदस्य न तो वोट दे सकते हैं और न ही अपना राजनैतिक रुझान किसी के सामने व्यक्त कर सकते हैं. माना जाता है कि उनके बोलने का चुनाव या मतदाताओं पर असर होगा, जिससे चुनाव निष्पक्ष नहीं रह जाएगा.

शादीशुदा जोड़े भी सार्वजनिक में लगाव नहीं जता सकते

ब्रिटेन समेत लगभग सभी पश्चिमी देशों में अपने साथी से प्रेम जताना काफी सामान्य बात मानी जाती है लेकिन राजपरिवार के लिए अलग नियम है. वहां क्वीन एलिजाबेथ के वारिस प्रिंस विलियम और केट मिडिलटन को शायद ही कभी किसी पब्लिक सेरेमनी में हाथ पकड़े या बहुत करीब आकर एक-दूसरे से बातें करते देखा गया हो.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज