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चीन जारी करेगा उनका डाटा जिनमें कोरोना संक्रमण के बावजूद लक्षण नहीं दिखे

News18Hindi
Updated: April 1, 2020, 9:00 AM IST
चीन जारी करेगा उनका डाटा जिनमें कोरोना संक्रमण के बावजूद लक्षण नहीं दिखे
चीन पर इस समय अपनी छवि सुधारने का बड़ा दबाव है.

कोरोना के वैश्विक संकट बनने के बाद चीन पर आंकड़े छुपाने के आरोप लगते रहे हैं. अब चीन ऐसे मामलों के आकंड़े जारी कर सकता है जिनमें संक्रमण के बावजूद लक्षण नहीं दिखे.

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चीन की सरकार (Chinese Government) ने इशारा किया है कि वो अब उन लोगों का डाटा जारी करेगी जिनमें कोरोना संक्रमण होने के बावजूद लक्षण नहीं उभरे थे. दरअसल कोरोना संबंधी आंकड़ों को लेकर वैश्विक स्तर पर चीन आलोचना का सामना कर रहा है. आलोचकों का कहना है कि चीन ने इस बीमारी के बारे में अहम जानकारियां साझा नहीं की हैं.

बिना लक्षणों वाले संक्रमण की होगी सघन जांच
कोरोना को लेकर की गई उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री ली केकियांग ने निर्देश दिया है कि 'बिना लक्षणों' वाले मामलों पर देश का स्थानीय प्रशासन को और ज्यादा ध्यान दे. ऐसे मामलों को मेडिकल की भाषा में Asymptomatic Infection भी कहते हैं. केकियांग ने कहा-एक बार ऐसे मरीजों की पहचान हो जाने पर तत्काल उनका इलाज किया जाए. ये भी निर्देश दिया गया है कि ऐसे मामले सामने आने पर तुरंत सार्वजनिक किए जाएं.





शुरू से आ रहे हैं ऐसे मामले, लेकिन छुपाया


दरअसल वुहान में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ने के बाद ही ऐसे मामले आने शुरू हो गए थे जिनमें लक्षण नहीं दिखाई दे रहे थे. चीन में कई प्रांतों की सरकारें अब भी इन मामलों की पड़ताल करने में जुटी हुई हैं. माना जा रहा है कि अगर चीन ऐसे मामलों को भी जोड़ लेगा तो उसके यहां कंफर्म मामलों की संख्या बढ़ सकती है.

जापान, कोरिया, सिंगापुर ने किया शामिल
अगर दूसरे देशों की बात की जाए तो जापान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर ने अपने यहां सभी मामलों को कोरोना इंफेक्शन के केस में जोड़ा है. यानी जिन लोगों में लक्षण नहीं दिख रहे थे लेकिन उन्हें कोरोना संक्रमण था, उन सभी लोगों को इन देशों ने पॉजिटिव केस माना है. जबकि चीन ने ऐसे बहुत सारे मामलों की गिनती ही नहीं की.

नए केस बने सिरदर्द
बीते कुछ दिनों में चीन के Gansu और Guangdong प्रांतों में कोरोना के ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें संक्रमण के बावजूद लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं. जिन लोगों में ये संक्रमण पॉजिटिव पाया गया है उनमें से ज्यादातर हुबेई प्रांत से आए थे. गौरतलब है कि हुबेई कोरोना का वैश्विक केंद्रबिंदु था और इसी प्रांत में वुहान शहर पड़ता है. कुछ ही दिनों पहले चीन ने यहां से लॉकडाउन हटाया है. अब बिना लक्षणों वाले नए मामले सामने के बाद सरकार के कान खड़े गए हो गए हैं. सरकार जानना चाहती है कि आखिर ऐसे कितने केस देश में हैं?

प्रधानमंत्री ली केकियांग द्वारा की गई मीटिंग में जोर दिया गया है कि अब जांच का दायरा बढ़ाकर ये कंफर्म करना होगा कि बिना लक्षणों वाले मामले की वास्तविक संख्या कितनी है. अब जबकि चीन ने फिर से उत्पादन शुरू कर दिया है तो कुछ लोगों द्वारा चिंता जताई गई है कि स्थानीय प्रशासन कोरोना के मामलों को छुपा सकता है.



लगातार आलोचना झेल रहा है चीन
गौरतलब है कि पश्चिमी देशों द्वारा चीन पर कोरोना के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानाकारियां छुपाने का आरोप लगा है. चीन खुद भी चाहता है कि इस वैश्विक महामारी को लेकर लग रहे आरोपों से छुटकारा पाया जाए. इसी वजह से अब चीन कोरोना संबंधी सभी जानकारी और डाटा सार्वजनिक करने को तत्पर दिख रहा है. संभव है चीन के डाटा जारी करने के बाद दूसरे देशों को इसकी दवा या वैक्सीन तलाशने में आसानी हो. कोरोना के वैश्विक संकट बनकर उभरने के बाद चीन भी अपनी छवि को लेकर चिंतित है. यही वजह है कि दूसरे देशों की मदद के लिए चीन आगे आ रहा है.
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First published: April 1, 2020, 9:00 AM IST
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