क्या भारत को घेरने के लिए चीन PAK में बना रहा है सैन्य बेस? दिखी सैटेलाइट इमेज

क्या भारत को घेरने के लिए चीन PAK में बना रहा है सैन्य बेस? दिखी सैटेलाइट इमेज
पाकिस्तान के ग्वादर में चीन के नेवल बेस के बारे में खबर आ रही है (Photo-pikist)

माना जा रहा है कि चीन जानबूझकर भारत के पड़ोसियों से सैन्य और आर्थिक रिश्ते मजबूत कर रहा है ताकि भारत की अपने ही महाद्वीप में स्थिति कमजोर पड़ जाए.

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दक्षिण-पूर्वी एशिया में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए चीन लगातार कोशिशें कर रहा है. कुछ वक्त पहले पाकिस्तान के ग्वादर में चीन के नेवल बेस के बारे में खबर आई. इस बेस के तैयार होने पर हिंद महासागर में भी चीन की पकड़ काफी मजबूत हो जाएगी. वैसे माना जा रहा है कि चीन जानबूझकर भारत के पड़ोसियों से सैन्य और आर्थिक रिश्ते मजबूत कर रहा है ताकि भारत की अपने ही महाद्वीप में स्थिति कमजोर पड़ जाए.

कैसा है ये नेवल बेस
पाकिस्तान में हाल ही में एक हाई सिक्योरिटी कंपाउंड तैयार हुआ है. माना जा रहा है कि ये चीन का बंदरगाह और नेवी बेस हो सकता है. इस बारे में यूरेशियन टाइम्स में आई रिपोर्ट बताती है कि ये हिंद महासागर में चीन खुद को मजबूत और भारत को कमजोर बनाने के लिए कर रहा है. पाकिस्तान के बलोचिस्तान में ग्वादर इलाके में इस कंपाउंड की सैटेलाइट इमेज देखी गई है. चाइना कम्युनिकेशंस कंस्ट्रक्शन कंपनी (CCCC) ने ये कंपाउंड तैयार किया है, जिसकी सुरक्षा काफी तगड़ी है. सैटेलाइट इमेज आने के बाद से इस पर पूरी दुनिया और खासकर भारत की चिंता बढ़ गई है.

हिंद महासागर में चीन खुद को मजबूत और भारत को कमजोर बनाने की कोशिश कर रहा है

क्यों मिला संदेह को बढ़ावा


कंपाउंड को जिस कंपनी ने बनाया है, उसका काफी बड़ा हिस्सा सरकारी है. ये कंपनी सरकारी निर्माण से जुड़े काम ही करती है. ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये कंपाउंड चीन का नेवी बेस ही हो सकता है. फोर्ब्स में आई रिपोर्ट के अनुसार सबसे पहले चीन के पाकिस्तान में नेवी पोर्ट बनाने की बात साल 2018 में आई थी. हालांकि चीन ने कभी भी इसकी पुष्टि नहीं की. लेकिन जिस लिहाज से कंपाउंड की सुरक्षा है, वो किसी व्यापारिक इमारत की नहीं हो सकती.

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क्या है कंपाउंड के भीतर
यहां एंटी-वीकल रास्ते, सिक्योरिटी फेंसिंग और ऊंची दीवारें खड़ी की गई हैं. साथ ही पोस्ट और गार्ड टावर फेंसिंग और अंदर की दीवार के बीच बने हुए हैं. इससे अंदाजा लग सकता है कि भीतर हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे. सैटेलाइट इमेज में छतें नीली दिख रही हैं. इससे यह अनुमान लग रहा है कि ये चाइनीज मरीन कोर के बैरक हो सकते हैं.

चीन की पाकिस्तान की नौसेना को भी आधुनिक तकनीकों से लैस बनाने जा रहा है


पहले से ही चीन पाकिस्तान में सक्रिय है
ये निर्माण में मदद के लिए पाकिस्तान में आया और वहां कई महत्वाकांक्षी योजनाओं पर काम कर रहा है. जैसे पाक अधिकृत कश्‍मीर (PoK) में पाकिस्तान के साथ मिलकर चीन एक बड़ा बांध बना रहा है. इस प्रोजेक्ट को डायमर-भाषा डैम नाम दिया गया है. इस पर भारत के विरोध की भी दोनों देश अनसुनी कर रहे हैं. अब चीन वहां अपने सैन्य अड्डे बनाने की फिराक में है. ग्वादर प्रोजेक्ट इसमें चीन के काम आ सकता है.

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क्या है चीन की योजना
ग्वादर को लगभग $ 46 बिलियन डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) की बेस परियोजना माना जाता है. इससे पाकिस्तान से शिनजियांग तक रास्ता छोटा और सस्ता हो जाएगा. ऐसे होने पर समुद्री रास्ते के लिए भारत पर चीन की निर्भरता कम हो जाएगी. साथ ही वो दक्षिण एशिया में काफी ताकतवर हो जाएगा. इस ताकत को और बढ़ाने के लिए चीन ग्वादर पोर्ट पर नेवी बेस भी बनाने की तैयारी में है.

वैसे चीन लगातार पाक में अपने नेवी बेस बनाने से इनकार करता रहा है


क्या कहते हैं विशेषज्ञ
फोर्ब्स में चीनी मामलों के विशेषज्ञ एचआई सटन लिखते हैं कि अभी तक चीन ने ऐसी कोई सूचना नहीं दी है. लेकिन पोर्ट में हाई सिक्योरिटी कंपाउंड इस बात का इशारा है कि काम चालू है. चीनी नेवी एक बार आ गई तो वो हिंद महासागर में भी अपने को मजबूत बना लेगी.

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पाकिस्तान को भी कर रहा हथियारों से लैस
इसके अलावा चीन की पाकिस्तान की नौसेना को भी आधुनिक तकनीकों से लैस बनाने जा रहा है. पाकिस्तान ने चीन से युआन क्‍लास की 7 डीजल-इलेक्ट्रिक से चलने वाली सबमरीन के लिए सौदा किया है. ये सबमरीन लंबे समय तक पानी के अंदर रह सकती है. अनुमान के अनुसार पाकिस्तान अब चीन से अपने 70 फीसदी से ज्यादा हथियार खरीद रहा है. इसमें नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए हथियार भारी मात्रा में लिए जा रहे हैं. बता दें कि पाक के पास फिलहाल पांच सबमरीन, 10 मिसाइल बोट, 3 माइनस्वीपर और 9 फ्रीगेट्स हैं. लेकिन चीन से मिल रहे सामान से पाक नौसेना काफी घातक हो सकती है.
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