चीन इस साल नवंबर में भेजेगा दुनिया का पहला Asteroid Mining Robot

चीन (China) नवंबर में अपना क्षुद्रग्रह उत्खनन रोबोट (Asteroid Mining Robot) पृथ्वी की कक्षा में भेजेगा.  (प्रतीकात्मक तस्वीर)
चीन (China) नवंबर में अपना क्षुद्रग्रह उत्खनन रोबोट (Asteroid Mining Robot) पृथ्वी की कक्षा में भेजेगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

चीन (China) अपने एक निजी कंपनी (Private company) के जरिए अंतरिक्ष (Space) में एक क्षुद्रग्रह उत्खनन रोबोट (Asteroid Mining Robot) इसी साल नवंबर में भेजने की तैयारी कर रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 27, 2020, 1:06 PM IST
  • Share this:
चीन (China) की राजनैतिक और विस्तारवादी महत्वाकांक्षाएं (Ambitions) किसी से छिपी नहीं हैं. इसके लिए वह व्यापार ही नहीं बल्कि अंतरिक्ष अनुसंधान (Space Research) में भी तेजी से आगे बढ़ने के लिए कदम उठा रहा है. इसमें मंगल (Mars) के लिए अनोखा अभियान, अंतरिक्ष में खुद का इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station) जैसे कदम उठाने की तेजी से तैयारी कर रहा है. अब इसी कड़ी में चीन अब एक क्षुद्रग्रह (Asteroid) के उत्खनन (Mining) भी तैयारी में लग गया है.

पहला उत्खनन रोबोट
इसी साल नवंबर में चीन दुनिया का पहले उत्खनन रोबोट अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी में लगा हुआ  है. बीजिंग की एक निजी कंपनी ओरिजिन स्पेस इस महत्वाकांक्षी प्रोजोक्ट को लॉन्च करेगी.  इस रोबोट का नाम एस्ट्रॉयड माइनिंग रोबोट रखा गया है. इस नाम के बावजूद इस यह रोबोट उत्खनन का काम नहीं करेगा.

क्या होगा इसका काम
इस अभियान का काम प्राथमिक आंकलन करना होगा जिसमें क्षुद्रग्रहों के उत्खनन संबंधी तकनीकियों की फील्ड टेस्टिंग किया जाएगा. इस अभियान का नाम NEO1 और इसे चीन के लॉन्ग मार्च रॉकेट के दूसरे पैलोड के तौर पर लॉन्च किया जाएगा.  यह अंतरिक्षयान  हलके यानों की श्रेणी में आता है जिसका वजन केवल 30 किलो होगा.



China, Space, space explorations
चीन (China) की अंतरिक्ष (Space) मामलों में महत्वाकांक्षाएं किसी से छिपी नहीं हैं. (तस्वीर: Pixabay)


क्या है लक्ष्य
चीन का यह खास अंतरिक्षयान पृथ्वी से 500 किमी की ऊंचाई की कक्षा में जाएगा. ओरिजिन स्पेस के सहसंस्थापक यू तियानहोंग ने IEEE स्पैक्ट्रम से हुए एक साक्षात्कार में बताया, “हमारा लक्ष्य ऐसी कक्षा वाले अंतरिक्ष यानों के जैसे बहुल कार्यों की पुष्टि और प्रदर्शन करना है. इसमें छोटे खगोलीय पिंड में जाना, वहां इंटेलिजेंट अंतरिक्ष यान पहचान करना और नियंत्रण जैसे का कार्य भी शामिल हैं.”

चंद्रमा पर कितने नुकसानदायक होंगे Radiation, चीनी लैंडर के आंकड़ो ने बताया

पहली बार भेजा जा रहा है ऐसा अभियान
इस अभियान में वास्तविक प्रगति पर कई तरह की बातें हो रही हैं क्योंकि इस तरह का प्रयास पहले कभी नहीं हुआ है. कंपनी का जोर देकर कहना है कि यह अभियान केवल एक संभावना तलाशने के लिए है न कि उत्खनन करने के लिए. यदि यह सफल हुआ तो यह एक खरबों डॉलर का उद्योग हो सकता है.

China, spacecraft, Space mining,
चीन (China) का यह अंतरिक्ष यान (spacecraft) केवल 30 किलो का है जो अंतरिक्ष उत्खनन (Space mining) पर काम करेगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


विज्ञान फंतासी लगता है यह
यह अभियान एक विज्ञान फंतासी शो के एक एपिसोड की तरह लगता है जिसमें अंतरआकाशगंगा कि शक्तियों का संघर्ष हो.  अंतरिक्ष का अधिकांश हिस्सा अभी तक पता ही नहीं लगाया जा सका है, लेकिन अब इस मामले में प्रयास तेज हो गए हैं. जहां एलन मस्क जैसे व्यापारी लगातार मंगल ग्रह पर बस्तियां बसाने की बात कर रहे हैं, तो रूस शुक्र ग्रह को अपना ग्रह बता रहा है. इस लिहास से आने वाले सालों में अतरिक्षीय गतिविधियां रोचक होने वाली है.

क्या है यह ‘Mini Moon’ जो तेजी से आ रहा है पृथ्वी की कक्षा में

वहीं नासा ने भी घोषणा की है कि वह भविष्य में निजी कंपनियों से चंद्रमा की वस्तुएं खरीदना चाहेगा. वैज्ञानिकों के लिए जहां यह क्षेत्र अपार अंनुसंधान अवसरों से भरा है तो अब अरबपतियों के लिए व्यवसायिक अवसर भी बढने लगे हैं. अंतरिक्ष और वहां की चीजों पर किसका अधिकार है और इनके बेचने का किस पर अधिकार है यह भी एक बहस का विषय हो गया है. कई वैज्ञानिक अंतरिक्ष निजीकरण के पक्ष में नहीं हैं लेकिन इस उत्खनन अभियान के बाद इस तरह की बहसें शायद उतनी मायने नहीं रखें.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज