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Coronavirus: खराब गुणवत्‍ता के कारण चीन के मेडिकल उपकरण लौटा रहे हैं करार करने वाले देश

News18Hindi
Updated: April 1, 2020, 6:07 PM IST
Coronavirus: खराब गुणवत्‍ता के कारण चीन के मेडिकल उपकरण लौटा रहे हैं करार करने वाले देश
चीन ने केवल अधिकृत कंपनियों से ही मेडिकल सामान खरीदने के लिए कहा

यूरोप के कई देशों (European Countries) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव और इलाज के लिए चीन से खरीदे गए मेडिकल उपकरणों (Medical Equipment) को लौटाना शुरू कर दिया है. उनका आरोप है कि चीन उन्‍हें घटिया (Below Standard) सामान बेच रहा है.

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कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ दुनिया भर में चल रही लडाई के बीच चीन ने इस वैश्विक महामारी (Pandemic) से बचाने में मदद करने के नाम पर धंधा करना भी शुरू कर दिया है. इसी कडी में उसने कई देशों से कोरोना वायरस से बचाव और इलाज में इस्‍तेमाल होने वाले मेडिकल उपकरणों (Medical Equipments) का सौदा किया है. हद तो ये है कि चीन (China) इस मुश्किल वक्‍त में भी दुनिया को घटिया गुणवत्‍ता (Below Standard) के मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति कर रहा है. कई यूरोपीय देशों ने खराब गुणवत्‍ता के कारण चीन को मेडिकल उपकरण लौटाने भी शुरू कर दिए हैं. इसी बीच जानकारी आई है कि भारत (India) खराब गुणवत्‍ता के बाद भी चीन से मेडिकल उपकरण खरीदने की योजना बना रहा है.

उपकरण लौटाने वालों में तुर्की और नीदरलैंड्स का नाम भी जुडा
चीन को खराब मेडिकल उपकरण लौटाने वाले देशों में सबसे पहला नाम स्‍पेन का था. स्‍पेन ने चीन के साथ 3,500 करोड रुपये से ज्‍यादा के मेडिकल उपकरण खरीदने का सौदा किया थाा. इसके बाद पहुंची पहली खेप में करीब 9,000 कोरोना टेस्‍ट किट्स दोयम दर्जे की थीं, जिनसे मेडिकल टेस्‍ट की सही रिपोर्ट नहीं मिल रही थी. स्‍पेन ने चीन को ये सभी टेस्‍ट किट्स लौटा दीं. अब चीन को दोयम दर्जे के मेडिकल उपकरण लौटाने वालों की सूची में तुर्की और नीदरलैंड्स (Netherlands) का नाम भी जुड गया है. बता दें कि यूरोप में हर दिन हजारों कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं. सिर्फ इटली (Italy) में ही अब तक 1,05,792 लोग संक्रमण का शिकार हो चुके हैं, जिनमें 12,428 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, स्‍पेन में अब तक 1,02,136 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें 9,053 की मौत हो गई है. संक्रमितों की सूची में 1,88,639 संक्रमितों के साथ अमेरिका सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुआ है.

डच सरकार ने तय किया है कि चीन से आए हुए किसी भी मेडिकल उपकरण का इस्‍तेमाल नहीं किया जााएगा.




डच सरकार ने लौटाए चीन से भेजे गए 6,00,000 खराब फेस मास्‍क


डच हेल्‍थ मिनिस्‍ट्री (Dutch Health Ministry) ने 28 मार्च को घोषणा की थी कि वो देश के अलग-अलग हिस्‍सों में पहुंचाए गए 6,00,000 फेस मास्‍क (Face Mask) वापस लिए जा रहे हैं. फेस मास्‍क के अलावा तमाम मेडिकल उपकरण 21 मार्च को चीन से डच पहुंचे थे. इन उपकरणों को देश भर में मेडिकल टीमों तक पहुंचा दिया गया है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डच अधिकारियों ने बताया कि ना तो मास्‍क सही से फिट हो रहे थे और ना ही उनके फिल्‍टर सही थे, जबकि सभी उपकरणों को चीन सरकार ने क्‍वालिटी सर्टिफिकेट भी दिया हुआ था. अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद आगे की खेप (Shipment) को तत्‍काल प्रभाव से रोककर आगे नहीं बांटा गया. अब ये तय किया गया है कि चीन से आए हुए किसी भी मेडिकल उपकरण का इस्‍तेमाल नहीं किया जााएगा.

चीनी टेस्‍ट किट्स से नहीं मिल रहे मेडिकल जांच के सही नतीजे
स्‍पेन में भी उपकरणों की खराब गुणवत्‍ता का मामला ही सामने आया है. स्‍पेन (Spain) की सरकार का कहना है कि चीन से भेजी गईं कोरोना टेस्‍ट किट्स से मेडिकल जांच के सही नतीजे सामने नहीं आ रहे थे. सरकार ने घोषणा की है कि कोरोना की जांच के लिए चीन से हजारों की संख्‍या में टेस्‍ट किट्स खरीदी गई थीं. इनमें से 60,000 किट्स की गुणवत्‍ता खराब पाई गई है. इन किट्स से किए गए टेस्‍ट में पता नहीं चल पा रहा है कि जांच कराने आए व्‍यक्ति को कोरोना वायरस संक्रमण है या नहीं. स्‍पेन में चीन के दूतावास ने ट्वीट कर बताया है कि ये टेस्‍ट किट्स बनाने वाली कंपनी शेनजेन वायोइजी बायोटेक्‍नोलॉजी को अब तक चीन सरकार की ओर से मेडिकल उपकरण बनाने का लाइसेंस नहीं दिया गया है. ट्वीट में बताया गया है कि रिटेल ग्रुप अलीबाबा की ओर से स्‍पेन को दान किए गए उपकरण इस कंपनी के बनाए हुए नहीं है.

आलोचकों का कहना है कि चीन अब दुनिया को अपने प्रभाव में लेने के लिए कोरोना वायरस से बचाने का दिखावा और कारोबार कर रहा है.


यूरोपीय संघ के मुख्‍य राजनयिक ने कहा, शुरू हो गई है खेमेबंदी
तुर्की (Turkey) की ओर से भी कहा गया है कि चीन से खरीदी गईं टेस्‍ट किट्स सटीक नतीजे नहीं दे रही हैं. लेकिन कुछ टेस्‍ट के नतीजे सही आए हैं. कुछ आलोचकों का कहना है कि चीन अब दुनिया को अपने प्रभाव में लेने के लिए कोरोना वायरस से बचाने का दिखावा और कारोबार कर रहा है. यूरोपीय संघ (EU) के मुख्‍य राजनयिक जोसेप बॉरेल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि कोरोना वायरस के खिलाफ संघर्ष के बीच राजनीति भी शुरू हो चुकी है. इसके तहत अब मदद के जरिये दुनिया को अपने-अपने खेमे में करने की कवायद शुरू हो गई है. उन्‍होंने कहा, 'चीन आक्रामकता के साथ ये प्रचारित कर रहा है कि जिस समय अमेरिका संक्रमण को अपनी सीमाओं में रोक पाने में नाकाम हो रहा है, तब वो पूरी दुनिया की मदद कर रहा है. इनमें अमेरिका के करीबी देश स्‍पेन, इटली, फ्रांस भी शामिल है. चीन जता रहा है कि वो दुनिया भर के देशों का भरोसेमंद साथी है.'

भारत सरकार चीन से खरीद रही है पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्‍वीपमेंट्स
मेडिकल उपकरणों की खराब गुणवत्‍ता की सूचनाओं के बीच भारत चीन से जल्दी ही पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्वीपमेंट और वेंटिलेटर्स (ventilators) खरीदेगा. दरअसल, भारत संक्रमण से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने के लिए चीनी मेडिकल उपकरणों की खरीद कर रहा है. सरकार का मानना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने में चीनी मेडिकल उपकरण मददगार साबित हो सकते हैं. चीन की वेबसाइट ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, भारत सरकार ने संक्रमण से बचने के लिए अच्छे उपाय किए हैं. भारत में अब तक संक्रमण के बहुत ज्यादा मामले सामने नहीं आए हैं. भारत में अब तक 1,600 से ज्‍यादा संक्रमित लोग सामने आ चुके हैं.

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First published: April 1, 2020, 5:48 PM IST
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