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कौन हैं अनीता आनंद जो बनीं कनाडा की पहली हिंदू मंत्री

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Updated: November 21, 2019, 12:38 PM IST
कौन हैं अनीता आनंद जो बनीं कनाडा की पहली हिंदू मंत्री
अनीता को आर्थिक मामलों का खासा ज्ञान है, खासकर कैपिटल मार्केट का

अनीता इंदिरा आनंद (Anita Indira Anand) की मां पंजाब के अमृतसर और पिता तमिलनाडु से हैं और दोनों ही पेशे से डॉक्टर रहे. हालांकि चार बच्चों की मां अनीता ने अलग पेशा चुना और टोरंटो यूनिवर्सिटी में कानून पढ़ाने लगीं.

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  • Last Updated: November 21, 2019, 12:38 PM IST
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कनाडा (Canada) के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने बुधवार, 20 नवंबर को अपने नए कैबिनेट की जानकारी दी. चुने गए 7 नए चेहरों में भारतीय मूल की अनीता इंदिरा आनंद (Anita Indira Anand) भी एक हैं. अनीता कैबिनेट मंत्री बनने वाली पहली हिंदू हैं. वैसे वे अकेली भारतीय नहीं, बल्कि जस्टिन के मंत्रिमंडल में तीन भारतीय-कनाडाई मंत्री भी हैं. ये तीनों ही मंत्री पिछली सरकार के सदस्य रह चुके हैं.

लिबरल पार्टी ऑफ कनाडा के संघीय मंत्री के तौर पर चुनी गई अनीता इसी साल पिछले महीने हुए कैबिनेट इलेक्शन्स में पहली बार ही हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनी गई थीं. इनका चयन ओंटेरिया प्रांत से हुआ है. घोषणा में बताया गया कि अनीता को कैबिनेट में सार्वजनिक सेवा और खरीद मंत्री (minister of public service and procurement) का पद दिया जा रहा है. इससे पहले वे कनाडाई म्यूजियम ऑफ हिंदू सिविलाइजेशन की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं.

अनीता पहली हिंदू हैं, जिन्हें कनाडियन सरकार की कैबिनेट में शामिल होने का मौका मिला है. नोवा स्कोटिया (Nova Scotia) प्रांत के केंटविले (Kentville) शहर में जन्मी अनीता के माता-पिता दोनों ही भारतीय हैं. मां पंजाब के अमृतसर और पिता तमिलनाडु से हैं और दोनों ही पेशे से डॉक्टर रहे. हालांकि चार बच्चों की मां अनीता ने अलग पेशा चुना और टोरंटो यूनिवर्सिटी में कानून पढ़ाने लगीं. भारतीय मां-बाप की संतान अनीता हमेशा से कनाडा में बसे भारतीय लोगों से जुड़ी रहीं और उनके मुद्दे देखती रहीं. साथ ही साथ वे सामाजिक सेवा से भी जुड़कर काम करती रहीं.

उन्होंने चर्चित एयर इंडिया फ़्लाइट 182 में हुए आतंकी बम ब्लास्ट की जांच के दौरान जांच आयोग को सहयोग देने के लिए उसपर शोध भी किया. साल 1985 में आयरिश हवाई क्षेत्र में उड़ान के दौरान विमान को बम हमले में उड़ा दिया गया. हादसे में 300 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर भारत में जन्मे या भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक थे.

अनीता की कई और खासियतें भी हैं, जिनकी वजह से वे अपने क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हुईं और पहली ही कोशिश में चुनाव जीत गईं. उन्हें आर्थिक मामलों का खासा ज्ञान है, खासकर कैपिटल मार्केट, कैपिटल बढ़ाने की तकनीकें और पॉलिसी में उन्हें महारत है. वे मेसी कॉलेज (Massey College) की सीनियर फैलो रहीं और Centre for the Legal Profession में भी एकेडमिक डायरेक्टर के तौर पर काम कर चुकी हैं.

वैसे ट्रूडो सरकार महिलाओं और नए लोगों को वरीयता देने वाली सरकार के तौर पर जानी जाती है. पहले भी साल 2015 में जब जस्टिन ने लिबरल पार्टी के तौर पर मंत्रिमंडल बनाया तो उसमें आधी महिलाएं शामिल हुईं. ये कदम महिला मुद्दों और आधी आबादी को प्रतिनिधित्व देने के लिए उठाया गया, जो काफी पसंद भी किया जा रहा है.

अनीता के अलावा जस्टिन कैबिनेट में तीन भारतीय-कनाडाई मंत्री भी शामिल हैं. इनमें से एक है Bardish Chagger, जो वाटरलू से दोबारा चुनी गई हैं. वे minister of diversity and inclusion and youth minister के तौर पर काम करेंगी. दूसरे हैं Harjit Sajjan, वे पहले भी राष्ट्रीय रक्षा मंत्री रहे हैं और इस कैबिनेट में भी यही काम संभालेंगे. वहीं Navdeep Bains इस सरकार में minister of innovation, science and industry के तौर सक्रिय रहेंगे. कैबिनेट में चौथा भारतीय-कनाडाई मूल के शख्स अमरजीत सोही भी शामिल हो सकते थे, लेकिन इस साल के चुनावों में हार के बार वो कैबिनेट में नहीं रहेंगे.
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First published: November 21, 2019, 12:38 PM IST
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