वैज्ञानिकों ने खोजा नए प्रकार का कण और बल, मिल सकते हैं कई जवाब

वैज्ञानिकों ने CERN के LHC में नए बल और कण का पता लगाया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

वैज्ञानिकों ने CERN के LHC में नए बल और कण का पता लगाया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

CERN के लार्ज हार्डोन कोलाइडर (LHC) में वैज्ञानिकों ने एक नए बल (Force) की खोज की है जो कणों (Particles) की व्याख्या में मदद कर सकता है. इसके साथ ही उन्हें एक नए कण के प्रमाण भी मिले हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 5:20 PM IST
  • Share this:
वैज्ञानिकों को लगता है क उन्होंने एक नए तरह के बल (New force of Nature) की खोज कर ली है. CERN के लार्ज हार्डोन कोलाइडर (LHC) में खोजा गया यह बल इस बात की व्याख्या कर सकता है कि क्यों कुछ परमाणविक कण (Atomic Particles) असामान्य बर्ताव करते हैं. उनका यह भी कहना है कि उन्होंने एक नए तरह के परमाणविक कण के होने के प्रमाण हासिल किए हैं. उनका मानना है कि इस पड़ताल के नतीजों से भौतिकी (Physics) की हमारी समझ में भी बदलाव आ सकता है.

LHC का मकसद

एक दशक पहले लार्ज हार्डोन कोलाइडर के बनने के बाद से ही उसका उद्देश्य ब्रह्माण्ड में पदार्थ के सबसे छोटे कणों के रहस्यों को सुलझाना था जो प्रकाश की गति से टकराते हैं. पदार्थ को भार देने वाले हिग्स बोसोन कण की खोज के अलावा यह परियोजना पदार्थ के आधारभूत तत्व की क्रियाओं पर प्रकाश डालने में नाकाम रहा है.

क्वार्क की भूमिका
कणीय भौतिकी के मानक मॉडल के अनुसार क्वार्क नाम के कणों में से बहुत सारे अस्थिर होते हैं और केवल कुछ ही सेकेंड के हिस्से में अस्तित्व में आते हैं. ये कण प्रोटॉन और न्यूट्रॉन जैसे भारी कण भी बनाते हैं. वहीं क्वार्क दूसरे कणों जैसे कि लेप्टॉन्स में भी विखंडित हो सकते हैं. इनमें ब्यूटी क्वार्क्स भी शामिल हैं जो साल 2014 में LHCb में खोजे गए थे.

क्वार्क का विखंडन

उस समय एक विसंगति यह भी पाई गई कि क्वार्क एक दूसरे प्रकार के लेप्टॉन- म्यूओन्स में भी विखंडित होते हैं जो इलेक्ट्रॉन में कम विखंडित होते हैं. मानव मॉडल ने यह अनुमान लगाया था कि ब्यूटी क्वार्क म्यूओन में उसी दर से विखंडित होंगे जिस दर से वे इलेक्ट्रॉन में विखंडित होते हैं.



CERN, LHC, Physics, Force, Particle, Atomic Particle, New force of Nature, Quarks, Leptons, beauty quarks, Muons,
यह प्रयोग CERN के लार्ज हार्डोन कोलाइडर (LHC) में 2014 से चल रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)


यह आ रही थी समस्या

शोधकर्ताओं ने इसी सप्ताह कन्वर्सेशन में लिखा कि ये विखंडन अलग-अलग दर पर तभी हो सकते हैं जब कभी न देखे जा सकते वाले कण इन विखंडनों में शामिल हों. अभी तक इतने आंकड़े पर्याप्त नहीं थे. जिससे यह सुनिश्चित तौर पर कहा जा सके कि LHC के अंदर क्या हो रहा था.

लैब में बने शुरुआती भ्रूण ने दिया विज्ञान और नैतिकता के बीच नए विवाद को जन्म

पहले लग रहे थे कयास

2019 में वैज्ञानिकों ने 2104 के प्रयोगों को फिर से दोहराया जो ब्यूटी क्वार्क के साथ हुए थे, लेकिन इस बार बीच के सालों में अतिरिक्त जानकारी का भी उपयोग किया गया. आंकड़े दोगुने हो गए और इससे पहले जो टीम अंधेरे में तीर मार रही थी अब वह प्रक्रिया को फिर से करने से पहले नतीजों को देख सकती थी.

नए कण की मौजूदगी

जब अंतिम नतीजे आए तो आंकड़ो से पता चला कि हर सौर इलेक्ट्रॉन विखंडन के साथ 85 म्यूओन का विखंडन हुआ था. शोधकर्ताओं का कहना है कि हजार में से एक ही बार नतीजा मिलने की संभावना होती है. यह नए कण की मौजूदगी के लिए पर्याप्त तो नहीं हैं, लेकिन उसकी मौजूदगी में मजबूत प्रमाण जरूर है.

CERN, LHC, Physics, Force, Particle, Atomic Particle, New force of Nature, Quarks, Leptons, beauty quarks, Muons
. परमाणिव कणों से संबंधी कई रहस्य उजागर हो सकते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)


एक नया बल

वैज्ञानिकों ने इसकी कई व्याख्याएं दी हैं. पहली, विखंडन दर में विविधता ‘जेड प्राइम’ कण का नतीजा हो सकता है जो एक प्रकृति का नया बल है. यह बल बहुत ही ज्यादा कमजोर होता है, इसीलिए अब तक इसके संकेत देखने को नहीं मिले. लेकिन यह बल इलेक्ट्रॉन और म्यूऑन्स पर अलग तरह से अंतरक्रिया करता है.

जानिए क्या है नॉन टाइम की अहमियत, आइंस्टीन और न्यूरोसाइंस तक मानते हैं जिसे

एक दूसरी संभवना हो सकती है लिप्टोक्वार्क जो क्वार्क और लिप्टोन का एक साथ विखंडन कर सकता है जो बड़ी पहेली का हिस्सा हो सकता है जो यह व्याख्या करे कि हमें कणों को वैसे ही क्यों देख पाते हैं. माना जा रहा है कि अगर इन नतीजों की पुष्टि हो जाती है तो नई तरह की भौतिकी सामने दिख सकती है. वहीं शोधकर्ताओं का कहना है कि  उन्हें नतीजों की पुष्टि के लिए और प्रयोगों की जरूरत है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज