चीनी मीडिया ने क्यों भारतीय नौसेना को कहा 'अनप्रोफेशनल', तब मिला क्या जवाब

चीन के सरकारी मुखपत्र माने जाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने भारतीय नौसैनिकों को ढीला बताया तो नौसेना ने भी इसका कड़ा जवाब दिया

News18Hindi
Updated: May 1, 2019, 6:26 PM IST
चीनी मीडिया ने क्यों भारतीय नौसेना को कहा 'अनप्रोफेशनल', तब मिला क्या जवाब
आईएनएस विक्रमादित्य
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Updated: May 1, 2019, 6:26 PM IST
भारतीय नौसेना हाल में जब एयरक्राफ्ट करियर आईएनएस विक्रमादित्य के साथ चीन की सालाना नेवेल परेड में हिस्सा लेने गयी तो बजाए उसकी गुडविल की तारीफ करने के चीनी मीडिया ने उसे आलोचनाओं के घेरे में खड़ा कर दिया. ये तो बेहतर था कि भारत ने इसका जवाब भी भरपूर दिया.

चीनी अखबारों में लिखा गया भारतीय नौसेना अनप्रोफेशनल हैं. जो अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम नहीं दे रहे हैं.

इस पर भारतीय नौसेना ने जवाब देते हुए कहा उसे अपने पेशेवर अंदाज पर गर्व है. उसने एक नहीं बल्कि कई शानदार ऑपरेशंस को अंजाम दिया है, जिसमें एयरक्राफ्ट करियर के प्रदर्शन से लेकर न्यूक्लियर पनडुब्बी के काम शामिल हैं.

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नेवी के प्रवक्ता कैप्टेन डीके शर्मा ने कहा कि भारतीय नौसेना की मौजूदा ताकत के पीछे उसका अथाह अनुभव और सही मौके पर घटनाओं से सही तरीके से निपटना है. उसने कठिन से कठिन परिस्थितियों में जबरदस्त काम कर के दिखाया है.

चीन के मिलिट्री एक्सपर्ट ने की थी आलोचना 
दरअसल चीन के अखबार में एक मिलिट्री एक्सपर्ट ने भारतीय नौसेना की क्षमता पर संदेह जताते हुए कहा था कि आईएनएस विक्रमादित्य के लोग जिस तरह काम करते हैं, वो इस युद्धपोत के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
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इस आर्टिकल में ये भी कहा गया कि भारतीय नौसेना ने अपनी गलतियों से सीख नहीं ली है. बल्कि वो लगातार गलतियां करती रही है.

भारत ने भेजे थे दो विमान 
चीन के पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर वहां नेवेल परेड में कई देशों ने शिरकत की थी. चीन के आमंत्रण पर भारत ने भी अपने दो जहाज इसमें भेजे थे. इसमें आईएनएस विक्रमादित्य के अलावा विध्यवंसक जहाज आईएनएस कोलकाता भी शामिल था.

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आईएनएस विक्रमादित्य में लग गई थी आग 
चीन की ये नेवेल परेड पूर्वी चीन के क्विंगडाओ में हुई थी. उसी दौरान आईएनएस विक्रमादित्य में आग लग गई. जिसमें एक भारतीय नौसेना अफसर डीएस चौहान की जान चली गई.

भारतीय नौसेना ने अपने एक बयान में कहा, आग पर जहाज के क्रू ने तुरंत नियंत्रण पा लिया और जहाज में कोई गंभीर नुकसान होने से बच गया, इससे जहाज की लड़ाकू क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ा.

भारतीय नौसेना


चीनी अखबार ने क्या लिखा
इस पर चीन के प्रमुख और सरकारी मुखपत्र माने जाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने भारतीय नौसेना की खिंचाई कर दी. अखबार के नौसेना एक्सपर्ट ली जेई ने लिखा, ये आग मानवीय गलती से लगी थी ना कि इसके पीछे कोई मशीनी गड़बड़ी थी. जिस तरह युद्धपोत पर आग लगी और जिस तरह इसे काबू में किया गया, उससे लगा कि जहाज के नौसैनिक अनप्रोफेशनल हैं और इस तरह की आपात स्थितियों के लिए तैयार नहीं रहते.

सैन्य संस्कृति पर सवाल उठाया
ली ने ये भी लिखा कि भारत ने हाल के बरसों में अपनी सैन्य क्षमता तो बढ़ाई है लेकिन इसकी सैन्य संस्कृति काफी ढीली है और इसके रेगुलेशन भी शिथिल हैं, जिससे सैनिकों को सही तरीके से ट्रेनिंग नहीं दी जा सकती और न ही उन्हें उन्नत सैनिक उपकरणों के लिए दक्ष किया जा सकता है.

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ली ने ये भी लिखा कि भारतीय नौसेना के ढीले रेगुलेशन के चलते नौसैनिक उन्नत उपकरणों पर काम के दौरान या तो नियमों की अवहेलना करते हैं या फिर उन्हें नजरंदाज कर देते हैं.

क्या खास है आईएनएस विक्रमादित्य में ?
ये समंदर पर चलता-फिरता अभेद्य किले की तरह है. यह 283.5 मीटर लंबा-यानी फुटबॉल के तीन मैदानों के बराबर और 20 मंजिला इमारत जितना ऊंचा है. आईएनएस विक्रमादित्य 44,500 टन भारी भारतीय नौसेना का सबसे लंबा और विशाल युद्धपोत-सागर सम्राट है.

30 नॉट यानी 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ये बहुत तेजी से युद्धक्षेत्र तक पहुंच सकता है. इस पर लंबी दूरी के अत्याधुनिक एयर सर्विलेंस राडार लगे हुए हैं, जो इसे दुश्मन के हमले से सावधान करते हैं.

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