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क्या वजह है जो चीन में लाखों में बिक रहा है 1 सूअर

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Updated: October 9, 2019, 5:29 PM IST
क्या वजह है जो चीन में लाखों में बिक रहा है 1 सूअर
कारोबारियों ने बड़े आकार के सूअरों की ब्रीडिंग पर जोर देना शुरू किया (फोटो- प्रतीकात्मक)

चीन में सूअर से लगभग 125 तरह के अलग-अलग तरह के व्यंजन तैयार किए जाते हैं. ऐसे में इसी साल 9 लाख से भी ज्यादा सूअरों को मार दिया जाना मामूली बात नहीं.

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चीन में इन दिनों एक नया ट्रेंड देखा जा रहा है. यहां पोर्क यानी सूअर के मांस की कमी को पूरा करने के लिए बड़े-बड़े सूअर पाले जा रहे हैं. इनका आकार इतना बड़ा है कि वजन में हरेक सूअर किसी ध्रुवीय भालू के बराबर (लगभग 500 किलोग्राम तक) है. इन बड़े सूअरों की कीमत आम सूअरों से तीन गुना ज्यादा है.

कीमत इतनी बढ़ चुकी है कि काटे जाने के बाद कई सूअर 10,000 yuan (लगभग 1 लाख रुपए) में बिक रहे हैं, जो किसी चीनी प्रांत के नागरिकों की औसत मासिक आय से भी लगभग तीन गुना ज्यादा है. ऐसे में पोर्क इंडस्ट्री से जुड़े लोग इसी विशालकाय सूअर की ब्रीडिंग पर जोर दे रहे हैं ताकि घट चुके सूअरों की भरपाई हो सके और मांग और पूर्ति के बीच का फर्क कम हो सके.

क्या है मसला
पिछले साल दुनिया के कई देशों में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू का प्रकोप हुआ था, चीन में उन देशों में एक था. अगस्त महीने में इस बीमारी का पता चला. इससे हालांकि इंसानों को कुछ खास नुकसान नहीं होता लेकिन आंतरिक रक्तस्त्राव होने की वजह से सूअर काफी बीमार हो जाते हैं और ऐसे संक्रमित सूअर को खाना खास फायदे की बात नहीं. यही देखते हुए चीन सरकार ने स्थानीय स्तर पर सूअर पालकों से सूअरों को मार देने का अनुरोध किया. तब पूरे देश में लगभग 9 लाख सूअर मार दिए गए. सेहत के मद्देनजर सूअर मार तो दिए गए लेकिन बीमारी खत्म होने के बाद सूअरों की मांग दोबारा काफी बढ़ी. अब बाजार में मांग तो थी लेकिन उसे पूरा करने के लिए उत्पाद नहीं था. ऐसे में घाटे में जा चुके कारोबारियों ने बड़े आकार के सूअरों की ब्रीडिंग पर जोर देना शुरू किया.

चीन दुनियाभर में पोर्क मीट में सबसे आगे
इन बड़े सूअरों की कीमत आम सूअरों से 3 गुना तक ज्यादा है. पोर्क की भारी कमी को पूरा करने के लिए सूअर पालने वाले लोग समान्य आकार के सूअरों की बजाए बड़े आकार के सूअरों पर जोर दे रहे हैं और ब्रीडिंग के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रोटीन उत्पादन करने वाली बड़ी कंपनियां जैसे wens foodstuff group और cofco meat holdings limited ने भी अपने यहां सूअर पालन में कई बदलाव किए हैं जो उनके वजन और आकार से जुड़े हुए हैं. यहां गौरतलब है कि चीन दुनियाभर में पोर्क मीट का उत्पादन करने और उसे कंज्यूम करने में भी सबसे आगे है. चीन के बाद अमेरिका और फिर जापान का नंबर आता है. बीमारी से पहले साल 2017 में चीन में लगभग 70 करोड़ सूअर काटे गए और उनका मीट बाजार में पहुंचा.

घरेलू स्तर पर कोशिश
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पोर्क मीट पसंद करने वाले चीन में अगस्त में सूअरों की कत्लेआम के बाद से अबतक कीमत में हुई बढ़ोत्तरी को देखते हुए चेतावनियां दी जा रही हैं. चीनी राजनेता हू चुनहुआ (Vice Premier of the People's Republic of China)चेताते हुए कहते हैं कि अगले साल के छिमाही में ही पोर्क की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर इतना बढ़ जाएगा कि बाहर से पोर्क मंगवाना भी काफी नहीं होगा. इसी साल 10 मिलियन टन की पोर्क शॉर्टेज देखी जा रही है. ऐसे में लोग घरेलू स्तर पर ही उत्पादन की कोशिश करें. इसी चेतावनी के बाद लोग बड़े आकार के सूअरों की ब्रीडिंग पर जोर देने लगे हैं.

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First published: October 9, 2019, 5:29 PM IST
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