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जानिए, गर्भवती महिलाओं को कोरोना वायरस से कितना ख़तरा है

News18Hindi
Updated: April 6, 2020, 11:25 AM IST
जानिए, गर्भवती महिलाओं को कोरोना वायरस से कितना ख़तरा है
महिला अगर कोरोना पॉजिटिव है तो क्या उसके होने वाले बच्चा भी इससे प्रभावित रहेगा

प्रेगनेंसी (pregnancy) के दौरान किसी भी तरह के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. जानते हैं, कोरोना वायरस (coronavirus) गर्भवती महिलाओं पर क्या असर डालता है और इसका बच्चे पर क्या असर पड़ता है.

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  • Last Updated: April 6, 2020, 11:25 AM IST
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हर साल दुनियाभर में 130 मिलियन से ज्यादा औरतें बच्चों को जन्म देती हैं. इस बार दूसरे मौसमी संक्रमणों के साथ-साथ कोविड-19 उनके लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है. सीधे फेफड़ों और गंभीर हालातों में मस्तिष्क पर भी असर करने वाले ये वायरस गर्भवती और होने वाले बच्चे पर क्या असर डालते हैं. इसपर लगातार रिसर्च हो रही है.

ब्रिटेन में हुई एक शोध के अनुसार प्रेगनेंसी में COVID-19 का खतरा काफी ज्यादा होता है. इसे बारे में Public Health England के मुख्य चिकित्सा अधिकारी Chris Whitty ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि गर्भवती औरतें पहले 12 हफ्तों के दौरान कोरोना के लिए high risk श्रेणी में आती हैं. हालांकि World Health Organization (WHO) के अनुसार अभी ये पक्का नहीं हो सका है कि प्रेगनेंट औरतों पर आम लोगों की अपेक्षा कोविड-19 का खतरा ज्यादा होता है, लेकिन चूंकि उनका इम्यून सिस्टम उस दौरान ज्यादा संवेदनशील होता है इसलिए उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. प्रेगनेंसी और कोरोना वायरस को लेकर कुछ सवाल-जवाब.

प्रेगनेंसी में खुद को COVID -19 से कैसे बचा सकते हैं?
गर्भवती महिलाओं को दूसरे लोगों की तरह ही COVID-19 संक्रमण से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए. इसमें वही तरीके शामिल हैं, जैसे हाथों को साबुन से धोना, भीड़ भरी जगहों पर जाने से बचाव, सेफ डिस्टेंसिंग, आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचना. अगर गर्भवती को सर्दी-खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.






क्या प्रेगनेंट औरतें कोविड-19 की जांच करा सकती हैं?
जांच कई बातों पर निर्भर करती है. हालांकि WHO का मानना है कि अगर गर्भवती महिला सर्दी-खांसी या बुखार से प्रभावित है तो कोरोना की जांच में उसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए. अगर उन्हें कोरोना का संक्रमण होता है तो उन्हें अलग तरह की देखभाल चाहिए होती है.

प्रेगनेंट महिला अगर कोरोना पॉजिटिव है तो क्या होने वाले बच्चा भी इससे प्रभावित रहेगा?
इसकी अब तक पुष्टि नहीं हो सकी है कि गर्भ से वायरस बच्चे में या प्रसव के बाद मां से बच्चे में चले जाते हैं. अब तक ब्रेस्टमिल्क या एम्नियोटिक फ्लूइड में ये वायरस नहीं देखा गया है.

प्रेगनेंसी और शिशु जन्म के बाद मां-बच्चे की देखभाल किस तरह हो?
सभी गर्भवती औरतें, चाहे वे कोरोना से संक्रमित हों, या न हों, उन्हें सही देखभाल की जरूरत होती है. अगर कोई प्रेगनेंट महिला कोरोना पॉजिटिव है या संदिग्ध हो तो उनकी देखभाल में जुटे हेल्थ वर्कर्स को खुद के बचाव का भी ध्यान रखना चाहिए जैसे उन्हें दवा देते हुए गल्व्स और मास्क पहनना.

क्या कोविड-19 से संक्रमित महिला को शिशुजन्म के लिए सर्जरी करवानी होती है?
ऐसा बिल्कुल नहीं है. सर्जरी तभी हो, जब महिला सामान्य तरीके से शिशु जन्म न दे सकती हो. कोविड-19 का शिशु जन्म के तरीके से कोई ताल्लुक नहीं है.

गर्भवती महिलाओं को दूसरे लोगों की तरह ही COVID-19 संक्रमण से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए


क्या कोरोना पॉजिटिव मां बच्चे को ब्रेस्टफीड करा सकती है?
हां, लेकिन इसके लिए उन्हें काफी सावधानी रखनी चाहिए. जैसे फीड कराने के दौरान मास्क पहनना जरूरी है. बच्चे को छूने से पहले बार-बार हाथ धोएं. बुखार ज्यादा हो तो फीड कराने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.

अगर कोरोना की वजह प्रेगनेंट महिला सीधे-सीधे ब्रेस्टफीड कराने में परेशान हो रही हो तो क्या किया जा सकता है?
अगर कोविड-19 के कारण मां बच्चे को गोद में लेने से डर रही हो लेकिन ब्रेस्टफीड कराना चाहे तो कई तरीके अपनाए जा सकते हैं, जैसे ब्रेस्टपंप की मदद लेना, relactation यानी कुछ वक्त तक फीड न कराने के बाद फिर ब्रेस्टफीडिंग शुरू करना, या फिर किसी ऐसी नई मां की मदद लेना, जो कोरोना पॉजिटिव न हो. अगर कोई मां कोरोना के कारण ब्रेस्टफीड न कराना चाहे तो फॉर्मूला मिल्क देते हुए बॉटल को अच्छी तरह से स्टरलाइज किया जाना चाहिए. साथ ही हाथों के हाइजीन का भी ध्यान रखना जाना जरूरी है.

वैसे अब तक इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि कोरोना पॉजिटिव मां के गर्भ में शिशु पर वायरस का असर हो सकता है. मार्च में लंदन में आए एक मामले में नवजात को कोरोना पॉजिटिव पाया गया. मां भी कोरोना प्रभावित निकली लेकिन शिशुजन्म के बाद ये जांच हुई, इसलिए ये पता नहीं लग सका कि बच्चे को जन्म के बाद मां से ये वायरस मिले या वो गर्भ में भी इससे प्रभावित हो चुका था.

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First published: April 6, 2020, 11:25 AM IST
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