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कोरोना महामारी की वजह से दुनिया में गहरा सकता है खाद्य संकट

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Updated: March 31, 2020, 6:19 PM IST
कोरोना महामारी की वजह से दुनिया में गहरा सकता है खाद्य संकट
कोरोना संकट की वजह से दुनिया में फूड सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है.

कोरोना संकट (Corona Pandemic Crisis) से जूझ रही दुनिया के सामने अप्रैल और मई महीने में खाद्य आपूर्ति संकट (Food Suppy Crisis) भी खड़ा हो सकता है. कई बड़े निर्यातक देश खाने-पीने का सामान स्टॉक कर रहे हैं. सामान के आयात-निर्यात में दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं.

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  • Last Updated: March 31, 2020, 6:19 PM IST
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कोरोना महामारी (Corona Pandemic) वैश्विक फूड सप्लाई चेन (Global Food Supply Chain) को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है. इसकी वजह से खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं, विशेष तौर पर उन देशों में जहां ये ज्यादा आयात किए जाते हैं. अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर खाद्य उत्पादन करने वाले बड़े देश पाबंदी लगाते हैं तो ये समस्या और विकराल रूप ले सकती है.

चीन पर है दबाव
माना जा रहा है कि चीन खाद्य निर्यात में कमी ला सकता है क्योंकि उस पर अपनी 140 करोड़ जनता का पेट भरने का दबाव है. देश में चावल और गेहूं की खेती बड़े स्तर पर की जाती है. लेकिन चीन सोयाबीन बड़ी मात्रा में आयात करता है. इस वजह से सोयाबीन से बनने वाले प्रोडक्ट की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. गौरतलब है कि बीते सप्ताह संयुक्त राष्ट्र भी कह चुका है, 'हम लॉकडाउन की वजह से फूड सप्लाई चेन पर दबाव महसूस कर सकते हैं. शिपिंग इंडस्ट्री में स्लोडाउन आया है. समुद्री जहाजों के जरिए खाने-पीने के सामान पहुंचाने में अगले कुछ महीनों में मुश्किलें आ सकती हैं.'

प्रतीकात्मक तस्वीर




संयुक्त राष्ट्र कमेटी की गंभीर टिप्पणी


फूड सप्लाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र की कमेटी ने और गंभीर टिप्पणी की है. कमेटी ने कहा है कि लॉकडाउन की वजह से सीमाएं बंद कर दिए जाने के कारण फूड सप्लाई चेन पर भयानक असर पड़ सकता है. गौरतलब है कि बीते हफ्तों में गेहूं और चावल जैसे सूखे अनाज के निर्यात पर भी देशों ने पाबंदी लगाई है जिससे माना जा रहा है कि संकट गहरा सकता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट
इस संबंध में शंघाई की Tongji University यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर छेंग गुओजियांग का कहना है, 'अफ्रीका और मिडिल ईस्ट में खेतों पर टिड्डियों के हमले ने खेती को काफी नुकसान पहुंचाया है. इसकी वजह से ग्लोबल फूड मार्केट और ज्यादा मुश्किलों में पड़ सकता है. वैसे भी इस समय दुनियाभर में लोग घबराकर खरीदारी कर रहे हैं. यूरोपीय देशों में तो कई जगहों से खबर आई कि लोग लंबे समय के लिए घरों में खाने-पीने का सामान भर रहे हैं. अगर इस मुश्किल समय को सरकारों ने ठीक तरीके से नियंत्रित नहीं किया तो आने वाला वक्त मुश्किलों भरा हो सकता है. विशेषतौर पर चीन और दूसरे विकासशील देशों में बड़ी समस्या होगी.'

प्रतीकात्मक तस्वीर


वियतनाम ने रोका चावल निर्यात
विश्व में चावल के तीसरे नंबर के बड़े निर्यातक वियतनाम ने कहा है कि अप्रैल महीने के आखिरी तक वो कोई निर्यात नहीं करेगा. देश का कहना है कि वो आने वाले मुश्किल समय के लिए चावल का स्टॉक रखना चाहता है. वहीं थाईलैंड ने अंडों की सप्लाई अगले एक हफ्ते के लिए रोक लगा दी है क्योंकि उसके यहां कमी पड़ रही थी. थाईलैंड में अंडों की कीमत कोरोना संकट के समय दोगुनी हो गई है.

हॉन्गकॉन्ग की मुश्किलें
हॉन्गकॉन्ग अपने कुल खाद्य उपभोग का करीब 80 प्रतिशत वियतनाम और थाईलैंड से आयात करता है. इस समय देश में मेगास्टोर्स के सामने लंबी कतारें देखी जा सकती हैं. ज्यादातर स्टोर्स से चावल गायब हो गया है. अंडे गायब हो गए हैं. अब देश के सामने चुनौती है कि वो अपने लोगों के लिए खाने-पीने का सामान उपलब्ध कराए.

माना जा रहा है कि अप्रैल और मई के महीने में खाद्य सप्लाई के मामलों में ज्यादा मुश्किलें आएंगी क्योंकि दुनिया के ज्यादातर निर्यातक देश कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. महामारी का संकट जितना गहराएगा, खाद्य आपूर्ति में दिक्कतें और बढ़ेंगी.

क्या है ऑस्ट्रेलिया की स्थिति?
ऑस्ट्रेलिया फूड सप्लाई के मामले में अव्वल देश माना जाता रहा है. लेकिन कोरोना संकट की वजह से यहां भी मेगा स्टोर खाली पड़े हुए हैं. देश में लंबे सूखे और कुछ महीने पहले लगी भीषण बुशफायर के बावजूद खाने-पीने का काफी स्टॉक पड़ा हुआ है. ऑस्ट्रेलिया में एक फर्म के मालिक मार्क मैकक्रिंडल का कहना है कि देश अभी निर्यात करने की स्थिति में है लेकिन मुश्किल ये है कि वस्तुओं की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है. ये एक पैनिक स्थिति है.



मार्च में वैश्विक रूप से फैली कोरोना महामारी
गौरतलब है कि मार्च महीने में कोरोना वैश्विक संकट बनकर उभरा है. महामारी से दुनियाभर में करीब 8 लाख लोग चपेट में आ चुके हैं. करीब 34 हजार लोग जान गंवा चुके हैं. दुनिया के ताकतवर देशों ने अपने लॉकडाउन कर रखा है. निर्यातक देश भी स्टॉक कर रहे हैं. ऐसे में सामान के आयात-निर्यात में दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं. वहीं कोरोना से डरे हुए लोगों ने घबराहट में ज्यादा सामान खरीद कर संकट को और बढ़ा दिया है.

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First published: March 31, 2020, 5:30 PM IST
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