फाइटर जेट उड़ाने के बाद भी चीनी आर्मी में महिलाओं को मिलती है मेकअप और डांस ट्रेनिंग

चीन की सेना में महिलाओं की हालत बहुत खराब है- सांकेतिक फोटो
चीन की सेना में महिलाओं की हालत बहुत खराब है- सांकेतिक फोटो

फाइटर जेट उड़ाने वाली महिला अफसरों के बाद भी चीन की सेना में महिलाओं (women in Chinese army) की हालत बहुत खराब है. भर्ती के समय उनके बालों का आकार और मेकअप स्किल देखते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 25, 2020, 3:50 PM IST
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चीन में हर साल अपने स्थापना दिवस पर पीपल्स लिबरेशन आर्मी (People's Liberation Army of China) अपनी सेना की बहादुरी के किस्से सुनाने लगती है. वो आर्मी में महिलाओं की भर्ती के बारे में भी खूब जोर-शोर से बताती है, हालांकि इसमें महिला सैनिकों की जांबाजी की बजाए उनकी डासिंग स्किल और मेकअप के बारे में बताया जाता है. बता दें कि चीन में आज से दशकभर पहले ही 16 महिला अफसरों को फाइटर जेट उड़ाने की ट्रेनिंग मिल चुकी है. इसके बावजूद वहां महिला सैनिकों को नीची नजर से देखा जाता है. चीनी आर्मी में महिलाओं के यौन शोषण की खबरें भी आती रहती हैं. जानिए, क्यै है चीन में मिलिट्री में शामिल महिलाओं के हालात.

क्या है चीन में महिलाओं का हाल
दुनिया के कई देशों की तरह चीन में भी महिलाओं के साथ हिंसा (violence against women in China) गंभीर समस्या है. वहां महिलाओं के साथ यौन हिंसा का अंदाजा इस बात से लग सकता है कि 40 प्रतिशत शादीशुदा या रिश्ते में आ चुकी महिलाएं यौन हिंसा और मारपीट का शिकार होती हैं. खुद ऑल चाइना वीमन्स फेडरेशन (All-China Women's federation) ने इस बात की पड़ताल की. ये बात और है कि यहां महिलाओं के साथ हिंसा के तरीके अलग तरह के हो सकते हैं.

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मिसाल के तौर पर चीनी आर्मी को ही लें तो वहां बहादुरी में पुरुष सैनिकों की तरह मजबूत होने के बाद भी महिला अफसरों तक को उनकी सॉफ्ट स्किल के लिए देखा जाता है.



महिला अफसरों को उनकी सॉफ्ट स्किल के लिए देखा जाता है- सांकेतिक फोटो (Pixabay)


पोस्ट होते हैं सैनिकों के अजीबोगरीब वीडियो
हर साल 1 अगस्त को अपने फाउंडिंग डे पर PLA महिला सैनिकों के भी वीडियो सोशल मीडिया से लेकर अखबारों और टीवी में दिखाता है. ये वीडियो महिलाओं की बहादुरी के बजाए के सॉफ्ट स्किल की बात करते हैं. जैसे वे कैसे फोन उठाती हैं या फिर मिलिट्री में होने के बाद भी कितना बढ़िया मेकअप करती हैं. यहां तक कि ढेरों ऐसे वीडियो डाले जाते हैं, जिनमें महिला सैनिक डांस करती नजर आएं. कोई भी वीडियो या खबर ऐसी नहीं डाली जाती, जिनमें मिलिट्री में महिलाओं का मुख्य काम नजर आ सके.

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सैनिकों को डांस की ट्रेनिंग 
साल 2009 में चीन में एक साथ 16 फीमेल फाइटर पायलट ट्रेंड हुईं. इसके बाद भी उनके कारनामे दिखाने की बजाए महिला सैनिकों के डांस और मेकअप दिखाया जा रहा है. यहां तक कि उसी साल PLA ने एक टेलेंट सेगमेंट बनाया, जिसमें उन महिला अफसरों को प्रमोट किया जाता है, जो शानदार डांस या ऐसा ही कोई काम कर सकें. चीन का सरकारी मीडिया पीपल्स डेली अपनी सोशल साइट पर उनके इसी हुनर की वीडियो डालता है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पत्नी पेंग लियुआन आर्मी में अहम पद पर हैं


जिनपिंग की पत्नी आर्मी में मेजर
बता दें कि चीन की सेना PLA में फिलहाल महिला सैनिकों की संख्या 4.5% है. ये अच्छी-खासी संख्या है लेकिन तब भी उनके कामों के बतौर डांस और मेकअप ही दिखाया जाता है. वैसे यहां ये जानना जरूरी है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पत्नी पेंग लियुआन PLA फीमेल मिलिट्री में मेजर जनरल हैं. इस अहम पद पर होने के बाद भी वे लंबे समय तक सिंगर के तौर पर ही जानी जाती रहीं. और उनके साथ-साथ सेना की पूरी फीमेल विंग से यही उम्मीद की जाती रही.

बालों की लंबाई पर देना होता है ध्यान 
यहां तक कि आर्मी में भर्ती के लिए उनके शारीरिक दमखम से ज्यादा वे कैसी दिखती हैं, इसपर फोकस होता है. क्वार्टज की एक रिपोर्ट के मुताबिक महिला सैनिकों का जूड़ा लंबाई-चौड़ाई-ऊंचाई में 13 सेंटीमीटर और 6-6 सेंटीमीटर होना चाहिए. खुद चाइना न्यूज. कॉम ने एक रिपोर्ट में छापा है कि चूंकि बहुत सी युवा महिला सैनिकों के बाल उतने लंबे नहीं होते इसलिए वे अपने बालों में नकली बाल लगाने को मजबूर हैं ताकि जूड़ा बड़ा दिखे. सैनिकों को मेकअप की ट्रेनिंग दी जाती है. खुद पीएलए कहता है कि महिला सैनिकों के लिए सबसे पहला सबक यही है कि मेकअप कैसे किया जाए.

महिला सैनिक अपने बालों में नकली बाल लगाने को मजबूर हैं ताकि जूड़ा बड़ा दिखे- सांकेतिक फोटो (Pixabay)


टेलीफोन ऑपरेटर की तरह लेते हैं काम
साल 2017 में मिलिट्री अखबार ने उन सारी महिला सैनिकों की प्रोफाइल छापी, जो फोन कॉल उठाती और ट्रांसफर करती हैं. साल 1960 में ही चीनी आर्मी में महिलाओं को ये काम दिया जाने लगा. हालांकि ये कभी नहीं बताया गया कि सिर्फ महिला सैनिक ही क्यों ये काम करें, और इसके लिए पुरुष सैनिकों की तैनाती क्यों नहीं हो सकती.

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आसान नहीं जिंदगी
वैसे युद्ध के मोर्चे पर तैनाती का सपना लेकर आर्मी में भर्ती होने और फिर फोन ऑपरेटर का काम करने वाली महिलाओं की जिंदगी आसान नहीं. क्वार्टज.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक फोन कॉल लेने वाली फीमेल कैडर को 3000 से ज्यादा फोन नंबर याद होने चाहिए. उन्हें पूरे चीन में हर तरह की बोली को समझना और बोलना आना चाहिए, साथ ही उनमें ये खूबी हो कि एक बार आवाज सुनने के बाद वे उसे याद कर लें.
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