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चीन ने भेजा सूर्य की निगरानी के लिए पहला सैटेलाइट, जानिए कितना है खास

चीन ने भेजा सूर्य की निगरानी के लिए पहला सैटेलाइट, जानिए कितना है खास

चीन का यह सौर अवलोकन सैटेलाइट (Solar Observation Satellite)  दुनिया में अपनी तरह का पहला सैटेलाइट है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

चीन का यह सौर अवलोकन सैटेलाइट (Solar Observation Satellite) दुनिया में अपनी तरह का पहला सैटेलाइट है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

चीन (China) ने सूर्य के अध्ययन करने के लिए अपने पहला सौर अवलोकन सैटेलाइट(Solar observation Satellite) भेजा है जो सौर ज्वाला (Solar Flare) का अध्ययन करने के लिए उस पर हर पल निगरानी रखेगा.

    अंतरिक्ष के क्षेत्र में चीन (China) ने पिछले कुछ समय से कई उपलब्धियां हासिल की है. मंगल पर उसका पहला रोवर काम कर रहा है, चंद्रमा से वह मिट्टी के नमूने ला चुका है. उसका खुद का इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन स्थापित हो चुका है और काम शुरू करने वाला है. अब उसने अपने पहले सौर अवलोकन उपग्रह (Solar observation Satellite) प्रक्षेपित कर दिया है. इस सैटेलाइट में चीन का पहला सौर टेलीस्कोप लगा  हुआ है जिससे वैज्ञानिक सौर ज्वालाओं (solar flares) का अध्ययन कर सकेंगे. चीन का कहना है कि यह टेलीस्कोप अंतरिक्ष में सूर्य के अध्ययन के लिए भेजे गए अब तक के 70 सैटेलाइट से काफी अलग है.

    क्या नाम है इस सैटेलाइट का
    इस सैटेलाइट में लगा टेलस्कोप सौर स्पैक्ट्रम की डीप रेड एच एल्फा रेखा का अवलोकन करेगा जिससे वैज्ञानिकों को सौर ज्वाला का अध्ययन करने में मदद मिलेगी. इसका नाम चाइनीज एच एल्फा सोलर एक्सप्लोरर (CHASE) है. इसका चीनी नाम साय (Xihe) है जो चीनी मिथहास में सूर्य की देवी का नाम है.

    पृथ्वी का लगाएगा चक्कर लेकिन
    इस सैटेलाइट का भार 550 किलोग्राम है और इसे तीन साल के लिए डिजाइन किया गया है. वैसे तो यह उपग्रह पृथ्वी की चक्कर लगाएगा, लेकिन सूर्य के लिहाज से इसकी स्थिति स्थिर रहेगी जिससे यह सूर्य का अवलोकन कर आंकड़े जमाकर कर उसकी तस्वीरें भी ले सकेगा. चेज के चीफ कमांडर चेन जियानजिन का कहना है कि सटीक दिशा बनाए रखने में इसकी अति उच्च कार्यनिष्पादनता है.

    केवल सूर्य पर बनी रहेगी निगाह
    जियानजिन चीन के एरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉर्पेरेशन के 8वें संस्थान में कार्यरत शोधकर्ता हैं, उन्होंने कहा कि जैसे जब हमें कोई निशान लगाते है और हमें उसे बहुत अच्छे से देखना होता है और साथ ही हमें इसके लिए अपने हाथ और शरीर को स्थिर रखना होता है. चेज भी ऐसे ही सूर्य पर निगाह बनाए रखेगा.

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    इस सैटेलाइट से सौर ज्वाला (Solar Flare) का अध्ययन किया जाएगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

    सौर ज्वाला का हो सकेगा अध्ययन
    चीन ने अपने देश में कई जगह धरती पर ही सौर अवलोकन केंद्रों का नेटवर्क बनाया हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस नए उपग्रह के प्रक्षेपण से चीन की अंतरिक्ष में सौर अवलोकन की शुरुआत हो रही है. इससे मिलने वाले आंकड़ों से वैज्ञानिकों को सौर ज्वालाओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी.

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    अंतरिक्ष यानों और यात्रियों की सुरक्षा
    इस अभियान से मिले  आंकड़े सौर ज्वालाओं को समझने में मददगार साबित होगा जिनकी वजह से  सैटेलाइट संचार और आवागमन तंत्रों को खतरा बना ही रहता है. चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेस के शिक्षाविद फेंग चेंग का कहना है कि चेज का प्रक्षेपण अंतरिक्ष यानों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बहुत अहम है.

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    सौर ज्वाला (Solar Flare) पृथ्वी के संचार और आवागमन तंत्र के लिए बहुत नकुसानदायक होती हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    संचार और नेविगेशन सिस्टम
    चेंग ने बताया कि यह अभियान सौर ज्वाला से बचने में हमारी मदद कर सकता है जिससे हम अपने अतरिक्ष शोधों को सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं. वहीं पृथ्वी पर संचार और आवागमन तंत्र प्रभावित हो सकते हैं जिससे हमारे जीवन पर गंभीर असर हो सकता है. गौरतलब है कि यही वजह है कि दुनिया भर में सौर ज्वाला के अध्ययन किए जा रहा हैं.

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    चीन के नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन के अर्थ ऑब्जरवेशन एंड डेटा सेंटर के निदेशक झाओ जियान का कहना है कि यह नया चीनी सैटेलाइट दूसरे देशों के द्वारा भेजे सौर सैटेलाइट से बिलकुल अलग तरह से काम करेगा. उन्होंने कहा कि दुनिया में दूसरे देशों के 70 सौर अवलोकन सैटेलाइट हैं, लेकिन चीन का सैटेलाइट सूर्य की एच आल्फा स्पैक्ट्रम का अवलोकन करने वाला पहला यान है.

    Tags: China, Research, Science, Space, Sun

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