कोरोना के चलते क्यों लग रही है गांजे की दुकानों के आगे भीड़

नीदरलैंड्स में गांजे की एक दुकान के बाहर लगी हुई लंबी लाइन

नीदरलैंड्स में गांजे की एक दुकान के बाहर लगी हुई लंबी लाइन

नीदरलैंड्स में कोरोना वायरस के चलते अजीब वाकया देखने को मिला. वहां जैसे ही सरकार ने बाजार और सुपरमार्केट को लंबे समय तक बंद करने की घोषणा की, वैसे ही वहां गांजा की दुकानों के आगे लंबी लंबी कतारें देखने को मिलने लगीं. आखिर क्यों हुआ ऐसा

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 16, 2020, 5:12 PM IST
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कोरोना वायरस ने अगर दुनियाभर में कोहराम मचा दिया है तो अलग अलग देशों में इसकी प्रतिक्रिया भी अलग तरीके से हो रही है. इटली में लोग अगर अपने घरों में बंद होकर गाना बजाना कर रहे हैं तो नीदरलैंड में अजीब सी स्थिति है. वहां लोग गांजे की दुकानों के आगे लंबी कतारें लगाकर खड़े हैं. जानते हैं कि ऐसा क्यों है.

नीदरलैंड्स में गांजे की दुकानों को कॉफी शॉप कहते हैं. इन दुकानों से खुलेआम गांजा बिकता है. यहां सीमित मात्रा में गांजा खरीदना वैध है. यहां पिछले कई दिनों से शाम को इन दुकानों पर लंबी लाइन लगी हुई थी.

नीदरलैंड्स में कोरोना कितना

नीदरलैंड्स में अब तक कोरोना संक्रमण के एक हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. ये संख्या अभी कम नहीं हो रही है.
गांजे की दुकानों के आगे भीड़ क्यों

दरअसल कोरोना के चलते यहां भी जगह जगह बाजार, मॉल, स्कूल-कॉलेज और ऑफिस बंद हो रहे हैं. सरकार ने सभी रेस्तरां, बार और कॉफी शॉप भी बंद करने का फैसला किया है. ऐसे में चरस और गांजे के शौकीन इनका भरपूर स्टॉक जमा करने के लिए इन दुकानों के आगे लंबी लंबी लाइनें लगाकर खड़े रहे.

फ्रांस की वेबसाइट France24 के अनुसार,  नीदरलैंड्स में लोगों को लग रहा है कि उनके देश में कोरोना के चलते बंदी लंबी भी हो सकती है. द हेग में चरस खरीदने वाले एक व्यक्ति ने समाचार एजेंसी एएफपी से बात करते हुए बताया, "हो सकता है कि अगले दो महीने तक हम इसे ना खरीद पाएं, इसलिए अच्छा होगा इसे पर्याप्त तौर पर खरीदकर रख लिया जाए.



स्वास्थ्य मंत्रालय की घोषणा

नीदरलैंड्स के स्वास्थ्य मंत्रालय की घोषणा के तुरंत बाद देश भर में कॉफी शॉप के बाहर कतारें लगनी शुरू हो गई. हालांकि नीदरलैंड्स के सुपरमार्केट में भी खरीदारी के लिए भीड़ देखी जा रही है. साबुन, हैंड सैनीटाइजर और डिसइनफैक्टैंट जैसी चीजें तो पहले ही खत्म हो गई थीं. लोग भारी मात्रा में टॉयलेट पेपर और पास्ता खरीदते रहे हैं.

जर्मनी और यूरोप के दूसरे देशों में भी ऐसा ही नजारा

जर्मनी में भी शुक्रवार को सभी स्कूलों को पांच हफ्तों के लिए बंद करने की खबर के बाद बाजारों में ऐसा ही नजारा दिखा. लोगों में पैनिक का माहैल है. जर्मनी में करीब छह हजार लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं. 13 मौतें हो चुकी हैं.

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