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Coronavirus: क्‍या आपके एयर कंडीशनर से भी फैल सकता है इंफेक्‍शन

Coronavirus: क्‍या आपके एयर कंडीशनर से भी फैल सकता है इंफेक्‍शन

कोरोना वायरस से मुकाबले में डॉक्‍टर्स, पुलिसकर्मी से लेकर डिलिवरी बॉयज तक अपनी परवाह किए बिना योगदान दे रहे हैं. आप घर में रहकर योगदान दीजिए.

कोरोना वायरस से मुकाबले में डॉक्‍टर्स, पुलिसकर्मी से लेकर डिलिवरी बॉयज तक अपनी परवाह किए बिना योगदान दे रहे हैं. आप घर में रहकर योगदान दीजिए.

वैज्ञानिकों और स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमित व्‍यक्ति के करीबी संपर्क के अलावा एयर कंडीशनर (AC) से भी बढ़ सकता है. वहीं, भारत (India) में जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है लोग एयर कंडीशनर का इस्‍तेमाल बढ़ा देते हैं. आइए जानते हैं कि एसी के इस्‍तेमाल से कोरोना वायरस के बढ़ने और फैलने को लेकर क्‍या कहते हैं विशेषज्ञ...

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    नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) पूरी दुनिया में 1.83 लाख से ज्‍यादा लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है. इनमें 7,000 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि, करीब 80 हजार लोगों को ठीक कर घर भेज दिया गया है. फिर भी इसके फैलने की रफ्तार को देखते हुए इसके मरीजों की संख्‍या लगतार बढ़ने की आशंकाएं बनी हुई हैं. दुनियाभर में वैज्ञानिक और स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ इसके फैलने के कारणों और इसके उपचार (Treatment) पर दिन-रात काम कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस संक्रमित व्‍यक्ति के करीबी संपर्क के अलावा एयर कंडीशनर (AC) से भी बढ़ सकता है. इसी के मद्देनजर सिंगापुर (Singapore) में प्रशासन ने लोगों से अपील की थी कि इस वायरस की चपेट में आने से बचने के लिए एसी बंद रखें और ताजा हवा के लिए पंखे का इस्‍तेमाल करें. वहीं, भारतीय रेलवे ने भी एसी कोच के लिए मानक तय कर दिए हैं.

    एसी से कोविड-19 को पनपने और फैलने का मिलेगा माहौल
    ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS) के डायरेक्‍टर रणदीप गुलेरिया (Randeep Guleria) ने हाल में कहा था कि गर्मी बढ़ने के साथ कोरोना वायरस (COVID-19) के निष्क्रिय हो जाने का अब तक कोई सबुत नहीं मिला है. साथ ही उन्‍होंने कहा कि भारत (India) में जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है लोग एयर कंडीशनर का इस्‍तेमाल बढ़ा देते हैं. एसी कूलिंग के कारण घरों के अंदर का तापमान (Temperature) फिर कम हो जाता है. इससे घरों के भीतर मौजूद वायरस फिर एक्टिव हो जाते हैं. यही नहीं उन्‍हें पनपने का माकूल वातावरण भी मिल जाता है, क्‍योंकि जब हम एसी चलाते हैं तो वेंटिलेशनल के सभी रास्‍ते बंद कर दिए जाते हैं. इससे अंदर की हवा में सघनता (Concentration) और नमी बढ़ती जाती है.

    खराब वेंटिलेशन वाले घर में आसानी से बढ़ सकता है वायरस
    चीन (China) में डॉक्‍टरों ने ठीक होकर घर भेजे लोगों को कुछ समय तक घर में भी अलग-थलग (Isolation) रहने की सलाह दी. उन्‍होंने लोगों को घर के उस कमरे को आइसोलेशन रूम बनाने की सलाह दी, जिसमें रोशनी और हवा आने-जाने की पूरी व्‍यवस्‍था हो. स्‍पेनिश फ्लू (Spanish Flu) के समय संक्रमित लोगों के सन बाथ (Sun Bath) और खुली हवा में लेटकर खुद को ठीक करने की तस्‍वीरें इस समय सोशल मीडिया (Social Media) पर खूब चल रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ज्‍यादा ठंडे किए गए स्‍थानों पर कोरोना वायरस आसानी से पनप सकता है. इसके बाद संक्रमित सतह से दूसरी जगहों पर तेजी से फैल सकता है. जिन घरों में वेंटिलेशन की अच्‍छी व्‍यवस्‍था नहीं है, वो कोरोना वायरस के पनपने के लिए सबसे अच्‍छी जगह का काम करेंगे.

    जिस बिल्डिंग में जितने ज्‍यादा एसी हैं और वो जितनी ज्‍यादा देर तक चलते हैं, कोरोना वायरस को पनपने के लिए उतनी ही ज्‍यादा जगह आसानी होगी.


    गर्मी बढ़ने के साथ इसलिए और खराब हो सकते हैं हालात
    जिस बिल्डिंग में जितने ज्‍यादा एसी हैं और वो जितनी ज्‍यादा देर तक चलते हैं, कोरोना वायरस को पनपने के लिए उतनी ही ज्‍यादा जगह आसानी होगी. गर्मी के बढ़ने के साथ हालात और खराब होते जाएंगे. सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (CSE) का आकलन बताता है कि दिल्‍ली (Delhi) में गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत बहुत तेजी से बढ़ती चली जाती है. एक तरफ जहां एसी कूलिंग भीषण गर्मी से लोगों को बचाती है, वहीं इस बार आपका एयर कंडीशनर आपके लिए कोरोना वायरस का खतरा बढ़ाने का काम करेगा. ज्‍यादातर भारतीय मकानों में वेंटिलेशन की ठीक-ठाक व्‍यवस्‍था होती है. लेकिन, जब हम एसी चलाते हैं तो सभी खिड़की-दरवाजे बंद कर देते हैं. ऐसे में घर के अंदर की हवा ज्‍यादा सघन हो जाती है. साथ ही प्रदूषण बढ़ाने वाले बारीक कण भी घर की हवा में बढ़ने लगते हैं. इस वातावरण में वायरस आसानी से फैल सकता है.

    खिड़की-दरवाजे बंद कर घर को वायरस की पनाहगाह न बनाएं
    साफ है कि अगर हम अपने घरों को प्राकृतिक तौर पर हवादार व रोशनी आने लायक नहीं बनाकर एसी पर निर्भरता बढ़ा रहे हैं तो हम अपने लिए घर नहीं जानलेवा वायरसों के लिए पनाहगाह तैयार कर रहे हैं. कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी है कि इन गर्मियों में हम अपने एसी को चलाने से पहले चार बार सोचें. बेहतर होगा कि सीलिंग फैन का ज्‍यादा इस्‍तेमाल करें. घर के सभी खिड़की-दरवाजों को कुछ देर के लिए जरूर खोलें ताकि हवा का सघनता कम हो सके. बाहर की साफ घर में आए. कुछ विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस का संक्रमण एयरोसोल इंफेक्‍शन भी हो सकता है. ये वो संक्रमण है जो किसी परफ्यूम स्प्रे या अन्य स्प्रे की वजह से हवा में फैलता है और किसी अन्य व्यक्ति के उस हवा में सांस लेने से आगे बढ़ता है.

    सेंट्रल एसी वाली बिल्डिंग में कोरोना वायरस संक्रमित व्‍यक्ति की जानकारी मिलते ही एसी बंद कर दें.


    विशेषज्ञों में है मतभेद, अभी और सबूतों की है दरकार
    एयर कंडीशन से कोरोना वायरस फैलने को लेकर एक चीनी विशेषज्ञ ने कहा था कि सघनता और नमी बढ़ने पर हवा से भी संक्रमण फैल सकता है. एसी को चलाते समय सभी खिड़की-दरवाजे बंद करने से घर के अंदर मौजूद हवा की सघनता और नमी दोनों बढ़ जाती हैं. ये वातावरण कोरोना वायरस के पनपने और फैलने के लिए पूरी तरह से माकूल माना जा रहा है. ऐसे में एसी का इस्‍तेमाल नहीं करना ही बेहतर होगा. हालांकि, एक ऑस्ट्रेलियाई विशेषज्ञ का कहना है कि ये पूरी तरह से तय नहीं हो पाया है. इसे स्‍वीकार करने के लिए अभी और सबूतों की जरूरत है. हालांकि, इस बारे में चीनी इंजीनियरिंग अकादमी के सदस्य और रेफ्रिजरेशन एसोसिएशन के उप-निदेशक च्यांग यी ने कहा कि लोगों को एसी को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है.

    संक्रमित व्‍यक्ति की जानकारी मिलते ही बंद करें सेंट्रल एसी
    च्यांग यी ने कहा कि चीन के 95 प्रतिशत से अधिक परिवारों में सेंट्रल एयर कंडीशनिंग का प्रयोग नहीं होता. आम तौर पर हमारे घर के हर कमरे में लगा एयर कंडीशनर अलग है. विभिन्न कमरों में लगे एयर कंडीशनर एकदूसरे पर असर नहीं डालते. एयर कंडीशनर का वायरस के फैलाव से कोई संबंध नहीं होता. हालांकि, बड़े सुपर मार्केट, रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डे जैसे सार्वजनिक क्षेत्रों में सेंट्रल एयर कंडीशनिंग व्यवस्था के प्रयोग में नई हवा के बदलाव की मात्रा बढ़ाई जानी चाहिए. चीनी रोग रोकथाम और नियंत्रण केंद्र के वातावरण अनुसंधान संस्था के शोधकर्ता चांग ल्योपो ने कहा कि कुछ सेंट्रल एयर कंडीशनिंग में कीटाणुशोधन उपकरण लगे होते हैं, जो कारगर हैं. महामारी की रोकथाम के लिए इन उपकरणों का प्रयोग किया जाना चाहिए. अगर संक्रमित व्‍यक्ति का पता चलता है, तो तुरंत सेंट्रल एयर कंडीशनिंग बंद कर सेंटाइजेशन किया जाना चाहिए.

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    Tags: Air pollution, Bad weather, Corona, Corona Virus, Delhi news, Health News, India

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