Home /News /knowledge /

AI का एक और कमाल, विचारों के आधार पर कम्प्यूर ने लगाया तस्वीरों का अनुमान

AI का एक और कमाल, विचारों के आधार पर कम्प्यूर ने लगाया तस्वीरों का अनुमान

उम्र (Aging) के साथ याद्दाश्त (Memory) कमजोर होने के प्रभाव को साकारात्मक नजरिए से कम किया जा सकता है.. (तस्वीर: Pixabay)

उम्र (Aging) के साथ याद्दाश्त (Memory) कमजोर होने के प्रभाव को साकारात्मक नजरिए से कम किया जा सकता है.. (तस्वीर: Pixabay)

इस तकनीक (Technology) से दिमाग (Brain) किस तरह प्रतिक्रिया (Respond) करता है यह जानने में मदद मिलती है. इस तकनीक का कई क्षेत्रों में उपयोग हो सकता है

  • News18Hindi
  • Last Updated :
    आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) की तकनीकें दिमाग (Brain) को प्रभावित ही नहीं बल्कि नियंत्रित करने की भी कोशिश कर रही हैं.  ऐसे ही के प्रयास के तहत हेलसिंकी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी तकनीक (Technology) विकसित की है जिसमें कम्प्यूटर  (Computer) इंसान के दिमाग के संकतों का पढ़कर उनके दृष्टिबोध (visual perception) का अनुमान लगा लेता है. इस तरह कमप्यूटर एक प्रकार से वहीं कल्पना कर लेता है जिसके बारे में मनुष्य सोच रहा है.

    पहले भी ऐसे इंटरफेस बनाए गए थे, लेकिन
    इस तरह से तस्वीरों को निकाल कर कम्प्यूटर एक नई तरह की जानकारी हासिल कर सकता है. जैसे कि वे काल्पनिक तस्वीरें जो कभी भी देखी नहीं जा सकी हैं. यह तकनीक दिमाग और कम्प्यूटर के बीच बने एक नए तरह के इंटरफेस पर आधारित है. इससे पहले भी दिमाग और कम्प्यूटर के बीच के इंटरफेसेस बनाए गए थे. लेकिन वे केवल एक तरफा संचार कर सकते थे.  से की कर्सर को हिलाना या फिर की अक्षर की वर्तनी लिखना.

    पहली बार हुआ एस तरह का प्रयोग
    अब तक की जानकारी के मुताबिक यह पहली बार है कि आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करते हुए एक सात कम्प्यूटर से जानकरी प्रस्तुत करते हुए और दिमाग के संकेतों को एक साथ मॉडल किया गया है. प्रतिभागी जिस दृश्य विशेषताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे, उनसे मेल खाने वाली तस्वीरें उनके दिमाग और एक न्यूरल नेटवर्क की अंतरक्रिया से पैदा हुईं.

    31 लोगों पर प्रयोग
    यह अध्ययन शोध इसी महीने साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित हुआ है. शोधकर्ता इस तकनीक को न्यूरोअडाप्टिव जेनरेटिव मॉडलिंग (Neuroadaptive generative modelling) कहते हैं. इस अध्ययन में तकनीक की प्रभावोत्पादकता को मापने के लिए 31 प्रतिभागियों को शामिल किया गया था.

    AI, Artificial intelligence, Brain,
    पहली बार इस तरह से आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial intelligence) का उपयोग हुआ है.
    (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


    तस्वीरों की प्रतिक्रिया
    इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों को आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के मदद से बनाई गईं सैंकड़ों तस्वीरें दिखाईं. ये तस्वीरें अलग अलग तरह के दिखाई देने वाले लोगों की थीं जबकि तस्वीर दिखाते समय EEG रिकॉर्ड किया जा रहा था.

    किस तरह कम्प्यूटर से मानव दिमाग को लिंक करना चाहते हैं Elon Musk

    क्या किया गया प्रयोग में
    प्रतिभागियों से कहा गया कि वे तस्वीरें देखने के दौरान खास बातों पर गौर करें जैसे की चहेरे कितने उम्रदराज हैं, क्या वे मुस्कुरा रहे हैं, वगैरह-वगैरह. इन तस्वीरों को जल्दी जल्दी देखने के दौरान प्रतिभागियों का EEG न्यूरल नेटवर्क में भरा गया जिसने पता लगाया कि क्या जो  तस्वीर प्रतिभागी देख रहे हैं, उनका दिमाग उसी तरह से निष्कर्ष निकाल पा रहा है जो वे देखना चाह रहे हैं.

    कितना सटीक निकला आंकलन
    इस जानकारी के आधार पर न्यूरल नेटवर्क ने उन तस्वीरों का अनुमान लगाया जिनके बारे में प्रतिभागी सोच रहे थे. अंततः कम्प्यूटर द्वारा बनाई गई तस्वीरों का प्रतिभागियों ने आंकलन किया और ये तस्वीरें उनके द्वारा सोची गई तस्वीरों से काफी हद तक मेल खाती दिखीं. प्रयोग की सटीकता 83 प्रतिशत निकली.

    दो चीजों का मिलना
    हेलिसिंकी यूनिवर्सिटी में एकेडमी ऑफ फिनलैंड के रिसर्च फेलो तुक्का रोत्सालो ने कहा, “इस तकनीकमें प्राकृतिक इंसानी प्रतिक्रियाओं और कम्प्यूटर की नई जानकारी निकालने की क्षमता को मिलाया गया है."

    Computer, Brain, Artificial Intelligence
    कम्प्यूटर (Computer) और दिमाग (Mind) का दो तरफा जुड़ाव पहली बार देखा गया है.
    (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


    रचनात्मकता भी बढ़ाई जा सकती है
    शोधकर्ताओं का कहना है कि इंसान की चेहरे की तस्वीर निकालना इस तकनीक के सक्षम उपोयग का केवल एक उदाहरण है. इससे इंसान की रचनात्मकता भी बढ़ाई जा सकती है.  इससे कई तरह के अचेतन के नजरियों का भी खुलासा किया जा सकता है जो आमतौर पर सामने नहीं आते हैं.

    कैसे बने होंगे पृथ्वी पर सबसे पहले जैविक अणु, इस प्रयोग ने बताई प्रक्रिया

    तकनीक विचारों की पहचान नहीं करती बल्कि दिमाग के हिस्सों से जुड़ी चीजों पर प्रतिक्रिया देती है. इस तकनीक का दिमाग के सामाजिक, संज्ञानात्मक और भावनात्मक प्रक्रियाओं में उपयोग हो सकता है.undefined

    Tags: Artificial Intelligence, Brain, Health, Research, Science

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर