चीन की संसद में बढ़ता ही जा रहा है अरबपतियों का बोलबाला

चीन की संसद में बढ़ता ही जा रहा है अरबपतियों का बोलबाला
चीन में पिछले कुछ सालो में तेजी से अरबपति बढ़े हैं और वहां की संसंद में भी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पिछले कुछ सालों से चीन (China) की संसद NPC में वहां के अरबपतियों (Billionaires) की संख्या सौ के आसपास रही है. चीन में भी अरबपति तेजी से बढ़े हैं.

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हाल ही में भारत-चीन (Indio china) संबंधों में तनाव का असर दोनों देशों के व्यापार (Trade) पर होने की बातें हो रही हैं. किसी देश की प्रगति में उसके विदेशी व्यापार का बहुत बड़ा योगदान होता है, और इस लिहाज से चीन दुनिया के मंच पर बहुत ही तेजी से आगे बढ़ा है. अब जबकि भारत-चीन के राजनैतिक संबंधों के साथ व्यापारिक संबंधों का भी आंकलन हो रहा है, ऐसे में चीन की बढ़ती व्यापारिक शक्ति में वहां के अरबपतियों (Billionaires) की भूमिका भी बढ़ती जा रही है. यहां तक कि चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कॉन्ग्रेस (NPC) में भी अरबपतियों का बोलबाला तेजी से बढ़ा है.

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अमेरिका और चीन के संबंध कैसे भी हों, अमेरिका ने चीन पर नकेल कसने केले कितने ही जतन किए हों, लेकिन हकीकत यही है कि चीन ने तेजी से तरक्की की है और इसका सबूत तब सामने आया जब दुनिया की सबसे अमीर लोगों की सूची में नए लोगों के नाम चीन के ज्यादा निकले. नए अरबपतियों के मामले में चीन की संख्या अमेरिका से तीन गुना ज्यादा रही. जहां वृह्द चीन (हॉन्गकॉन्ग सहित) से 182 नए अरबपति निकले तो वहीं अमेरिका से केवल 59 नए अरबपति ही पैदा हो सके.


संसंद में बढ़े अरबपति


 पिछले कई सालों से चीन की संसद में अरबपतियों की संख्या बढ़ती रही है. साल 2018 में हालांकि इसमें कुछ कमी आई लेकिन माना जाता है कि चीनी संसंद और इस तरह चीन पर अरबपतियों का बोलबाला, वर्चस्व या दखल बढ़ता ही दिख रहा है. इस बार चीनी संसंद में अरबपतियों की संख्या में भले ही कुछ कमी आई हो, लेकिन उनकी संपत्ति में इजाफा कम नहीं हो रहा है.

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किन अरबपतियों का है बोलबाला
चीन के सबसे अमीर व्यक्ति और अलीबाबा के संस्थापक जैक मा के पास अभी 45 अरब डॉलर की संपत्ति है, जबकि दूसरे नंबर टेनसेंट के पोनी मा की संपत्ति 44 अरब डॉलर की है जो चीन की संसद के सदस्य भी हैं. टेनचेट कंपनी का सोशल मोबाइल ऐप वीचैट चीनी लोगों के लिए बहुत अहम है. इसकी कीमत फेसबुक से भी अधिक है. इसके बाद रियल स्टेट में शीर्ष पर रहे चीन के शू जियायिन का नंबर है. एवरग्रेनेड कंपनी के मालिक जियायिन की संपत्ति 33 अरब डॉलर की आंकी गई है. वे भी चीन के सांसद हैं.

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ये अरबपति भी
इसके अलावा ली शुआ की जो हेंडरसन लैंड के चेयरमैन हैं और गार्डन ग्रुप के संस्थापक यांग परिवार दोनों की संपत्ति  27 अरब डॉलर है. हैंडरसन के वाइस चैयरमैन ली का किट और यांग परिवार के यांग गुओकियांग दोनों संसद के सदस्य हैं.

हॉन्गकॉन्ग (Hongkong) में रहने में अमीर चाइनीज अपना निवेश और फंड शिफ्ट कर रहे हैं. उन्हें यह फिक्र है कि चीन के नए विवादास्पद नेशनल सिक्योरिटी लॉ के कारण मेनलैंड अथॉरिटी उनकी संपत्ति ट्रैक और जब्त कर सकती है.
पिछले कुछ सालों में चीन में अरबपतियों की संख्या तेजी से बढ़ी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


क्या फायदे हैं NPC में होने के
इस समय करीब 20 प्रतिशत सांसद बड़े बिजनेसमैन के तौर पर संसद का हिस्सा हैं. चीन में माना जाता है कि नेशनल पीपुल्स कॉन्ग्रेस का हिस्सा होने  संपत्ति की रक्षा करने के समान माना जाता है. एनपीसी के सदस्यों को स्थानीय पुलिस आसानी से गिरफ्तार नहीं कर सकती है. इसके अलावा चीन में शायद ही ऐसा कोई अमीर व्यक्ति हो जिसका चीन सरकार से कोई संबंध न हो. खुद चीन के सबसे अमीर व्यक्ति अलीबाबा के संस्थापक जैकमा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य हैं.

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साफ है चीन की नीतियों पर वहां के व्यापारियों और अरबपतियों का भी प्रभाव है. कहां और कितना निवेश होना है जैसे फैसलों पर इन बाहुबलियों का असर होता है. हां बस फैसले कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ नहीं होने चाहिए. आमतौर पर ये अरबपति भी अपनी सरकार के साथ ही खड़ी होते हैं.
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