क्यों कोड में बदलकर अंतरिक्ष भेजी जा रही हैं इस औरत की तस्वीरें

जली हुई महिला की तस्वीरें स्पेस में बायनरी डिजिट में भेजी जा रही हैं ताकि एलियंस उसे समझ सकें

जली हुई महिला की तस्वीरें स्पेस में बायनरी डिजिट में भेजी जा रही हैं ताकि एलियंस उसे समझ सकें

8 हफ्तों के कोमा और 100 से भी ज्यादा सर्जरी के बाद कैरल ने पहली बार आईना देखा. उनका शरीर 85 फीसदी से ज्यादा जल चुका था. अब जली हुई युवती की तस्वीरें स्पेस में बायनरी डिजिट (pictures will be send in outer space for aliens) में भेजी जा रही हैं ताकि कभी न कभी वे एलियन्स तक पहुंचें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 14, 2020, 12:35 PM IST
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ऑस्ट्रेलिया (Australia) की रहने वाली कैरल मेयर की तस्वीर पोट्रेट ऑफ ह्यूमैनिटी (portrait of humanity) के तहत चुनी गई है. इनकी तस्वीरों को देखते हुए मजबूत से मजबूत दिल दहल जाए. लेकिन हो सकता है कि यही तस्वीरें इंसानों को एलियन्स से जोड़ने का जरिया बन सकें. इसी उम्मीद में कैरल मेयर (Carol Mayer) की तस्वीरों को बायनरी कोड (binary code) में अंतरिक्ष में भेजा जाने वाला है. सबसे पहले सितंबर में अंतरिक्ष में इन तस्वीरों की प्रदर्शन लगेगी, इसके बाद तस्वीरों को कोड में बदलकर छोड़ दिया जाएगा.



साल 2000 के फरवरी की बात है. 33 साल की कैरल के घर में आग लग गई और दुर्घटना में उनका 85 फीसदी से भी ज्यादा शरीर जल गया. ऑस्ट्रेलियन डॉक्टरों ने पहले तो मरीज के बचने की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया. थोड़े वक्त बाद जले हुए और कोमा में जा चुके मरीज की इच्छाशक्ति ने उन्हें अपनी राय बदलने पर मजबूर कर दिया. डॉक्टरों के अनुसार उनके बचने के 50:50 फीसदी चांस थे. रॉयल ब्रिस्बेन अस्पताल में वे 8 हफ्तों तक कोमा में रहीं. होश आने के बाद भी हालात काफी खराब थे. बुरी तरह से जला होने के कारण इंफेक्शन की आशंका थी. 9 महीने कैरल अस्पताल में रहीं, जहां उनके 100 से ज्यादा ऑपरेशन हुए. लौटीं तो लगभग ढाई साल का उनका बेटा अपनी ही मां से बुरी तरह से डर गया. कैरल पहचान खोने की वजह से साइकोलॉजिकल दर्द से भी जूझने लगीं.



9 महीने कैरल अस्पताल में रहीं, जहां उनके 100 से ज्यादा ऑपरेशन हुए






अब कैरल लगभग 53 साल की हैं और फोटोशूट के बाद से उनमें आत्मविश्वास लौट चुका है. The Skin I'm In शीर्षक से बनी तस्वीरों को खिंचवाते हुए कैरल पहले काफी डरी हुई थीं. बाद में उन्हें लगा कि मैं यही हूं, काले और सफेद में लिपटी हुई. इससे डर या शर्म कैसी! और मैंने खुद को स्वीकार कर लिया. और मैंने पत्रकार से कहा- तुम मेरे शरीर के निशान देख सकते हो और उन्हें दुनिया को भी दिखा सकते हो.
कैरल की दुर्घटना के बाद क्वींसलैंड में रिहायशी इलाकों में हर घर में स्मोक अलार्म लगाना जरूरी कर दिया गया. दुर्घटना के दस साल बार एक फोटो जर्नलिस्ट ब्रायन कासे (Brian Cassey) कैरल से मिलने पहुंचा. पहली बार कैरल ने इंटरव्यू दिया. इसके ठीक पांच सालों बाद इसी पत्रकार ने कैरल को अपनी तस्वीरें खींचने की इजाजत दे दी. पहले तो वे डरी हुई थीं लेकिन धीरे-धीरे वे सहज होती गईं और इस तरह से तैयार हुई उन तस्वीरों की सीरीज, जिसे पोट्रेट ऑफ ह्यूमैनिटी अवॉर्ड मिला है. ये पुरस्कार ब्रिटिश जर्नल ऑफ फोटोग्राफी द्वारा दिया जाता है.



फोटोज को एक खास तकनीक से बायनरी कोड में बदला जाएगा और अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा (Photo-pixabay)




अब कैरल की ये तस्वीरें स्ट्रेटोस्फीयर में एक स्क्रीन के जरिए स्पेस में दिखाई देंगी. इन फोटोज को एक खास तकनीक से बायनरी कोड में बदला जाएगा और अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा. वहां ये यात्रा करते रहेंगे. माना जा रहा है कि अगर एलियन्स हैं तो ये कोड वे डीकोड कर पाएंगे और मानव सभ्यता के बारे में समझ पाएंगे. इसका मकसद यूनिवर्स को मानव जाति की ओर से शांति और एकता का संदेश देना है.



ये पहला मौका है, जब स्पेस में एलियन्स के लिए धरती से तस्वीरें भेजी जा रही हैं. इससे पहले अंतरिक्ष की तस्वीरें खींची ही जाती रहीं. ये भी बायनरी डिजिट में ली जाती थीं और फिर उन्हें इस तरह से बदला जाता था कि हम जैसे आम लोग देख सकें. इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल में मिले डाटा को डिजिटलाइज किया जाता है ताकि कंप्यूटर उसे समझ सके और फिर उसे कन्वर्ट करते हैं.



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