CORONAVIRUS: कपड़े पर 9 घंटे और मोबाइल पर 9 दिन तक जिंदा रह सकता है कोरोना वायरस

कोरोना वायरस शरीर से बाहर अलग-अलग सतह पर काफी समय तक जिंदा रह सकता है.
कोरोना वायरस शरीर से बाहर अलग-अलग सतह पर काफी समय तक जिंदा रह सकता है.

विशेषज्ञों (Experts) का कहना है कि अगर आपका मोबाइल (Mobile) किसी संक्रमित व्‍यक्ति ने छुआ है तो वो इंफेक्‍टेड हो सकता है. कोरोना वायरस कपड़े पर 9 घंटे तक जिंदा रह सकता है.

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नई दिल्‍ली. चीन के वुहान (Wuhan) से शुरू होकर दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. हर कोई जानना चाहता है कि ये कैसे फैलता है? इससे बचने के लिए किस तरह की सावधानी बरती जाएं. लोग ये भी जानना चाहते हैं कि ये वायरस शरीर के बाहर कितने समय तक जिंदा रह सकता है. अमेरिका के सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, कोरोना वायरस शरीर से बाहर 9 दिन तक जिंदा रह सकता है. सीडीसी का कहना है कि ये वायरस मेटल पर करीब 12 घंटे तक जिंदा रह सकता है.

स्किन पर 10 मिनट ही जिंदा रह सकता है कोरोना वायरस
डब्‍ल्‍यूएचओ के मुताबिक, स्किन पर ये महज 10 मिनट ही जिंदा रह पाता है. ऐसे में किसी मेटल या संक्रमित चीज को छूने के बाद अच्‍छे से हाथ धोकर इसकी चपेट में आने से बचाव किया जा सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपका मोबाइल किसी संक्रमित व्‍यक्ति ने छुआ है तो वो इंफेक्‍टेड हो सकता है. कोरोना वायरस मोबाइल फोन की स्‍क्रीन पर 48 घंटे और बैकपैनल के प्‍लास्टिक का होने पर 9 दिन तक जिंदा रह सकता है. वहीं, अगर बैक पैनल मैटल का है तो उस पर कोरोना वायरस 12 घंटे तक बना रहेगा. इसलिए मोबाइल फोन को साफ जगह पर रखना बेहतर होगा. वहीं, किसी कपड़े पर ये वायरस 9 घंटे तक रहता है. हालांकि, कपड़े को 2 घंटे सूरज की रोशनी में सुखाने पर वायरस खत्‍म हो सकता है.

तापमान 35 डिग्री पार होते ही खुद खत्‍म हो जाएगा वायरस
डॉक्‍टरों का कहना है कि यह वायरस ज्‍यादा तापमान में जिंदा नहीं रह सकता है. एक बार तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया तो यह वायरस खुद ही खत्‍म हो सकता है. तर्क दिया जा रहा है कि दक्षिण अफ्रीका के कुछ हिस्‍सों में गर्मी ज्‍यादा होने के कारण ही वहां कोरोना वायरस नहीं फैल पाया है. कोरोना वायरस प्‍लास्टिक और फर्श पर 9 दिन तक जिंदा रह सकता है. ऐसे में घर या दफ्तर की जमीन को साफ करते रहें.



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युवाओं के मुकाबले बजुर्गों में कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा ज्‍यादा है.


युवाओं में संक्रमण का खतरा सबसे कम, बुजुर्ग रहें सावधान 
कोरोना वायरस के संक्रमण से संबंधित WHO की एक रिपोर्ट के मुताबिक युवा इस वायरस से वृद्धों की तुलना में कम संख्या में संक्रमित हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार मात्र 2.4 प्रतिशत मामलों में ही 18 या उससे ज्यादा उम्र के लोग संक्रमित हुए हैं. 70 साल से ज्यादा के लोगों में ये प्रतिशत 8 है जबकि 80 से ज्यादा उम्र के लोगों में ये प्रतिशत 14.8 है. आंकड़ों पर प्रामाणिक जानकारी देने वाली वेबसाइट worldometers के अनुसार अब तक कोरोना के कुल रिपोर्टेड मामले 90,932 हैं, जिनमें 3,119 मौतें हो चुकी हैं. हालांकि मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, उसमें भी काफी सारे मामले अनरिपोर्टेड माने जा रहे हैं.

पीएम ने दिलाया भरोसा, सरकार कोरोना वायरस से निपटने को तैयार
बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें दोनों ही अलर्ट हो चुकी हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस पर जनता को न घबराने और कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है. केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भरोसा दिलाया है कि सरकार कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है. कई राज्यों के बड़े-मंझोले शहरों के अस्पतालों में कोरोना वायरस की जांच के लिए लैब बनाए गए हैं. फिलहाल कुल 15 प्रयोगशालाओं में इस संक्रमण की जांच की जा रही है. वहीं, डब्‍ल्‍यूएचओ की चीफ साइंटिस्‍ट डॉ. सौम्‍या स्‍वामीनाथन ने भी भरोसा जताया है कि भारत इससे आसानी से निपट लेगा.

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