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Corona Impact: 2019 के मुकाबले इस साल दोगुना लोगों के सामने खड़ा होगा भुखमरी का संकट

Demo Pic.

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कोरोना वायरस संकट के बीच विश्‍व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और संयुक्त राष्ट्र खाद्य व कृषि संगठन (UNFAO) ने संयुक्‍त राष्‍ट्र (UN) को खाद्य संकट (Food Crisis) को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट सौंप दी है. इसके बाद यूएन ने चेतावनी दी है कि इस साल भुखमरी का सामना करने वालों की संख्‍या 26 करोड़ा से ज्‍यादा हो सकती है.

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    कोरोना वायरस पूरी दुनिया पर चौतरफा संकट मार कर रहा है. संक्रमण के कारण जहां दुनियाभर में लोग बीमार पड़ रहे हैं. वहीं, विश्‍व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और संयुक्त राष्ट्र खाद्य व कृषि संगठन (UNFAO) ने संयुक्‍त राष्‍ट्र (UN) को सौंपी अपनी रिपोर्ट में आशंका जताई है कि इस साल दुनियाभर में भुखमरी (Food Crisis) का सामना करने वालों की संख्‍या करीब-करीब दोगुनी हो सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में पिछले साल से ही खाद्य असुरक्षा (Food Insecurity) बढ़ रही थी. अब कोरोना वायरस (Coronavirus) संकट के कारण हालात पहले के मुकाबले कहीं ज्‍यादा खराब हो सकते हैं. डब्ल्यूएफपी का अनुमान है कि पेट भर भोजन नहीं पाने वालों की संख्या 2020 में बढ़कर 26.5 करोड़ हो सकती है, जो 2019 में 13.5 करोड़ थी.

    पहले से संकट में लोगों के हालात होंगे और ज्‍यादा खराब
    डब्‍ल्‍यूएफपी और यूएनएफएओ की संयुक्‍त राष्‍ट्र को सौंपी रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में 55 देशों में 13.5 करोड़ लोग गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहे थे. रिपोर्ट में 2020 और 2019 के दौरान 50 देशों के खाद्य असुरक्षा (Food Insecurity) का सामना कर रहे लोगों के जुटाए गए आंकड़ों की तुलना की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य संकट में वृद्धि की प्रमुख वजह विवाद, आर्थिक झटके (Economic Crisis) और सूखा या बहुत ज्‍यादा बारिश जैसे मौसम से जुड़े संकट भी हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले से खाद्य संकट का सामना कर रहे लोगों के लिए कोविड-19 महामारी की वजह से स्थिति ज्‍यादा चिंताजनक होगी. इन लोगों पर वैश्विक महामारी (Pandemic) के चलते स्वास्थ्य और सामाजिक आर्थिक झटके की मार सबसे ज्‍यादा पड़ेगी.

    संयुक्‍त राष्‍ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में पूरी दुनिया में भुखमरी का सामना करने वालों की संख्‍या 13.5 करोड थी.


    G-20 ने खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने का लिया संकल्प
    रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद संयुक्‍त राष्‍ट्र ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस साल वैश्विक स्तर पर भुखमरी का सामना करने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हो सकती है. इसके बाद G-20 देशों के कृषि मंत्रियों (Agriculture Ministers) ने मंगलवार को ही पर्याप्त वैश्विक खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने का संकल्प लिया. समूह देशों के कृषि मंत्रियों ने कहा कि हम सबसे उन्नत, सबसे कमजोर और विस्थापित लोगों समेत दुनिया के हर व्‍यक्ति के लिए पर्याप्त, सुरक्षित, सस्ता, पौष्टिक भोजन उपलब्‍ध कराना सुनिश्चित करने के लिए मदद करेंगे. सऊदी अरब (Saudi Arabia) की ओर से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस मीटिंग के बाद कहा गया कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण हालात में हम खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं में खाद्यान्‍न के नुकसान और बर्बादी से बचने पर जोर देते हैं. इससे खाद्य असुरक्षा और पोषण संबंधी जोखिम व आर्थिक नुकसान को रोका जा सकता है.

    खाद्य मूल्‍य अस्थिरता को रोकने पर काम कर रहा जी-20
    कोरोना वायरस फैलने की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए दुनियाभर में लागू किए गए लॉकडाउन (Lockdown) के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान पर G-20 देशों ने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खाद्य मूल्य अस्थिरता को रोकने के लिए काम कर रहे हैं. समूह देशों के कृषि मंत्रियों ने जोर देकर कहा, 'यह महत्वपूर्ण है कि कोरोना वायरस लॉकडाउन व्यापार और खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए अनावश्यक परेशानियां पैदा न कर पाए.' डब्‍ल्‍यूएफपी और यूएनएफएओ ने इस रिपोर्ट के लिए आंकड़े जुटाने का काम पूरी दुनिया में कोरोना वायरस फैलने से पहले ही पूरा कर लिया था. ऐसे में रिपोर्ट तैयार करने वाले विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वैश्विक महामारी के कारण खाद्य सुरक्षा को लेकर हालात कहीं ज्‍यादा चिंतित करने वाले हो सकते हैं.

    विश्‍व खाद्य कार्यक्रम की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस के कारण हालात इससे भी ज्‍यादा खराब हो सकते हैं.


    जीएचआई में भारत की स्थिति पाकिस्‍तान से भी खराब
    अक्‍टूबर, 2019 में जारी ग्‍लोबल हंंगर इंडेक्‍स (GHI) के मुताबिक, भारत सूची में 102वें नंबर पर था. इसमें कहा गया था कि 2014 के बाद भारत में भुखमरी को लेकर हालात में बहुत ज्यादा सुधार नहीं आया था. वहीं, पाकिस्तान (94वें), बांग्लादेश (88वें), नेपाल (73वें) और श्रीलंका (66वें) भारत से बेहतर स्थित में थे. जीएचआई की 2014 में जारी रिपोर्ट में भारत 76 देशों की लिस्ट में 55वें और 2017 में 119 में से 100वें पायदान पर रहा था. वहीं, भारत भुखमरी की इस सूची में शामिल 119 देशों में 103 नंबर पर था. वेल्थ हंगर हिल्फे एंड कन्सर्न वर्ल्‍डवाइड की तैयार की गई रिपोर्ट 2019 के मुताबिक भारत दुनिया के उन 45 देशों में शामिल है जहां भुखमरी काफी गंभीर स्तर पर है.

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