2 हफ्ते के भीतर वुहान में कैसे हुआ 65 लाख लोगों का कोरोना टेस्ट?

2 हफ्ते के भीतर वुहान में कैसे हुआ 65 लाख लोगों का कोरोना टेस्ट?
चीन के वुहान शहर में बड़ा कोरोना टेस्टिंग अभियान चलाया जा रहा है.

वुहान (Wuhan) में बीते सप्ताह के भीतर 65 लाख लोगों की कोरोना टेस्टिंग (Covid-19 Testing) की गई है. प्रशासन का लक्ष्य है कि अगले 15 दिनों के भीतर शहर के सभी लोगों का टेस्ट कर लिया जाए. वुहान की आबादी 1.1 करोड़ है.

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चीन का वुहान शहर कोरोना वायरस की वजह से बीते कुछ महीनों में दुनियाभर में चर्चा का केंद्र रहा है. इसी शहर से फैलने के कारण कोरोना वायरस को वुहान वायरस भी कहा जाता है. तकरीबन 78 दिन तक बेहद सख्त लॉकडाउन के बाद इस शहर को अप्रैल महीने में खोला गया था लेकिन उसके बाद फिर नए मामले सामने आने लगे. अब इस शहर ने एक बार फिर रिकॉर्ड कायम किया है महज दो हफ्ते के भीतर तकरीबन 65 लाख शहरवासियों का कोरोना टेस्ट किया गया है. दरअसल इस कैंपेन के तहत पूरे वुहान शहर का टेस्ट किया जाना है. वुहान की कुल आबादी 1.1 करोड़ है.

दिन-रात काम कर रहे हैं स्वास्थ्यकर्मी
वुहान के स्वास्थ्यकर्मी इस टेस्टिंग कैंपेन को पूरा करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं. दिलचस्प रूप से इस बार लोगों को टेस्ट कराने के लिए अस्पताल नहीं जाना पड़ा रहा है बल्कि स्वास्थ्य विभाग खुद ही लोगों तक पहुंच रहा है. हेल्थ वर्कर्स कंस्ट्रक्शन साइट्स, मार्केट और घरों में पहुंच कर लोगों का टेस्ट कर रहे हैं. स्वास्थ्य अधिकारी बस्तियों में जाकर लोगों के बीच लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कर रहे हैं कि लोग इस कैंपेन में हिस्सा लें और अपना टेस्ट जरूर करवाएं.

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वुहान में कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं जिसकी वजह से पूरे शहर की टेस्टिंग का फैसला किया गया है




जल्द ही पूरी की जाएगी पूरे शहर की टेस्टिंग


वुहान में रहने वाली 32 वर्षीय वैंग युआन के मुताबिक उनके इलाके के सभी लोगों का टेस्ट एक ही दिन में पूरा कर लिया गया. हेल्थ वर्कर्स ने उनके इलाके में टेंट लगाकर कैंप बनाया था. एक ही दिन के भीतर हजारों की संख्या में लोगों ने लाइन में लगकर टेस्टिंग करवाई. गौरतलब है कि एक तरफ दुनिया के अन्य देशों की सरकारें अब भी बड़े स्तर पर मास टेस्टिंग नहीं कर पा रही हैं चीनी सरकार ने कोरोना की सेकंड वेव से बचने के लिए पूरे वुहान शहर की टेस्टिंग की योजना बनाई है. अगले पंद्रह दिनों के भीतर वुहान की पूरी आबादी का टेस्ट कर किया जाना है.

दूसरे राज्यों के स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल
कहा जा रहा है कि वुहान में इस वाइड स्प्रेड टेस्टिंग अभियान को पूरा करने के लिए चीन ने अन्य राज्यों के स्वास्थ्यकर्मियों की सेवाएं भी ली जा रही हैं. कोशिश की जा रही है बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों को इस काम में लगाकर इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए. सरकार ने इतने बड़े टेस्टिंग अभियान के पहले लोगों को भरोसा दिया है कि इससे आर्थिक गतिविधियां तेज करने में आसानी होगी. हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स चीनी सरकार के इस भारी भरकम अभियान की आलोचना भी कर रहे हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब पहले ही वुहान में कोरोना के मामले में बेहद कम आ रहे हैं तो इतनी बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों को लगाने की क्या जरूरत है?

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कोरोना वायरस की वजह से 78 दिनों तक चले लॉकडाउन के बाद वुहान में अब काफी ढील दे दी गई है. स्कूल-कॉलेज खुल गए हैं.


लाउडस्पीकर पर की गई अपील में चेतावनी का मिश्रण
उधर वुहान के इलाकों में जो स्वास्थ्य अधिकारी लाउडस्पीकर से लोगों को कैंपेन का हिस्सा बनने की अपील कर रहे हैं. उनकी अपील में एक चेतावनी भी शामिल है. इन घोषणाओं में लोगों से कहा जा रहा है कि अगर आपने इस कैंपेन में हिस्सा नहीं लिया तो आपको किसी सुपरमार्केट या फिर मार्केट में घुसने नहीं दिया जाएगा. दरअसल स्वास्थ्य विभाग इस टेस्टिंग के बाद लोगों को ग्रीन कोड इस्यू कर रहा है. अगर किसी का टेस्ट नहीं हुआ है तो वह अपने आप यलो कोड में चला जाएगा.

मेडिकलकर्मियों को बचाने की कोशिश भी जारी
सरकार इस बात की पूरी कोशिश कर रही है कि ये अभियान ही कहीं कोरोना फैलाने का कारण न बन जाए. क्योंकि कोरोना को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर है. इसी वजह से लोगों को टेस्टिंग के लिए टाइम स्लॉट दिया जा रहा है. लोगों से कहा जा रहा है कि वो अपने नीयत समय पर ही पहुंचे. पहले पहुंच कर भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है. टेस्टिंग की प्रक्रिया खुली जगहों पर की जा रही है. टेस्टिंग के लिए लाइन में लगे लोगों के बीच कम से कम दो मीटर की दूरी रखी जा रही है. टेस्टिंग कराने आए लोगों को मास्क पहनना बेहद जरूरी है. वहीं स्वास्थ्यकर्मी हर टेस्ट के बाद अपने ग्लव्स चेंज कर रहे हैं.

american state department warned in 2018 that wuhan lab testing bats for coronavirus had potential tp cause a pandemic
प्रतीकात्मक तस्वीर


एक्सपर्ट्स क्यों कर रहे आलोचना
यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग में वायरोलॉजिस्ट जिन डॉन्गयान का मानना है कि चीनी सरकार का ये प्रयास आवश्यकता से कुछ अधिक ही है. साथ ही आंकड़े भरोसे के काबिल नहीं हैं. उन्होंने कहा कि बेहद कम समय में इतनी बड़ी संख्या में लोगों का एक्यूरेट टेस्ट तकरीबन नामुमकिन है. उन्होंने कहा कि बेहतरीन लैब्स में भी कोविड 19 की टेस्टिंग में समय लगता है. जिस तरीके से टेंट के भीतर ये सब कुछ किया जा रहा है कि उससे बड़ी संख्या में गलत आंकड़े सामने आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि चीन की ये टेस्टिंग प्रक्रिया वुहान के लोगों के लिए डरावनी है. उन्होंने कहा कि वुहान की इस टेस्टिंग प्रक्रिया को अन्य जगह फॉलो किए जाने की जरूरत नहीं है.

क्या मिलेगी मदद
वहीं वाइड़ स्प्रेड टेस्टिंग को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि इससे चीन स्वास्थ्य विभाग को कोरोना को समझने में और ज्यादा मदद मिलेगी. अब जबकि कोरोना के ज्यादातर मामले एसिंप्टोमेटिक आ रहे हैं, ऐसे समय में की गई टेस्टिंग का फायदा आगे कोरोना को समझने में मिलेगा.
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