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नॉर्थ ईस्ट के इन इलाकों में नहीं लागू होगा नागरिकता बिल, फिर भी क्यों हो रहा है विरोध?

Vivek Anand | News18Hindi
Updated: December 12, 2019, 11:09 AM IST
नॉर्थ ईस्ट के इन इलाकों में नहीं लागू होगा नागरिकता बिल, फिर भी क्यों हो रहा है विरोध?
नॉर्थ ईस्ट में नए नागरिकता कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है

नॉर्थ ईस्ट (North East) के कई हिस्सों को नए नागरिकता बिल (Citizenship Amendment Bill) से अलग रखा गया है. यहां ये बिल लागू नहीं होगा, लेकिन नॉर्थ ईस्ट के ऐसे इलाकों में भी विरोध प्रदर्शन हो रहा है.

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  • Last Updated: December 12, 2019, 11:09 AM IST
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नागरिकता संशोधन विधेयक ( Citizenship Amendment Bill ) संसद के दोनों सदन से पास हो गया है. अब राष्ट्रपति की मुहर लगते ही ये कानून बन जाएगा. नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर नॉर्थ ईस्ट राज्यों (North East States) में बवाल मचा हुआ है. वहां के लोग इस बिल का जबरदस्त विरोध कर रहे हैं.

खासकर असम में लोगों के विरोध की वजह से हालात बेकाबू हो गए हैं. गुवाहाटी में कर्फ्यू लगाना पड़ा है. कई इलाकों में सरकारी कर्मचारी तक नागरिकता बिल के विरोध में सड़क पर उतर आए हैं. जगह-जगह आगजनी की जा रही है. सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. कई इलाकों में सेना को तैनात किया गया है, लेकिन लोगों का विरोध प्रदर्शन नहीं रुक रहा है.

नॉर्थ ईस्ट के कई हिस्सों को नए नागरिकता बिल से अलग रखा गया है. यहां ये बिल लागू नहीं होगा, लेकिन नॉर्थ ईस्ट के ऐसे इलाकों में भी विरोध प्रदर्शन हो रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं किन वजहों से नॉर्थ ईस्ट के इलाकों में नहीं लागू होगा नागरिकता बिल:-

नए नागरिकता बिल को दो वजहों से नॉर्थ ईस्ट के कई इलाकों में लागू नहीं किया जा सकता है. पहला- नॉर्थ ईस्ट के कई इलाके ‘इनर लाइन’ के जरिए सुरक्षित रखे गए हैं. दूसरा- कई इलाकों को संविधान की छठी अनुसूची में रखा गया है. इस वजह से वहां नया नागरिकता कानून लागू नहीं किया जा सकता है.

पूर्वोत्तर राज्यों के कई इलाकों को इनर लाइन परमिट के जरिए सुरक्षित रखा गया है. इनर लाइन परमिट यानी आईएलपी में देश के दूसरे इलाकों से लोगों को नॉर्थ ईस्ट के उन इलाकों मे जाने से पहले राज्य सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है. दूसरे राज्यों के नागरिक नॉर्थ ईस्ट के उन इलाकों में बिना परमिट के नहीं जा सकते हैं. नॉर्थ ईस्ट के आईएलपी से सुरक्षित इलाकों में नया नागरिकता कानून लागू नहीं होगा.

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बुधवार को असम में CAB के खिलाफ प्रदर्शन करती उग्र भीड़ (फोटो- PTI)


इसी तरह से नॉर्थ ईस्ट के कई इलाकों को संविधान की छठी अनुसूची में रखा गया है. छठी अनुसूची में होने की वजह से इन इलाकों को कुछ विशेष अधिकार प्राप्त हैं. इन राज्यों में स्वायत्त जिला परिषद हैं, जो वहां के मूल निवासियों के हितों की देखभाल करती हैं. इन स्वायत्त जिला परिषद को अपने इलाके में कोई कानून लागू करने या न करने का अधिकार प्राप्त है. इसलिए इन इलाकों में भी नया नागरिकता कानून लागू नहीं हो सकता.नॉर्थ ईस्ट के इन राज्यों में नहीं लागू होगा नागरिकता कानून
अब जरा ये जान लीजिए कि नॉर्थ ईस्ट के किन इलाकों में नया नागरिकता कानून लागू होगा और किन इलाकों में नहीं. असम में तीन स्वायत्त जिला परिषदें हैं. इन तीन स्वायत्त जिला परिषदों को छोड़कर असम के बाकी इलाकों में नया नागरिकता कानून लागू होगा. असम के बड़े भूभाग पर नागरिकता कानून लागू होने वाला है. इसलिए वहां ज्यादा विरोध हो रहा है.

वहां के लोगों का कहना है कि नया नागरिकता कानून लागू होने के बाद वहां की डेमोग्राफी बदल जाएगी. असम के लोगों को लगता है कि इससे उनके काम-काज और रोजगार पर असर पड़ेगा. बाहरी लोग आकर उनका हक छीन लेंगे. इसलिए असम में जबरदस्त विरोध चल रहा है. असम के मूल लोगों के मन में डर है कि नया नागरिकता कानून लागू होने के बाद वो अल्पसंख्यक हो जाएंगे और बाहरी लोग वहां पर असरदार साबित होंगे.

इसी तरह से मेघालय में तीन स्वायत्त जिला परिषदें हैं, लेकिन असम के उलट मेघालय में ये तीन जिला परिषदें तकरीबन पूरे राज्य को घेर लेती हैं. सिर्फ शिलॉन्ग का कुछ हिस्सा इससे अछूता है. इसलिए मेघालय में सिर्फ शिलॉन्ग के कुछ हिस्से में ही नया नागरिकता कानून लागू होगा.

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असम में CAB का विरोध करते छात्र


त्रिपुरा में एक स्वायत्त जिला परिषद है, लेकिन ये जिला परिषद राज्य की 70 फीसदी भौगोलिक क्षेत्र को घेरता है. हालांकि, इससे अलग 30 फीसदी भौगोलिक क्षेत्र में राज्य की दो तिहाई आबादी निवास करती है. नया नागरिकता कानून इसी घनी आबादी वाले इलाके में लागू होगा. बाकी हिस्सों में ये लागू नहीं हो सकता.

अरुणाचल प्रदेश का समूचा हिस्सा इनर लाइन परमिट के अंतर्गत आता है. इसलिए वहां नया नागरिकता बिल लागू नहीं किया जा सकता.

नगालैंड का समूचा इलाका इनर लाइन परमिट से सुरक्षित रखा गया है. सिर्फ दीमापुर को इससे अछूता रखा गया है. इसलिए नगालैंड में सिर्फ दीमापुर में ही नया नागरिकता कानून लागू हो सकता है. समूचा राज्य इससे अछूता रहेगा.

मिजोरम में तीन स्वायत्त जिला परिषदें हैं. समूचे राज्य को इनर लाइन परमिट से सुरक्षित रखा गया है. साथ ही मिजोरम को संविधान की छठी अनुसूची में भी रखा गया है. इसलिए यहां नया नागरिकता कानून लागू नहीं हो सकता है.

मणिपुर को लेकर पहले से चिंता जाहिर की जा रही थी, लेकिन संसद में नया नागरिकता बिल पेश करने के साथ ही मणिपुर को इनर लाइन परमिट से सुरक्षित करने की कवायद सरकार ने कर दी. राष्ट्रपति ने इस पर मुहर भी लगा दी है. अब मणिपुर सबसे नया राज्य है, जिसकी सीमा रेखा को इनर लाइन परमिट से सुरक्षित रखा गया है. मणिपुर में भी अब नया नागरिकता कानून लागू नहीं होगा.

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First published: December 12, 2019, 9:58 AM IST
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