Climate Change से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी, 2021 है आखिरी मौका

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से निपटने के लिए साल 2021 का एक्शन का साल होना चाहिए. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से निपटने के लिए साल 2021 का एक्शन का साल होना चाहिए. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) के जलवायु सम्मेलन से पहले चेताया है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से निपटने के लिए समय बहुत तेजी से निकलता जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 22, 2021, 11:38 AM IST
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दुनिया इस समय कोरोना वायरस (Coronavirus) के बहुत बुरे प्रकोप से जूझ रही है. लेकिन इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन (Climate Change) को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं. हाल ही में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने चेताया है कि जलवायु परिवर्तन के विनाशक प्रबावों से लोगों की रक्षा करने के लिए साल 2021 काम करने का साल बनाना होगा.

इस सदी में तेजी से चिंता बढ़ाई है जलवायु परिवर्तन ने

उल्लेखनीय है कि पिछले पांच से ज्यादा दशकों से जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों के बारे में हमें जानकारी और चेतावनियां मिलती जा रही है और इस सदी में तो दृश्य बहुत ही चिंताजनक होता जा रहा है. मानवीय गतिविधियों और उसकी वजह से हो रही ग्लोबल वार्मिंग, और जलवायु के दुष्परिणाम अब स्पष्ट तौर पर हमारे जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करने लगे हैं.

कोविड-19 से रुकी गतिविधियों से नहीं लगी लगाम
पिछले एक साल में कोरोना वायरस के प्रकोप को कारण मानवीय गतिविधियों पर लगाम लगने से प्रदूषण कम हुआ, लेकिन संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि कोविड-19 महामारी की वजह से जलवायु परिवर्तन में किसी तरह की रोक नहीं लगी है. संयुक्त राष्ट्र की यह चेतावनी अमेरिका में होने वाले सम्मेलन से पहले जारी हुई है.

जो बाइडेन का जलवायु सम्मेलन

 गुरुवार को ही अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की ओर से आयोजित होने वाला जलवायु सम्मेलन शुरु होने जा रहा है. इस सम्मलेन ने में दुनिया के 40 देशों के नेता वर्चुअल तौर पर भाग लेंगे. इसका मुख्य उद्देश्य जलवायु समस्या से निपटने के लिए दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के प्रयासों में तेजी लाना है.



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संयुक्त राष्ट्र (United Nations) रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 रिकॉर्ड में अब तक का सबसे गर्म साल था. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


कगार पर खड़े हैं हम सब

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि साल दो हजार एक्शन का साल बनाना होगा क्योंकि इस समस्या से निपटने के लिए समय तेजी से निकला जा रहा है संयुक्त राष्ट्र के महासचिव जनरल एंटोनियो गुतरेस ने वर्ल्ड मीटियोरोजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) की स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट 2020 रिपोर्ट का अनावरण करते हुए कहा, “हम सब कगार पर खड़े हैं.”

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मानवता के लिए बहुत नाजुक है यह साल

गुतरेस ने जलवायु परिवर्तन की खतरनाक होती तस्वीर को सामने रखते हुए  दुनिया भर के देशों से ‘प्रकृति पर युद्ध’ खत्म करने की अपील करते हुए कहा, “यह साल मानवता के भविष्य के लिए बहुत ही नाजुक है. यह रिपोर्ट बताती है कि हमारे पास नष्ट करने के लिए समय नहीं है. जलवायु का विनाश होता जा रहा है.

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संयुक्त राष्ट्र (United Nations) का कहना है कि सभी देशों को साल2050 तक कार्बन उत्सर्जन स्तर शून्य पर लाने की प्रतिबद्धता दिखानी ही होगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


2020 का हुआ बुरा हाल

इस रिपोर्ट में साल 2020 तो रिकॉर्ड में अब तक का सबसे गर्म साल बताया है. वहीं यह भी बताया गया है कि महामारी कारण धीमी हुई आर्थिक गतिविधियों के  बाद भी ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ती गई है. गुतरेस ने कहा कि पिछला साल मानवीय गतिविधियों के कारण जलवायु परिवर्तन से चरम मौसम और जलवायु विनाश ने लोगों की जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया. लोगों की आजीविका खत्म हो गई और लाखों लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए.

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संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने जोर देते हुए कहा कि यह साल कार्रवाई करने का है देशों को साल 250 तक नेट जीरो उत्सर्जन की प्रतिबद्धता दिखानी ही होगी. अब उन्होंने अभी से सक्रियता दिखाते हुए जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों सो लोगों की रक्षा करनी होगी. गुतरेस ने कहा कि इसके लिए हमें बहुत कड़े कदम उठाने की जरूरत होगी.
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