स्वास्थ्य खिलवाड़ के आरोपों से घिरी रही है जॉनसन एंड जॉनसन

अमेरिका में जॉनसन एंड जॉनसन के खिलाफ कई मुकदमे चल रहे हैं. कई मामलों में उसके खिलाफ मोटा जुर्माना भी हो चुका है

News18Hindi
Updated: January 11, 2019, 12:30 PM IST
स्वास्थ्य खिलवाड़ के आरोपों से घिरी रही है जॉनसन एंड जॉनसन
जॉनसन एंड जॉनसन
News18Hindi
Updated: January 11, 2019, 12:30 PM IST
मशहूर फार्मा कंपनी 'जॉनसन एंड जॉनसन' के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट घटिया हिप इंप्लांट मामले में मोटा जुर्माना ठोका है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट को सही मानते हुए कंपनी को तीन लाख रुपये से लेकर 1.22 करोड़ रुपये तक का मुआवजा देने का आदेश दिया. दरअसल जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी का ना केवल विवादों से हमेशा से नाता रहा है बल्कि दुनियाभर में उसके खिलाफ घटिया और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक उत्पादों को लेकर फैसले आते रहे हैं.

भारत में भी जॉनसन एंड जॉनसन को लेकर पिछले एक-डेढ़ बरसों में दो बड़े विवाद सामने आए हैं. ये विवाद बेबी पाउडर और घटिया हिप इंप्लांट से संबंधित रहे हैं. कंपनी ने देशभर में सैकड़ों हिप इंप्लान्ट सर्जरी करवाईं, जिनमें गड़बड़ियां थीं.

कंपनी ने इसका कोई रिकॉर्ड नहीं दिया. साथ ही ये भी रिपोर्ट है कि इस सर्जरी में गड़बड़ी की वजह से चार लोगों की मौत भी हो गई थी. उच्चतम न्यायालय में दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि जॉनसन एंड जॉनसन ने गलती से 4 हजार 525 भारतीय मरीजों को जानलेवा हिप इंप्लांट्स लगाए हैं.

घटिया हिप ट्रांसप्लांट केस में जॉनसन एंड जॉनसन को देना होगा मुआवजाः सुप्रीम कोर्ट

जॉनसन एंड जॉनसन फिलहाल पूरे अमेरिका में मुकदमों का सामना कर रहा है. इसके उत्पादों के द्वारा गर्भाशय का कैंसर होने का दावा करने वाली महिलाओं द्वारा 9,000 से ज्यादा मुकदमे दर्ज कराए गए हैं.

बेबी पाउडर की भी जांच 

पिछले साल ही भारत सरकार ने जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर में कैंसर पैदा करने वाले तत्व एस्बेस्टस होने के आरोपों की जांच शुरू की, सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने हिमाचल प्रदेश में स्थित कंपनी के बद्दी प्लांट से सैंपल लिये. फिर पूरे देश से इस पाउडर के सैंपल इकट्ठे किए गए. फिलहाल उसकी जांच चल रही है.
Loading...

सुप्रीम कोर्ट ने हिप इंप्लांट मामले में जॉनसन एंड जॉनसन को जुर्माना देने के आदेश दिए हैं


महाराष्ट्र में भी कुछ समय पहले कंपनी के कई उत्पादों के सैंपल एफडीए ने जांच हेतु लिए थे. जिसमें शॉवर टू शॉवर, डर्मिकूल, पॉन्ड्स और नायसिल के सैंपल शामिल थे. इन पाउडर में हैवी मेटल होने की आशंका जताई गई थी.

अमेरिका में मोटा जुर्माना

इससे पहले अमेरिका में कंपनी के खिलाफ हानिकारक पाउडर मामले 32000 करोड़ रुपये (4.7 बिलियन डॉलर) के भारी-भरकम जुर्माना किया गया. अमेरिका के मिसौरी राज्य में कई महिलाओं ने मामला दर्ज कराया था कि कंपनी के पाउडर संबंधित उत्पादों के कारण उन्हें गर्भाशय का कैंसर हो गया है. ये कंपनी के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना था.

पिछले कुछ सालों में जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी अपने बेबी पाउडर उत्पादों को लेकर विवादों में रही है


22 महिलाओं द्वारा दायर किए गए एक मामले में अमेरिका में ज्यूरी ने सर्वसम्मति से फैसला लिया था. शिकायतकर्ताओं के अनुसार, टैलकम पाउडर आधारिक उत्पादों में मौजूद एसबेस्टस ने उनमें गर्भाशय के कैंसर के विकास में योगदान दिया. हालांकि वैज्ञानिकों के बीच इस बात को लेकर विवाद है कि कैंसर और टैल्कम के बीच कोई सीधा संबंध है.

एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' का देश की अर्थव्यवस्था में रहा है अहम योगदान, पढ़ें 10 खास बातें

1982 में टायलीनॉल दवा से सात मरे

1982 में अमेरिका में जॉनसन एंड जॉनसन के टायलीनॉल दवा से 7 लोगों की मौत हो गई थी. कंपनी ने 3.1 करोड़ बोतलों को तुरंत वापस लिया था. 2008 में कई लोगों ने कंपनी के उत्पादों पर बदबू और मिलावट का आरोप लगाया था. दो साल बाद कंपनी ने करीब तीन करोड़ यूनिट प्रोडक्ट्स वापस लिये.

कई बार शिकायत के बाद उत्पाद वापस लिये  
2010 में कंपनी के वाशिंगटन प्लांट को बंद करना पड़ा. 2011 में मिर्गी की दवा टोपामैक्स की 57000 बोतलें वापस ली, क्योंकि दवा में बदबू थी. 2011 में ही पांच लॉट इंसुलिन पंप में कार्टिलेज मिलावट की आशंका के कारण वापस हुए. 2012 में बेबी लोशन की 2000 ट्यूब ज्यादा बैक्टरिया के कारण वापस हुए. 2013 सायकोटिक दवा की गलत प्रचार में 220 करोड़ डॉलर का जुमार्ना लगा. इसके लिए डॉक्टरों ने रिश्वत भी ली.

बच्चों के शैम्पू पर भी सवाल
जॉनसन एंड जॉनसन के नो मोर टीयर वाले बच्चों के शैम्पू पर भी सवाल उठे. इस पर कई स्वास्थ्य संगठनों ने सवाल उठाए. कंपनी पर करीब 1200 से ज्यादा कानूनी केस दर्ज हुए.

हालिया विवादों से कंपनी का भारत का कारोबार भी गिरा है


भारत में जॉनसन का कारोबार 
बता दें कि जॉनसन एंड जॉनसन का भारत में बेबी केयर कारोबार वर्ष 2016 तक 92500 करोड़ रुपये था. भारत में बेबी केयर कारोबार में जॉनसन एंड जॉनसन का मार्केट शेयर 70 फीसदी से ज्यादा है. लेकिन अमेरिका में कंपनी के खिलाफ चल रहे मुकदमों और जुर्माने के बाद उसका असर भारत में भी सेल्स पर पड़ा है.  वर्ष 2018 वित्तीय वर्ष में उसके कारोबार में तीन फीसदी की गिरावट आई.

संजय बारु को क्यों भरोसे का शख्स मानते थे मनमोहन सिंह?

हालांकि हर्जाने के फैसलों पर कंपनी अपना स्पष्टीकरण देती रही है. उसका कहना है कि दुर्भाग्यपूर्ण रूप से अदालतों का फैसला दुनियाभर में एक्सपर्ट्स की 30 सालों की स्टडी के उलट है. स्टडी के नतीजे टैल्कम पाउडर के समर्थन में हैं. हम समझ सकते हैं कि ओवेरियन कैंसर से पीड़ित महिलाएं और परिवार जवाब चाहते हैं.  हमें उन सबके प्रति गहरी सहानुभूति है, जिन्हें ये गंभीर बीमारी हुई है, जिसका कारण भी नहीं पता.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर