Coronavirus: जानें चीन ने रूस से आने वाले अपने नागरिकों की सूचना देने पर क्‍यों रखा इनाम?

चीन में पिछले कुछ दिन से कोरोना वायरस के नए मरीज सामने आ रहे हेंं. ऐसे में चीन ने अवैध तरीके से लौट रहे अपने नागरिकों की सूचना देने पर इनाम की घोषणा कर दी है.
चीन में पिछले कुछ दिन से कोरोना वायरस के नए मरीज सामने आ रहे हेंं. ऐसे में चीन ने अवैध तरीके से लौट रहे अपने नागरिकों की सूचना देने पर इनाम की घोषणा कर दी है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण चीन ने हवाई यात्रा पर रोक लगा रखी है, लेकिन सड़कें अभी तक खुली हैं. इस समय रूस (Russia) में बसे चीन के लोग किसी भी तरह से अपने देश लौटना चाहते हैं. लिहाजा, प्रांत के अधिकारियों ने अवैध तरीके से सीमा पार करने वालों की सूचना देने पर इनाम की घोषणा कर दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2020, 1:38 PM IST
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चीन में कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप थमने के बाद एक बार फिर बढ़ रहा है. हालांकि, प्रशासन का कहना है कि नए मामलों में विदेश से लौटने वालों की संख्‍या ज्‍यादा है. हाल में सामने आए नए पॉजिटिव मामलों की संख्या मंगलवार तक 1,500 हो गई थी. इनमें 10 स्थानीय मामले भी हैं. अकेले हेलोनजियांग प्रांत में रविवार तक नए मामलों की संख्‍या बढ़कर 300 के पार हो गई थी. वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि चीन-रूस सीमा पर मौजूद सुइफिन शहर नया वुहान बनता जा रहा है. यहां रूस (Russia) से लौटे ज्‍यादातर लोग संक्रमित पाए गए हैं. इस शहर में मंगलवार को 57 ऐसे लोग संक्रमित पाए गए, जिनमें कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं था. दरअसल, चीन (China) ने संक्रमण को देखते हुए हवाई यात्रा पर पाबंदी लगाई हुई है, लेकिन रोड्स को खुला रखा है, जिससे इन इलाकों में रहने वाले लोग किसी भी तरह से वापस लौटना चाहते हैं. ऐसे में सरकारी अधिकारियों ने रूस से हेलोनजियांग में अवैध तरीके से आने वालों की सूचना देने और उन्हें पकडवाने पर इनाम की घोषणा कर दी है.

नए कोरोना पॉजिटिव मामलों में 10 ही स्‍थानीय लोग
चीन के सरकारी समाचारपत्र ग्‍लोबल टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना वायरस पर नियंत्रण के बाद अब हेलोनजियांग प्रांत देश के लिए नई मुसीबत बनकर उभर रहा है.
प्रांत की सीमा रूस से सटी है. रूस आने-जाने के हवाई रास्ते पर तो रोक लगा दी गई है, लेकिन सड़कें अभी तक खुली हैं. इसके चलते सुइफिन शहर के जरिये रूस से स्‍थानीय लोग चीन में दाखिल हो रहे हैं. हेलोनजियांग में सोमवार को रूस से लौटे 79 लोगों में संक्रमण पाया गया था. इससे पहले 27 मार्च से लेकर 9 अप्रैल के बीच करीब 100 पॉजिटिव केस बाहर से आए हुए लोगों के थे. वहीं, 148 ऐसे लोगों में भी संक्रमण पाया गया था, जिनमें कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं था. नए मामलों में अब तक सिर्फ 10 पॉजिटिव केस स्‍थानीय हैं.
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रूस में रहने वाले चीन के नागरिक अपने देश में हालात ठीक होने की जानकारी से उत्साहित होकर सड़क मार्ग के जरिये घर लौट रहे हैं. इनमें काफी लोग संक्रमित पाए गए हें.




हार्बिन और सुइफिन शहर हैं सबसे ज्‍यादा प्रभावित
रूस में रहने वाले चीन के नागरिक अपने देश में हालात ठीक होने की जानकारी से उत्साहित होकर सड़क मार्ग के जरिये घर लौट रहे हैं. बढ़ते मामलों के बाद चीन ने सीमा पर सख्‍ती बरतनी शुरू की दी है. साथ ही बाहर से आए लोगों को 28 दिन के लिए कड़ाई से क्वारंटीन किया जा रहा है. वापस आ रहे लोगों के कोरोना टेस्ट (Corona Test) किए जा रहे हैं. वह, अब हेलोनजियांग प्रांत में वुहान (Wuhan) की तरह पाबंदियां भी लगाई जा रही हैं. हेलोनजियांग की राजधानी हार्बिन और सुइफिन दो सबसे प्रभावित शहर हैं. इन दोनों शहर में अब सन्‍नाटा पसर गया है. सुइफिन बीजिंग से 1,000 मील दूर है. ये शहर रूस के व्लादिवोस्तोक से सड़क और रेल मार्ग से जुड़ा है.

नए हालात से निपटने की तैयारी में जुटा प्रशासन
हेलोनजियांग प्रांत में सामने आ रहे नए मामलों को देखते हुए सुइफिन में 600 बेड का अस्थायी अस्पताल (makeshift Hospital) तैयार किया जा रहा है. करीब 70,000 लोगों को लॉकडाउन (Lockdown) में रखा गया है. हर घर से सिर्फ एक शख्स को 3-3 दिन घर से बाहर जरूरी सामान लाने के लिए जाने की इजाजत दी जाएगी. इसके अलावा हेलोनजियांग में दूसरी जगहों पर करीब 4,000 बेड के अस्पताल बनाए जाने की योजना पर काम हो रहा है. साथ ही करीब 1,100 सदस्यों वाली एक मेडिकल सपोर्ट टीम (Medical Support Team) भी तैयार की जा रही है. इस टीम में शामिल होने के लिए लोगों से आवेदन मांगे गए हैं.

हेलोनजियांग के लोग प्रशासन पर खराब होते हालात पर पर्दा डालने का आरोप लगा रहे हैं.


चीन पर असलियत छुपाने के फिर लग रहे हैं आरोप
हेलोनजियांग के लोगों का आरोप है, 'प्रशासन फिर खराब होते हालात पर पर्दा डालने के लिए ऐसा कह रहा है कि नए मामले दूसरे देशों से आए लोगों के हैं. प्रशासन स्वीकार नहीं कर रहा है कि स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैल रहा है. अगर वह ऐसा करता है तो साबित हो जाएगा कि अब तक वायरस को फैलने से रोका नहीं जा सका है. अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC) के डायरेक्ट रॉबर्ट रेडफील्ड के मुताबिक, इन्फेक्शन के शिकार हुए करीब 25 फीसदी लागों में संक्रमण का कोई लक्षण नहीं दिखता है. यहां तक कि ठीक होने के बाद भी लोग कोरोना टेस्‍ट में पॉजिटिव पाए गए हैं. चीन के स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों ने कुछ समय पहले बताया था कि हम ऐसे लोगों को शामिल नहीं कर रहे हैं, जिनमें संक्रमण का कोई लक्षण नहीं है. चीन में अब तक 82,295 संक्रमितों में से 77,816 लोग स्‍वस्‍थ्‍य होकर घर लौट चुके हैं.

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