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जानिए चीन का रॉकेट गिरने की घटना पर अमेरिका के साथ हुआ कैसा ‘टकराव’

इस मामले को लेकर चीन (China) और अमेरिका शुरू से ही आमने सामने हैं. (कॉन्सेप्ट इमेज)

चीन (China) का लॉन्ग मार्च 5 बी (Long March 5B) यान मालदीव के पास हिंद महासागर में गिरा, लेकिन अमेरिका (USA) ने उस पर गैर जिम्मेदार होने के आरोप लगाया है.

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    हाल ही में चीन (China) का लॉन्ग मार्च 5बी रॉकेट (Long March 5B) अनियंत्रित हो गया जिसके बाद वह पृथ्वी की ओर गिर रहा था. इससे यह आशंका जताई गई कि इसका भारी मलबा पृथ्वी की सतह पर पहुंच कर भारी तबाही मचा सकता है. लेकिन यह रविवार को यह हिंद महासागर में मालदीव के पास गिरा और इससे किसी तरह के जानमाल की खबर नहीं आई. लेकिन इस घटना पर अमेरिका (USA) ने चीन पर गैरजिम्मेदार होने के आरोप लगाया है.

    इस रॉकेट पर इतनी हायतौबा क्यों
    जब भी कोई रॉकेट अंतरिक्ष में कोई यान ले जाता है तो उसका मलबा पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता ही है और उसके कुछ हिस्से पृथ्वी पर गिर भी जाते हैं. लेकिन लॉन्ग मार्च5 बी को लेकर कई आशंकाएं जताने की वजह भी बताई गई और वह थी उसका 18 टन का वजन. जबकि बीजिंग ने कहा था कि रॉकेट के गिरने से संभावित नुकसान का जोखिम बहुत कम है.

    नासा और कुछ विशेषज्ञों का आरोप
    अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि चीन का बर्ताव गैरजिम्मेदाराना था क्योंकि इस तरह के अनियंत्रित लेकिन विशाल वस्तुओं  का वायुमंडल में पुनः प्रवेश जानोमाल के नुकसान का बहुत ही बड़ा जोखिम पैदा कर देता है. अमेरिकी सेना की स्पेस कमांड ने बताया कि रॉकेट ने अरब प्रायद्वीप के ऊपर वायुमंडल में पुनःप्रवेश किया था. उसके ट्वीट में कहा गया है कि ऑपरेटरों ने इस बात की पुष्टि की है कि रॉकेट हिंद महासागर में मालदीव के उत्तर में गिरा है.

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    चीन (China) के इस रॉकेट के मलबे का वजन 18 टन था और आम रॉकेटों के मलबे से ज्यादा था. (प्रतीकात्मक तस्वीर: China News Service via Wikimedia Commons)


    वहीं हुआ जिसकी संभावना थी ज्यादा
    रॉकेट के गिरने को लेकर बहुत से विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि चूंकि पृथ्वी की सतह 70 प्रतिशत पानी से ढकी हैं इसलिए इसके महासागर में ही गिरने की संभावना ज्यादा है. रॉकेट के अनियंत्रित हो जाने से इस बात की कयास लगने लगे थे कि यह धरती पर गिर कर नुकसान पहुंचा सकता है. चीन के अलावा अमेरिकी और यूरोपीय एजेंसी भी इस रॉकेट को ट्रैक कर रही थीं.

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    आरोप के कारण
    लॉन्ग मार्च 5बी के इतने वजनी होने की वजह से आशंकाएं ज्यादा पैदा हुईं. इसके अलावा पिछले साल चीन का ही लॉन्ग मार्च रॉकेट आइवरी कोस्ट के रिहायशी इलाके में गिरा था जिससे किसी के मारे जाने या घायल की तो कोई खबर नहीं आई थी, लेकिन गांव की कुछ संपत्ति को नुकसान जरूर पहुंचा था. हार्वर्ड के खगोलविद जोनाथन मैकडॉवेल के मुताबिक यह पृथ्वी गिरने वाले चौथा सबसे बड़ा अनियंत्रित पिंड था.

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    चीन (China) का तियानगोंग स्पेस स्टेशन साल 2022 में बन कर पूरा होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)


    क्या जुआ जीता है चीन ने
    नासा और कई विशेषज्ञों ने यह कहा है कि चीन का रवैया गैरजिम्मेदाराना था. ऐसे हालात को टालने के लिए कुछ विशेषज्ञों ने सुझाया है की लॉन्ग मार्च 5बी रॉकेट को फिर से डिजाइन करने की जरूरत है जिसमें इस समय नियंत्रित अवतरण की कोई व्यवस्था नहीं है. मैक्डॉवेल ने अपने ट्वीट में कहा कि महासागर में पुनःप्रवेश की संभावना ज्यादा होती है और चीन ने जुआ जीत लिया.

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    चीनी अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने बताया कि मलबा जमीन पर गिरने की संभावना बहुत ही कम होती है. इससे पहले भी नुकसान की आशंकाओं को चीन ने पश्चिम की हायतौबा करार दिया था. इस घटना से चीन के स्पेस स्टेशन कार्यक्रम पर कोई असर नहीं होने की उम्मीद है.