लाइव टीवी

Coronavirus: लॉकडाउन के बीच देश भर में तेजी से गिरा अपराध का ग्राफ

News18Hindi
Updated: April 2, 2020, 7:54 PM IST
Coronavirus: लॉकडाउन के बीच देश भर में तेजी से गिरा अपराध का ग्राफ
फेस मास्क न पहनने पर सिक्युरिटी गार्ड ने टोका तो उसके सिर पर गोली मार दी गई

कोरोना वायरस (Coronavirus) को फैलने से रोकने के लिए देश भर में लागू लॉकडाउन (Lockdown) के बीच अपराध (Crime) का ग्राफ गिरने की खबरें भी आ रही हैं. राज्‍यों के पुलिस विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक उत्‍तर प्रदेश, महाराष्‍ट्र, राजस्‍थान, कर्नाटक समेत कई राज्‍यों में आपराधिक घटनाओं में भारी कमी आई है.

  • Share this:
कोरोना वायरस (Coronavirus) को फैलने से रोकने के लिए देश भर में लागू लॉकडाउन (Lockdown) के बीच प्रदूषण घटने और ओजोन लेयर के रिपेयर होने की अच्‍छी खबरों के साथ ही अपराध (Crime) का ग्राफ गिरने की खबरें आ रही हैं. हालांकि, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्‍यूरो (NCRB) ने इसको लेकर कोई आंकडा जारी नहीं किया है, लेकिन राज्‍यों के पुलिस विभाग से मिली जानकारी के आधार पर उत्‍तर प्रदेश, महाराष्‍ट्र, राजस्‍थान, कर्नाटक समेत देश के कई राज्‍यों में आपराधिक घटनाओं में काफी कमी आई है. पुलिस का कहना है कि अपराधियों में भी संक्रमण का खौफ है. इसलिए वे बाहर नहीं निकल रहे हैं. कुछ जगहों पर लॉकडाउन उल्‍लंघन के मामले दर्ज किए गए हैं. इसमें धारा-144 का उल्लंघन के साथ ही महामारी अधिनियम के मामले शामिल हैं. इस दौरान हत्या, अपहरण, चोरी-डकैती, लूटपाट, छीना-झपटी में जबरदस्‍त कमी आई है.

दिल्‍ली में घटे अपराध, यूपी में 99 फीसदी गिरावट
सबसे पहले राष्‍ट्रीय राजधानी (National Capital) की बात करते हैं. दिल्‍ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में लॉकडाउन के दौरान आपराधिक वारदातों की संख्‍या में जबरदस्‍त गिरावट दर्ज की गई है. दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) के मुताबिक, इस दौरान घृणित अपराधों की श्रेणी में आने वाला एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है. सरकारी कामकाज में रुकावट डालने को लेकर कुछ मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं, उत्‍तर प्रदेश (UP) में भी पाबंदियों का असर साफ दिख रहा है. प्रदेश में लूट, रेप, हत्‍या औरर डकैती जैसे अपराधों में 99 फीसदी गिरावट आई है. बता दें कि इससे पहले यूपी में हर दिन महिलाओं के खिलाफ औसतन 162 मामले दर्ज होते थे. हालांकि, मुजफ्फनगर में इस बीच गोलीबारी की एक वारदात हुई थी.

महाराष्‍ट्र में भी दिख रहा है लॉकडाउन का असर



यूपी पुलिस (UP Police) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 के पहले 6 महीने में यूपी में 19,761 आपराधिक मामले सामने आए थे. इनमें हत्‍या के 1,088, रेप के 1,224, शारीरिक शोषण के 4,883, अपहरण के 5,282, छेडछाड के 293 और घरेलू हिंसा के 6,991 मामले शामिल थे. वहीं, लॉकडाउन के दौरान अब तक यूपी पुलिस ने 3,710 मामले दर्ज किए. ये सभी मामले लॉकडाउन उल्‍लंघन से जुडे हुए हैं. इनमें 11,317 लोगों का चालान किया गया है. इनमें भी कुछ मामले कालाबाजारी के भी हैं. महाराष्‍ट्र पुलिस का कहना है कि आपराधिक घटनाओं पर भी लॉकडाउन का असर भी साफ नजर आ रहा है. इस दौरान राज्‍य में गंभीर और अति-गंभीर श्रेणी के अपराध बंद हो गए हैं.



महाराष्‍ट्र में रोज चोरी, मारपीट, रेप की वारदातों के मामले दर्ज होते हैं. वहीं, लॉकडाउन के दौरान इस तरह का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है.


राजस्‍थान में अपराध 75 फीसदी होग गए कम
महाराष्‍ट्र पुलिस (Maharashtra Police) का कहना है कि मुंबई में अलर्ट है. हर जगह नाकाबंदी है. पहले जहां रोज चोरी, मारपीट, रेप की वारदातों के मामले दर्ज होते थे. वहीं, अब इस तरह का एक भी मामला दर्ज नहीं हो रहा है. छिटपुट वारदातों को छोडकर अपराधों में जबरदस्‍त कमी आई है. सिर्फ मुंबई (Mumbai) में धारा-188 के तहत दर्ज मामलों में 280 से ज्‍यादा लोग गिरफ्तार किए गए हैं. वहीं, 25 से ज्‍यादा लोगों को नोटिस देकर छोड दिया गया. इसके अलावा 20 से ज्‍यादा आरोपियों की तलाश जारी है. राजस्‍थान (Rajasthan) के 850 थानों में दर्ज मामलों की संख्‍या के आधार पर साफ है कि अपराध में 75 फीसदी कमी आई है. यह अब तक का सबसे कम आंकडा बताया जा रहा है.

बिहार में अति-गंभीर मामलों में कोई कमी नहीं
हालांकि, राजस्‍थान में भी लॉकडाउन के उल्‍लंघन के काफी मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें 3,500 से ज्‍यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. राज्‍य में 22 मार्च से लेकर आज तक कुल 1,750 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि इस महीने के पहले सप्ताह में 6,000 से ज्‍यादा मामले दर्ज किए गए थे. राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) बीएल सोनी के मुताबिक अपराधों का ग्राफ नीचे गिरा है. मध्‍य प्रदेश में 27 मार्च को कांग्रेस नेता की गोली मारकर हत्‍या और इंदौर में डॉक्‍टरों पर भीड के हमले के अलावा कोई बडी वारदात नहीं हुई है. वहीं, बिहार में आपराधिक मामलों में कोई कमी नहीं आई है. यहां खुलेआम गोलीबारी और जानलेवा हमले किए जा रहे हैं. राज्‍य में गुरुवार को तीन अलग-अलग जगहों पर गोलीबारी हुई. इस दौरान एक पुलिस कांस्टेबल समेत दो युवकों को गोली मार दी गई.

पश्चिम बंगाल में पाबंदियों के दौरान अपराध के मामले लगभग आधे हो गए हैं.


झारखंड में लॉकडाउन उल्‍लंघन के केस ज्‍यादा
झारखंड (Jharkhand) में लॉकडाउन के बाद और पहले के एक सप्ताह के अपराध के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो काफी अंतर आया है. हत्या, अपहरण, चोरी- डकैती, लूटपाट, छीना-झपटी में बहुत कमी आई है. राजधानी में ही लॉकडाउन के एक सप्ताह पहले इस तरह के 18 मामले दर्ज किए गए. वहीं, लॉकडाउन के बाद ऐसे अपराधों की संख्या शून्य है. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में पाबंदियों के दौरान अपराध के मामले लगभग आधे हो गए हैं. राज्‍य में डकैती और छेड़छाड़ जैसे मामलों में भारी गिरावट देखने को मिली है. पश्चिम बंगाल पुलिस ने कहा कि राज्य में क्राइम रेट (Crime Rate) आधा हो गया है. छीना-झपटी, चेन-खींचने, पॉकेट चोरी जैसे मामलों में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

कर्नाटक में सडक हादसों में आई बडी गिरावट
पश्चिम बंगाल पुलिस के मुताबिक, अगर इस साल जनवरी और फरवरी में 18 से 28 मार्च के बीच दर्ज की गई आपराधिक गतिविधियों की तुलना की जाए, तो निश्चित रूप से इस दर में 50 फीसदी तक कमी आई है. पिछले 11 दिनों में विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज मामलों की संख्या 300 से अधिक नहीं है. वहीं, जनवरी और फरवरी में इसी अवधि में करीब 600 मामले दर्ज किए गए थे. कर्नाटक (Karnataka) में भी अपराध में कमी देखने को मिली है. इसके साथ ही एक्सीडेंट में होने वाली मौतों में भी गिरावट आई है.

ट्रैफिक पुलिस डाटा के मुताबिक, मार्च 2019 में 82 लोग मारे गए, जबकि इस साल मार्च में 52 मामले आए. लॉकडाउन के बाद सड़कों पर वाहनों में भारी कमी आई है. ज्यादातर लोगों की मौत लापरवाही और अनदेखी से होती है. वहीं, चेन खींचने के सिर्फ बेंगलुरु में ही मार्च, 2019 में 24 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि इस बार एक भी नहीं है. यही नहीं, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, समेत तमाम राज्‍यों में अपराध का ग्राफ नीचे गिरा है.

ये भी देखें:

Coronavirus: क्‍या सिगरेट पीने वाले हर कश के साथ अपने लिए बढ़ा रहे हैं खतरा?

जानें कोरोना वायरस फैलने के बीच हर दिन कैसे बदल रही थी चीन के लोगों की जिंदगी

Good News:  संक्रमण से उबर चुके मरीज के खून से हुआ कोरोना वायरस का सफल इलाज

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 2, 2020, 7:41 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading