वो अमेरिकी राष्ट्रपति, जो हार के बाद भी White House छोड़ने को तैयार नहीं थे

जो बाइडन मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हरा चुके हैं- सांकेतिक फोटो (pxhere)
जो बाइडन मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हरा चुके हैं- सांकेतिक फोटो (pxhere)

US Election Results 2020: जो बाइडन मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Joe Biden beats Donald Trump in presidential election) को हरा चुके हैं, इसके बाद भी ट्रंप ये मानने को राजी नहीं. ये पहला मौका नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 8, 2020, 5:59 PM IST
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आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे में बना हुआ असमंजस खत्म हो चुका है. डेमोक्रेट्स के नेता जो बाइडन ने काफी कड़े मुकाबले में डोनाल्ड ट्रंप को हराया. हालांकि ट्रंप ने अपनी हार स्वीकार नहीं की है और न ही आधिकारिक तौर पर बाइडन को जीत की बधाई दी. राजनीतिक पंडित कयास लगा रहे हैं कि ट्रंप वाइट हाउस में बाइडन के आने पर कोई अड़ंगा डाल सकते हैं. ऐसा एक मामला अमेरिका के इतिहास में पहले भी घट चुका है.

इस राष्ट्रपति ने बढ़ाया तनाव 
ये साल 1800 की बात है. तब देश के तत्कालीन और दूसरे राष्ट्रपति जॉन एडम्स को चुनाव में बुरी तरह से हार मिली थी. विपक्षी दल के नेता थॉमस जेफरसन अगले राष्ट्रपति होने जा रहे थे. लेकिन हार के बाद भी एडम्स ने वाइट हाउस छोड़ने से इनकार कर दिया. साथ ही साथ उन्होंने ट्रांसफर और पावर, जिसे सत्ता हस्तांतरण भी कहते हैं, से भी मना कर दिया. बता दें कि हस्तांतरण के तहत एक अधिकारी नए अधिकारी को सारी जानकारियां सौंपता है.

अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपति जॉन एडम्स

एडम्स शपथ के दौरान भी नहीं पहुंचे


हर चौथे साल में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के बाद 20 जनवरी को नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण होता है. एडम्स न तो इसमें शामिल हुए और न ही अपने अधिकारियों को इसकी इजाजत दी. लेकिन काम तो शुरू होना ही था. लिहाजा, पूर्व राष्ट्रपति को आधिकारिक तौर पर अपमानित किए बिना कैसे काम चलाया जाए, उस पर तैयारी हुई. बीबीसी की एक रिपोर्ट में पॉलिटिकल साइंस एडिटर जॉन वाइल ने इस बारे में जिक्र किया है.

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इस तरह से निकाला गया हल
एक पूर्व राष्ट्रपति से नए राष्ट्रपति के ट्रांजिशन के इस समय को अमेरिकी इतिहास में काफी अजीब ट्रांजिशन माना जाता है. लिहाजा हुआ ये कि राष्ट्रपति को नियुक्ति अधिकारियों ने एडम्स से आदेश लेना बंद कर दिया और थॉमस जेफरसन के आदेश मानने लगे. यहां तक कि खुफिया एजेंसी एफबीआई ने भी एडम्स को सहयोग देने से मना कर दिया. ऐसी हालत देख खुद ही एडम्स ने हार मान ली और मार्च 1801 को आधिकारिक तौर पर पावर ट्रांसफर कर दिया.

तीसरे अमेरिकी राष्ट्रपति थॉमस जेफरसन


पहले भी होते रहे हैं किस्से 
अमेरिका में कई राष्ट्रपतियों के बीच पावर ट्रांसफर काफी अजीबोगरीब ढंग से हुआ. इन्हीं में से एक हर्बर्ट क्लार्क हूवर और फ्रैंकलिन डेलानो रूजवेल्ट के बीच हुआ था. दोनों ही लीडर एक-दूसरे को सख्त नापसंद करते थे और मीडिया में एक-दूसरे पर अप्रत्यक्ष हमला भी किया करते थे.

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दो राष्ट्रपतियों का ऐसा रहा रवैया
नापसंदगी इतनी ज्यादा थी कि वे एक-दूसरे को जानवरों के नाम दे चुके थे. खैर, 31वें राष्ट्रपति हूवर को जब आने वाले राष्ट्रपति रूजवेल्ट को सत्ता सौंपनी पड़ी तो दोनों बस आपस में झगड़ ही नहीं पड़े. दोनों खुली हुई कार में एकदम चुपचाप बैठे थे और बाद में पूरे समारोह के दौरान आपस में कोई बात नहीं की थी.

हस्तांतरण के तहत पूर्व अधिकारी नए अधिकारी को सारी जानकारियां सौंपता है


क्लिंटन ने बुश को कराया इंतजार
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू बुश के बीच भी पहली मुकालात ऐसी ही रही. 42वें प्रेसिडेंट क्लिंटन ने नए चुने जा रहे 43वें राष्ट्रपति बुश को वाइट हाउस में मुलाकात के लिए बुलाया. ये शपथ समारोह से पहले की बात है, तब वाइट हाइस में प्रेसिडेंट इलेक्ट का कोई अधिकार नहीं होता है. समय के एकदम पाबंद बुश ठीक समय पर पहुंचे लेकिन खाली होने के बाद भी क्लिंटन ने उन्हें लगभग 10 मिनट इंतजार कराया.

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पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर और रोनाल्ड रीगन के बीच भी काफी तनाव के साथ सत्ता का हस्तांतरण हुआ. तब कार्टर राष्ट्रपति के दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव हार चुके थे और उनकी जगह रीगन आ रहे थे. दोनों की मुलाकात तनाव के बीच हुई और बाद में कार्टर ने आरोप लगाता कि रीगन का ध्यान उनकी किसी भी बात पर नहीं था, बल्कि वे उन्हें नजरअंदाज कर रहे थे.
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