जानिए अंतरिक्ष में स्थायी मौजूदगी के लिए क्या है चीन का पूरा कार्यक्रम

चीन (China) ने अपने स्पेस स्टेशन का पहला हिस्सा प्रक्षेपित कर बड़ा कदम उठा दिया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

चीन (China) ने अपने स्पेस स्टेशन का पहला हिस्सा प्रक्षेपित कर बड़ा कदम उठा दिया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

चीन (China) ने अपने महत्वाकांक्षी स्पेस स्टेशन (Space Station) का प्रमुख मॉड्यूल तियान्हे (Tianhe) लॉन्च कर दिया है. वह साल 2022 तक इसे बनाने का काम पूरा करना चाहता है.

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चीन (China) अंतरिक्ष के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उसकी दुनिया की अंतरिक्ष महाशक्तियों में शामिल होने की महत्वाकांक्षा किसी से छिपी नहीं हैं. इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उसने हाल ही में अपने स्पेस स्टेशन तियानगोंग (Tiangong) के प्रमुख मॉड्यूल का एक हिस्सा तियान्हे (Tianhe) प्रक्षेपित किया है. यह चीन का अपना इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station) बनाने की दिशा में अहम कदम है.

कब तक बनेगा ये स्पेस स्टेशन

चीन का यह कदम विश्लेषकों द्वारा एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है.चीन ने पिछले माह के अंत में अपने  स्पेस स्टेशन के प्रमुख मॉड्यूल का पहला हिस्सा लॉन्ग मार्च 5बी रॉकेट के जरिए दक्षिण चीन के हाइनान प्रांत के वेनचेंग स्पेस क्राफ्ट लॉन्च साइट से प्रक्षेपित किया है. इस स्पेस स्टेशन का निर्माण साल 2022 के अंत तक पूरा हो जाएगा.

क्या काम होगा इस साल
चीन के स्पेस स्टेशन के निर्माण के लिए इस साल चार और प्रक्षेपण होंगे. अब अगला प्रक्षेपण इसी महीने होगा. इसमें तियानजोउ-2 कार्गो अंतरिक्ष यान को तियान्ह कोर मॉड्यूल के सही जगह पर पहुंचाने के बाद प्रक्षेपित किया जाएगा. इसके बाद तीन अंतरिक्ष यात्रियों को स्टेशन के जीवन समर्थन तंत्र के अध्यनय के लिए भेजा जाएगा.

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अभी चीन ने अपने स्पेस स्टेशन (Space Station) के कोर माड्यूल का पहला हिस्सा ही अंतरिक्ष में भेजा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)


पहली बार इतना लंबा चीनी प्रवास



पहले तीन अंतरिक्ष यात्री केवल तीन महीने के लिए स्पेस स्टेशन पर रहेंगे. इसके बाद तियानजोउ तीन कार्गो अंतरिक्ष यान और शेनजोउ 13 अंतरिक्षयान इसी साल बाद में भेजा जाएगा जिसमें तीन अंतरिक्ष यात्री छह महीने तक पृथ्वी की निचली कक्षा में रहेंगे. यह किसी भी चीन अंतरिक्ष यात्री का अंतरिक्ष में अब तक का सबसे लंबा प्रवास होगा.

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अगले साल छह और प्रक्षेपण

इसके बाद साल 2022 में छह और प्रक्षेपण किए जाएंगे जिसके बाद साल के अंत में स्पेस स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा. चाइना एकेडमी ऑफ स्पेस टेकनोलॉजी में प्लान्ड तियानगोंग स्पेस स्टेशन के डिप्टी चीफ डिजाइनर बाइ लिनहोउ ने बताया कि तियान्हे स्पेस स्टेशन का मैनेजमेंट और कंट्रोल हब की तरह काम करेगा.

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चीन (China) का तियानगोंग स्पेस स्टेशन साल 2022 में बन कर पूरा होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)


क्या है तियानगोंग का लक्ष्य

तियान्हे के साथ एक बार में कम समय वाले तीन अंतरिक्षयान और लंबी अवधि के दो अंतरिक्ष यान जुड़ सकेंगे. लिनहोउ ने बताया, “इस अभियान के जरिए हम यह सीखेंगे कि पृथ्वी की कक्षा में एक बड़ा स्पेस कैसे जोड़ा जाए. इसके साथ उसका संचालन और रखरखाव कैसे किया जाए यह सीखा जाएगा.” तियानगोंग को एक उत्कृष्ट अंतरिक्ष प्रयोगशाला बनाना प्रमुख उद्देश्य है जो अंतरिक्ष यात्रियों को लंबे समय तक ठहराने में सहायक होने के साथ ही वैज्ञिनिक, तकनीकी और एप्लीकेशन संबंधी प्रयोगों के लिए मददगार हो सके.

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क्यों खुद का स्पेस स्टेशन

चीन को कई साल पहले ही अमेरिका ने अपनी अगुआई वाले स्पेस स्टेशन का हिस्सेदार बनाने से रोक दिया था. लेकिन चीन अब खुद का स्पेस स्टेशन बनाकर अमेरिका के समकक्ष आने का कोशिश में लगा हुआ है. यह उसकी विश्व में महाशक्ति बनने की महत्वकांक्षा का हिस्सा है. इसकी योजनाएं 1992 से बन रही हैं. इसी योजना के तहत वहां चंद्रमा से मिट्टी के नमूने लाया है और उसने मंगल पर भी रोवर, लैंडर और ऑर्बिटर एक साथ भेजे हैं.
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