तानाशाह किम जोंग के राज में बैन है कंडोम, चीन से होती है इसकी तस्करी

तानाशाह किम जोंग के राज में बैन है कंडोम, चीन से होती है इसकी तस्करी
दुनिया के लगभग हर देश में दवा की दुकान पर मिलने वाला कंडोम नॉर्थ कोरिया में बैन है (Photo-pixabay)

नॉर्थ कोरिया (North Korea) से बिजनेस के सिलसिले में चीन बॉर्डर (China border) पर आने-जाने वाले कंडोम (condom) मंगवाते हैं और उसे खास मौकों पर एक-दूसरे को गिफ्ट में देते हैं.

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दुनिया के लगभग हर देश में दवा की दुकान पर मिलने वाला कंडोम नॉर्थ कोरिया में बैन (condom is banned in North Korea) है. ये चोरी-छिपे देश में लाया जाता है और ऊंचे दामों पर ब्लैक मार्केट (black market) में बिकता है. यहां तक कि बीते कुछ सालों से ये सबसे ज्यादा दिया-लिया जाने वाला गिफ्ट आयटम (condom is most popular gift item) बन चुका है.

माना जा रहा है कि किम जोंग (Kim Jong-un) ने बर्थ कंट्रोल के सारे तरीकों पर देश में पाबंदी लगाई हुई है ताकि उत्तर कोरिया ज्यादा से ज्यादा आबादी वाला सोशलिस्ट देश बन सके. यही वजह है कि यहां न तो कंडोम बनता है और न ही कंडोम की बिक्री होती है. Radio Free Asia के मुताबिक दूसरे देशों से लाने की कोशिश पर लोगों को कस्टम पर ही पकड़ लिया जाता है, तब कंडोम तो जब्त होते ही हैं, भारी जुर्माना भी लगता है. यही वजह है कि यौन रोगों से बचाव के लिए या अवांछित प्रेगनेंसी से बचाव के लिए लोग तस्करी के जरिए आने वाली सप्लाई पर निर्भर हैं. वैसे साल 1985 में United Nations Population Fund ने यहां पर फैमिली प्लानिंग सर्विस की बात शुरू की लेकिन इसका कोई खास फायदा नहीं हुआ.

सैन्य शासक किम जोंग ने बर्थ कंट्रोल के सारे तरीकों पर देश में पाबंदी लगाई हुई है (Photo-pixabay)




द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक बर्थ कंट्रोल के साधन के रूप में कंडोम यहां काफी पसंद किया जाता है, भले ही वो ज्यादा कीमत पर तस्करी से मिल सके. नॉर्थ कोरिया में सेक्स वर्करों की बहुतायत भी यहां पर कंडोम की जरूरत को बढ़ाती है. वे खुद क्लाइंट्स से मांग करती हैं कि वे अपने साथ कंडोम लेकर आएं ताकि दोनों का ही यौन रोगों से बचाव हो सके.



वैसे बर्थ कंट्रोल के तरीके ही नहीं, इस देश में काफी सारी चीजों के लिए अजीबोगरीब नियम हैं. जैसे यहां के लोग नीली जींस नहीं पहन सकते. जींस का ये रंग यहां बैन है क्योंकि इससे किंग जोंग को अमेरिकन साम्राज्यवाद की बू आती है. अमेरिका से नॉर्थ कोरिया के खास दोस्ताना संबंध नहीं और ये देश मानता है कि किसी भी तरह से अमेरिकी सभ्यता या संस्कृति का असर यहां नहीं आना चाहिए.

इसी तरह से यहां पर आप इंटरनेशनल कॉल भी नहीं कर सकते. सेल फोन तो लगभग सबके पास है लेकिन उससे आईएसडी कॉल नहीं लगाया जा सकता. देश के सारे ही सिम कार्ड सिर्फ देश के भीतर ही बात करने की सुविधा देते हैं. Amnesty International की एक रिपोर्ट के अनुसार लगभग सारे ही देशों को नॉर्थ कोरिया संदेह की नजर से देखता है और लोगों पर नजर रखने के लिए यहां कम्युनिकेशन सिस्टम पर खासी सख्ती रखी गई है.

कोई नागरिक इंटरनेशनल कॉल करने की कोशिश करता दिखे तो उसे सख्त सजा मिलती है (Photo-pixabay)


केवल देश के कुछ खास लोगों और तानाशाह के परिवार को देश से बाहर बात करने की इजाजत है. अगर नॉर्थ कोरिया का कोई नागरिक इंटरनेशनल कॉल करने की कोशिश करता भी दिखे तो उसे सख्त सजा मिलती है. तब फिर दूसरे देशों में रह रहे अपने लोगों से कोरियन लोग कैसे बात करते हैं? न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर बताती है कि इसके लिए लोगों को चीन से आए तस्करी के मोबाइल फोन पर निर्भर करना होता है, जिसकी सिम से वे इंटरनेशनल कॉल कर पाते हैं.

जिस तरह से बाहरी दुनिया से बातचीत बैन है, वैसे ही बाहरी दुनिया से मेलजोल पर सख्त कड़ाई है. उत्तर कोरियाई लोग घूमने-फिरने के लिए विदेश नहीं जा सकते हैं. यहां के नागरिकों के लिए इंटरनेशनल फ्लाइंग बैन है. अगर किसी तरह से कोई देश से निकल भागने में कामयाब हो जाए तो उसे सरकारी नियमों के तहत भगोड़ा घोषित कर दिया जाता है और विदेश गए व्यक्ति के परिवार की पूरी तीनी पीढ़ियों को सजा मिलती है. जी हां, ये भी इस देश का एक खास तरीका है, जिसके तहत कथित तौर पर गलती करने वाले के घर की तीन पीढ़ियों को सजा दी जाती है. सजा के तौर पर उन्हें रिफॉर्म कैंप या डिटेंशन कैंपों में भेज दिया जाता है. तीन पीढ़ियों के सजा काटने के बाद ही अपराध खत्म माना जाता है. ये ट्रैवल रेस्ट्रिक्शन बाहरी देशों के लिए ही लागू नहीं होता, किम जोंग के राज में लोग अपने स्टेट से दूसरे स्टेट भी नहीं जा सकते. यहां एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए सरकार से लिखित में अनुमति लेनी होती है.

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First published: May 25, 2020, 2:58 PM IST
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