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Coronavirus: जानें हॉटस्‍पॉट इलाकों को सील करने के बाद अब पूरे देश से कब हटेगा लॉकडाउन

लॉकडाउन हटाने को लेकर केंद्र सरकार अभी दुविधा में है. वहीं, ज्‍यादातर राज्‍य लॉकडाउन हटाने के पक्ष में नहीं हैं.
लॉकडाउन हटाने को लेकर केंद्र सरकार अभी दुविधा में है. वहीं, ज्‍यादातर राज्‍य लॉकडाउन हटाने के पक्ष में नहीं हैं.

कोरोना वायरस (Coronavirus) के फैलने की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन (Lockdown) का आज 16वां दिन है. लॉकडाउन के कारण बड़ी संख्‍या में लोगों का रोजगार छिन गया है तो वहीं लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

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दुनिया के ज्यादातर देशों ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के फैलने की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए लॉकडाउन का सहारा लिया. जब भारत में भी संक्रमितों की संख्‍या में वृद्धि होने लगी तो केंद्र सरकार ने पूरे देश में 21 दिन यानी 14 अप्रैल तक के लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा कर दी. देश में आज लॉकडाउन का 16वां दिन है. इस बीच बुधवार को देश के कई हॉटस्‍पॉट को पूरी तरह सील कर दिया गया है. यानी ना तो उन इलाकों से कोई बाहर निकल सकता है और ना ही कोई वहां जा सकता है. यहां तक कि इन इलाकों के लोग जरूरी सामान लेने के लिए भी बाहर नहीं निकल सकते हैं. उन्‍हें जरूरी सामान घर पर ही उपलब्‍ध कराया जाएगा. ऐसे में जानते हैं कि देश में लागू लॉकडाउन कब और कैसे खत्‍म होगा.

रोज कमाने खाने वालों की हालत हो गई खराब
देशभर में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. वहीं, 24 मार्च की आधी रात से लागू लॉकडाउन के कारण आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है. रोज कमाने खाने वाले वर्ग की लॉकडाउन ने आर्थिक हालत (Financial Condition) भी खराब कर दी है. वहीं, देश में जारी लॉकडाउन के आगे बढ़ाए जाने या खत्‍म करने पर दुविधा की स्थिति है. कुछ राज्‍य और विशेषज्ञ केंद्र सरकार से लॉकडाउन बढ़ाने की अपील कर रहे हैं. उनका कहना है कि लॉकडाउन को लोगों की जिंदगी की कीमत पर नहीं हटाया जाना चाहिए. देश में लगातार बढ़ती कोरोना संक्रमितों की संख्या के मद्देनजर केंद्र सरकार (Central Government) इस पर विचार भी कर रही है.

ज्‍यादातर राज्‍य सरकारें दे रहीं बढ़ाने का सुझाव
स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने बुधवार को स्पष्ट किया है कि लॉकडाउन पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है. इसलिए इस पर किसी प्रकार का अंदाजा न लगाया जाए. उत्तर प्रदेश (UP) और मध्य प्रदेश (MP) सरकार लॉकडाउन को बढ़ाने का संकेत दे चुकी हैं. तेलंगाना (Telangana) के सीएम के. चंद्रशेखर राव ने भी मोदी सरकार को 3 जून तक लॉकडाउन बढ़ाने जाने का सुझाव दिया था. वहीं, ओडिशा (Odisha) सरकार ने राज्‍य में लॉकडाउन की अवधि 30 अप्रैल तक बढ़ाने की घोषणा आज कर दी है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब और कैसे देशभर में लॉकडाउन खत्‍म होगा?



देश के ज्‍यादातर राज्‍य अभी लॉकडउाउन हटाए जााने के पक्ष में नहीं हैं. ओडिशा में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है.


अर्थव्‍यवस्‍था से ज्‍यादा जरूरी है लोगों की जिंदगी
ज्‍यादातर राज्‍य सरकारें कोरोना वायरस के खिलाफ मुकाबले में लॉकडाउन को अहम बताकर फिलहाल हटाने को तैयार नजर नहीं आ रही हैं. मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अर्थव्यवस्था से ज्यादा जरूरी लोगों की जिंदगी है. अर्थव्यवस्था सुधारी जा सकती है, लेकिन लोग मरेंगे तो उन्हें वापस नहीं लाया जा सकता है. लिहाजा, जरूरत महसूस होने पर लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जा सकता है. वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्यों को अपनी परिस्थिति के मुताबिक फैसला लेना चाहिए. केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन भी लॉकडाउन को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं. केरल के कई हिस्सों में कर्फ्यू भी लागू है.

हॉटस्‍पॉट एरिया में नहीं हटाई जाएंगी पाबंदियां
कोरोना वायरस से सबसे ज्‍यादा प्रभावित महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में हैं. हालांकि, राज्‍य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि ठाकरे सरकार चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग इलाकों में लॉकडाउन को खोलने पर विचार कर रही है. उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने भी कहा कि एक भी केस हमारे प्रदेश में रह जाता है तो लॉकडाउन हटाना ठीक नहीं होगा. कुछ राज्य सरकार अपनी तरफ से भी कुछ प्रतिबंध लगाए रखने के पक्ष में हैं. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की ओर से COVID-19 के लिए बनाई गई 11 समितियों में एक के प्रमुख और एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने बताया कि जिन हॉटस्पॉट एरिया में कोरोना संक्रमण के बढ़ने की रफ्तार आज भी दोगुनी है, उनमें लॉकडाउन फिलहाल नहीं हटाया जाएगा.

नॉन हॉटस्‍पॉट एरिया में लॉकडाउन हटाने पर सरकार को इलाकों में लोगों की आवाजाही की निगरानी करने की जरूरत होगी.
नॉन हॉटस्‍पॉट एरिया में लॉकडाउन हटाने पर सरकार को इलाकों में लोगों की आवाजाही की निगरानी करने की जरूरत होगी.


हॉटस्‍पॉट एरिया में हटाया तो बढ़ेंगे संक्रमित
डॉ. गुलेरिया ने बताया कि पूरे देश में कुल 274 जिलों में कोरोना वायरस के मरीज मिले हैं. देशभर में 700 से ज्यादा जिले हैं. अगर हॉटस्पॉट एरिया में लॉकडाउन हटा दिया गया तो संक्रमितों की संख्या अचानक कई गुना बढ़ सकती है. अभी तक कोरोना वायरस की चपेट में नहीं आए इलाकों में धीरे-धीरे लॉकडाउन हटाया जा सकता है. इस आधार पर कहा जा सकता है कि 14 अप्रैल के बाद देश के करीब 450 जिलों में लॉकडाउन में ढील दी जा सकती है. देशभर में अब तक संक्रमितों की संख्या 5,734 हो गई है. इनमें 166 की मौत हो चुकी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल हम हर पांचवे दिन मरीजों की संख्या को डबल कर रहे हैं. केंद्र सरकार ने कई बार कहा है कि ये रफ्तार और धीमी होती अगर तबलीगी जमात मरकज से इतनी बड़ी संख्या में मरीज सामने नहीं आते.

4 बातें ध्‍यान में रखकर लेना होगा फैसला
एम्‍स के निदेशक ने कहा कि सरकार 4 बातों को ध्यान में रखते हुए लॉकडाउन पर फैसला करेगी. सरकार को देखना होगा कि लॉकडाउन जारी रखने पर अर्थव्यवस्था पर कितना बड़ा असर पड़ेगा? क्या सरकार आगे उसकी भरपाई करने में सक्षम होगी? क्या लॉकडाउन खोलना बड़ी आबादी के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होगा? साथ ही उद्योग जगत के सवालों को भी सरकार को लॉकडाउन के फैसले के साथ जोड़कर देखना होगा. केंद्र सरकार को देखना होगा कि लॉकडाउन बढ़ाना या खत्म करना भारत के निर्यात-आयात, दूसरे देशों के साथ रिश्तों और देश के बाकी उद्योग पर कितना असर डाल रहा है. यहां यह भी देखा जाएगा कि गरीब आप्रवासी मजदूरों की हालात कैसी है और उन तक सरकार अपनी कितनी पहुंच बना पाई है. उनकी समस्याएं क्या हैं और क्या उसका निदान सरकार पूरी तरह से कर पा रही है?

एम्‍स के डायरेक्‍टर डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि अभी विदेश से आने वाले लोगेां पर पाबंदी लागू रहनी चाहिए.
एम्‍स के डायरेक्‍टर डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि अभी विदेश से आने वाले लोगेां पर पाबंदी लागू रहनी चाहिए.


चरणबद्ध तरीके से पाबंदी हटाना ही सही
डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि लॉकडाउन हटाने के दो ही तरीके हैं. पहला चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन हटाना और दूसरा संक्रमण से अछूते रहे इलाकों में सामान्‍य जनजीवन बहाल कर दिया जाए. हालांकि, चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन हटना ही सही फैसला होगा. उनका मानना है कि संक्रमण से अछूते इलाकों में सामान्‍य जनजीवन बहाल करने के बाद अगर वहां कोई कोरोना पॉजिटिव पहुंचा तो स्थिति भयावह हो जाएगी. सरकार को ऐसे इलाकों में लोगों की आवाजाही की निगरानी करने की जरूरत होगी. सरकार को हॉटस्पॉट और नॉन हॉटस्पॉट एरिया को डील करने की अलग-अलग रणनीति बनानी होगी. डॉ. गुलेरिया मानते हैं कि हॉटस्पॉट इलाकों को 14 अप्रैल के बाद भी दूसरे इलाकों से पूरी तरह अलग रखने की जरूरत होगी. चरणबद्ध तरीके में पहले एक जिले को कोरोना फ्री करें, फिर दूसरे को और जहां-जहां कोरोना मरीजों की संख्या शून्य पहुंचे, फिर वहां लॉकडाउन पूरी तरह खोलें और तभी दूसरे इलाके से लोगों को वहां आने दें.

विदेशी से आने वालों पर अभी रहेगी पाबंदी
एम्‍स के निदेशक के मुताबिक 10 से 12 अप्रैल के बाद केंद्र सरकार के पास काफी डाटा उपलब्‍ध होगा. तब स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो जाएगी कि लॉकडाउन का कितना असर पड़ा है. लॉकडाउन में ये भी बड़ा सवाल है कि विदेश से आने वाले लोगों पर सरकार कब तक रोक लगाए रख सकती है? डॉ. गुलेरिया का मानना है कि भारत में कोरोना का संक्रमण विदेशों से आने वाले लोगों के साथ ही आया है. इसलिए सरकार को विदेश से आने वालों को सीधे क्वारेंटाइन में भेजने का प्रवाधान किया जा सकता है. एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग और टेस्टिंग को बढ़ाने की जरूरत है. इसलिए अब हमने रैपिड टेस्टिंग की भी गाइडलाइन जारी कर दी है.



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