पढ़िए, दुनियाभर के 15 करोड़ लोगों से बनी तबलीगी जमात का क्या है मकसद

पढ़िए, दुनियाभर के 15 करोड़ लोगों से बनी तबलीगी जमात का क्या है मकसद
File Photo.

ऐसा दावा किया जाता है कि दुनिया (World) का ऐसा कोई मुल्क नहीं है जहां तबलीगी जमात (Tablighi jamaat) की पहुंच न हो या उसके अपने लोग न हों.

  • Last Updated: March 31, 2020, 11:18 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. एक बार फिर से तबलीगी जमात (Tablighi jamaat) चर्चाओं में है. ताजा मामला मरकज़ (Markaz) में सैकड़ों लोगों के जुटने का है. जबकि देशभर में लॉकडाउन (Lockdown) का ऐलान किया जा चुका है. लोगों की इस भीड़ में कुछ विदेशी भी हैं. इससे पहले जमात देवबंद (Deoband) के साथ कुछ विवादों के चलते चर्चा में आई थी. ऐसा दावा किया जाता है कि दुनिया का ऐसा कोई मुल्क नहीं है जहां जमात की पहुंच न हो या उसके अपने लोग न हों. लाखों की भीड़ के साथ जमात भोपाल में हर साल एक बड़ा इज़्तिमा भी करती है. इसके साथ ही मेवात और महाराष्ट्रा में भी बड़े स्तर पर इज़्तिमा होते हैं.

यह है तबलीगी जमात से जुड़े कुछ दावें

तबलीगी जमात से जुड़े उलेमाओं का दावा है कि जमात दुनिया के हर एक मुल्क में फैली हुई है. जमात से दुनियाभर में करीब 15 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं. उलेमाओं का दावा है कि जमात कोई सरकारी मदद नहीं लेती है. जमात की अपनी कोई बेवसाइट, अखबार या चैनल नहीं है. भारत में जमात का हैड आफिस दिल्ली में हज़रत निजामुउद्दीन दरगाह के पास मरकज़ के नाम से है. जमात की एक खास बात ये है कि ये अपना एक अमीर (अध्यक्ष) चुनते हैं और उसी के अनुसार सारे कार्यक्रम होते हैं.



तबलीगी जमात का मकसद
तबलीगी जमात से जुड़े उलेमाओं का दावा है कि वह कोई संगठन या अलग वर्ग नहीं है. उनका काम बस इतना है कि शहर-शहर और गांव-गांव घूमकर लोगों को इस्लाम पर सही तरीके से चलने की जानकारी देना है. अच्छाई और बुराई के फर्क को समझाना है. कारोबार या नौकरी कर की गई कमाई का इस्तेमाल कैसे करने है यह जानकारी भी जमात देती है. जमात जिस शहर या गांव में भी जाती है वहां वो हमेशा मस्जिदों में ही रुकती है.

देवबंद और तबलीगी जमात के बीच यह हुआ था विवाद

दारुल उलूम देवबंद भी जमात पर गंभीर आरोप लगा चुका है. जिसे लेकर खासा हो-हल्ला हुआ था. जानकारों की मानें तो दारुल उलूम देवबंद ने जमात के भारत में सदर (अध्यक्ष) मौलाना साद पर इस्लामिक शरियत के गलत मायने बताने और अल्लाह के पैगम्बरों का अपमान करने का आरोप लगाया था. उन्होंने ये भी कहा था कि मौलाना साद गुमराह हो गए हैं और उनको बिना किसी देरी के तौबा (गलती मानना) करनी चाहिए.

कब, कौन-कौन से आरोप लगे हैं जमात पर

-17 नवम्बर 2011 को विकिलीक्स ने खुलासा करते हुए कहा था कि तबलीगी जमात की मदद से भारत में अलकायदा के नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा रुपया और वीजा हासिल किया जा रहा है. हालांकि जमात के उलेमाओं ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि जमात सिर्फ धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाती है.

- 18 जनवरी 2016 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरियाणा के मेवात स्‍थित नूहु से अलकायदा के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया था. ये संदिग्ध जमात में शामिल होकर झारखण्ड से मेवात पहुंचा था. इस दौरान दो अन्य लोग भी दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिए थे.

- ताजा आरोप जमात से जुड़े एक उलेमा पर लगा था. मोहम्मद सलमान नाम के यह उलेमा पलवल, हरियाणा में एक मस्जिद बनवा रहे थे. नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) का आरोप है कि इस मस्जिद के लिए जो पैसा लिया गया था वो आतंकी हाफिज सईद के फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन से जुड़े खाड़ी देश में रह रहे एक व्यक्ति से लिया गया था.

ये भी पढ़ें-

Lockdown: दिल्ली पुलिस ने किया अलर्ट, कोरोना पीड़ितों के नाम पर ऐसे हो रही ठगी

निजामुद्दीन मामला: मरकज़ का दावा- 17 वाहनों के लिए मांगा था कर्फ्यू पास, नोटिस का भी दिया था जवाब
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज