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Coronavirus: जानें पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 21 दिन के लॉकडाउन में आप क्‍या कर सकते हैं और क्‍या नहीं?

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Updated: March 24, 2020, 10:42 PM IST
Coronavirus: जानें पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 21 दिन के लॉकडाउन में आप क्‍या कर सकते हैं और क्‍या नहीं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात 12 बजे से अगले 21 दिन यानी 14 अप्रैल तक पूरे देश में टोटल लॉकडाउन की घोषणा कर दी है. इसमें आम नागरिकों पर बहुत सी पाबंदियां रहेंगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज शाम 8 बजे राष्‍ट्र के नाम संबोधन में पूरे देश में अगले 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर दी है. इस दौरान उन्‍होंने जोर देकर कहा कि इसे कर्फ्यू (Curfew) ही माना जाए और राज्‍य सरकारें सख्‍ती से इसे लागू करें. आइए जानते हैं कि पीएम मोदी की ओर से घोषित इस लॉकडाउन के क्‍या मायने हैं और हम क्‍या कर सकते हैंए क्‍या नहीं कर सकते...

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  • Last Updated: March 24, 2020, 10:42 PM IST
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कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के लगातार फैलने के बीच लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) के बाद भी आम लोगों के बार-बार बेवजह रोड्स पर आने के बाद आज शाम 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने राष्‍ट्र के नाम संबोधन में पूरे देश में अगले 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर दी है. इस दौरान उन्‍होंने जोर देकर कहा कि इसे कर्फ्यू (Curfew) ही माना जाए और राज्‍य सरकारें सख्‍ती से इसे लागू करें. अब सवाल ये उठता है कि इस दौरान आम नागरिक क्‍या कर सकता है और क्‍या नहीं कर सकते ? आइए जानते हैं कि पीएम मोदी की ओर से घोषित इस लॉकडाउन के क्‍या मायने हैं...

इस बार के लॉकडाउन को कर्फ्यू ही मानकर चलें
किसी महामारी (Epidemic) या देश के सामने किसी विषम परिस्थित के आने पर क्षेत्र विशेष या पूरे देश में लॉकडाउन किया जा सकता है. पहले भी पेरिस हमले के बाद आतंकियों को दबोचने के लिए एक शहर में लॉकडाउन लगा दिया गया था. इससे पहले 9/11 के बाद अमेरिका में भी कई बार लॉकडाउन लगाया गया था. सामान्य तौर पर इस प्रोटोकॉल की शुरुआत प्रशासन की ओर से की जाती है. इसकी घोषणा सामान्य तौर लोगों को बड़ी आपदाओं से बचाने के लिए की जाती है. आज पीएम मोदी ने पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा की है. इसका मतलब है कि अब लोगों को अपने घर से निकलना ही नहीं है. सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी होने पर घर से बाहर निकल सकते हैं. आसान शब्‍दों में समझें तो बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से निकल सकते हैं. इस बार लोगों के बेवजह घर से बाहर पाए जाने पर सख्‍त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

लॉकडाउन के दौरान रोजमर्रा की जरूरत की दुकानें खुली रहेंगी. भीड जमा होने पर लॉकडाउन का उद्देश्‍य खत्‍म हो जाएगा. लिहाजा, ऐसी जगहों पर भी ज्‍यादा संख्‍या में न जुटें.




रोजमर्रा के जरूरत की चीजों वाली दुकानें खुलेंगी
रोजमर्रा की जरूरी चीजों जैसे दूध, सब्जी, किराना और दवाओं की दुकान लॉकडाउन के दौरान खुलेंगी. सभी सरकारी और निजी अस्‍पताल, क्‍लीनिक, मेडिकल स्‍टोर, एंबुलेंस, डिस्‍पेंसरी खुले रहेंगे. स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं दे रहे लोगों की आवाजाही के लिए परिवहन के साधन जारी रहेंगे. आपका अखबार रोज आपके घर तक पहुंचता रहेगा. प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का काम जारी रहेगा. संचार सेवाएं, प्रसारण सेवाएं, इंटरनेट सेवाएं जारी रहेंगी. डॉक्‍टरों व स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं से जुडे अन्‍य लोगों को बाहर निकलने की अनुमति रहेगी. पेट्रोल पंप और एटीएम को आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में रखा गया है. लिहाजा, ये दोनों पहले की ही तरह खुले रहेंगे.

हालांकि, पीएम मोदी ने संबोधन में कहा है कि आप सामान लेने भी घर से न निकलें. सरकार आप तक जरूरी सामान पहुंचाएगी. देश में लॉकडाउन के दौरान निजी वाहनों का इस्‍तेमाल प्रतिबंधित नहीं होता है. यानी आप अपनी कार लेकर बाहर निकल सकते हैं, लेकिन यहां ये साफ तौर पर समझ लें कि आपके पास घर से निकलने की ठोस और बेहद जरूरी कारण होना ही चाहिए. पिछले दो दिनों में दिल्‍ली-एनसीआर में ही बेवजह बाहर निकले लोगों पर सख्‍त कार्रवाई के तहत दर्जनों लोगों पर मामले दर्ज कर हवालात में डाल दिया गया. कई जगह निजी वाहनों को सीज भी किया गया है. हालांकि, सभी बैंक, इंश्‍योरेंस ऑफिस और एटीएम खुले रहेंगे.

वायरस ही नहीं फेक न्‍यूज फैलने से भी बचना होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में साफ तौर पर कहा है कि कोरोना वायरस को हराने के लिए अगले 21 दिन हर हाल में घर के अंदर ही रहना है. अगर हम ऐसा करते हैं तो संक्रमण फैलने की चेन टूट जाएगी. वहीं, उन्‍होंने ये भी बताया कि सरकार ने वैश्विक महामारी से निपटने के लिए 15 हजार करोड रुपये का पैकेज का प्रावधान कर दिया है. साथ ही उन्‍होंने फेक न्‍यूज से बचते हुए उसे आगे नहीं बढाने को कहा है. घर में रहने के दौरान सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय भ्रम या अफवाह फैलने वाले मैसेजेज को आगे नहीं बढाएं. ऐसा करने पर आप मुसीबत में फंस सकते हैं.

पीएम नरेंद्र मोदी कहा है कि घर में रहकर कोरोना वायरस संक्रमण पर ब्रेक लगाने के साथ ही फेक न्‍यूज फैलाने से भी बचना है.


इन सभी पर लॉकडाउन के दौरान रहेगी पाबंदी
इस दौरान बड़ी दुकानें, बड़े स्टोर, फैक्ट्रियां, वर्कशॉप, दफ्तर, गोदाम, साप्ताहिक बाजार पूरी तरह से बंद रहेंगे. वहीं, बड़ी संख्‍या में लोगों को लाने ले जाने वाले सार्वजनिक परिवहन बंद रहेंगे.  हालांकि, कुछ राज्यों में 25 फीसदी सरकारी बसें चलेंगी. राज्य को जोड़ने वाली बस और देश भर में रेल सेवाएं बंद रहेंगी. लॉकडाउन के दौरान सभी धार्मिक स्‍थल भी लोगों के लिए बंद रहेंगे. ऐसे में सभी धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों पर रोक रहेगी. कुछ प्रोडक्‍शन यूनिट्स राज्‍य सरकारों की मंजूरी लेकर खोली जा सकेंगी. सभी होटल्‍स और रेस्‍टोरेंट्स बंद रहेंगे.

किस नियम के तहत लागू किया गया है लॉकडाउन
लॉकडाउन को महामारी अधिनियम 1897 के तहत लागू किया जाता है. ये अधिनियम पूरे भारत पर लागू होता है. इस अधिनियम का इस्तेमाल किसी विकराल समस्या से निपटने के लिए किया जाता है. जब केंद्र या राज्य सरकार को लगता है कि कोई संकट या बीमारी देश या राज्य में आ चुकी है और वो सभी नागरिकों तक पहुंच रही है तो देश व राज्य दोनों इस अधिनियम को लागू कर सकते हैं. इस अधिनियम की धारा-2 के तहत मिली शक्तियों के आधाार पर राज्य या केंद्र सरकार महामारी की रोकथाम के लिए अस्थायी नियम बना सकती हैं. सरकारें ऐसा कोई भी नियम बना सकती हैं, जो बीमारी की रोकथाम में कारगर हो. इसी नियम के तहत आज पीएम नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा की है.

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First published: March 24, 2020, 10:08 PM IST
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