लाइव टीवी

कोरोना वायरस: चीन के शहर वुहान से ऐसे एयरलिफ्ट किए जाएंगे भारतीय

News18Hindi
Updated: January 30, 2020, 1:31 PM IST
कोरोना वायरस: चीन के शहर वुहान से ऐसे एयरलिफ्ट किए जाएंगे भारतीय
सरकार चीनी शहर वुहान से भारतीयों को निकालने की तैयारी कर रही है

भारत सरकार चीनी शहर वुहान (Wuhan) से भारतीय छात्रों को एयरलिफ्ट (Airlift) कर स्वदेश लेकर आएगी. सरकार की योजना है कि दो प्लेन के जरिए वुहान में फंसे भारतीयों को निकाला जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 30, 2020, 1:31 PM IST
  • Share this:
कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ती जा रही है. इस वायरस की वजह से मरने वालों का आंकड़ा हर दिन बढ़ता जा रहा है. चीन (China) में इस वायरस से संक्रमित 170 मरीजों की मौत हो चुकी है. इनमें से 78 मरीज हुबेई प्रांत से थे, जहां से ये वायरस फैला है. चीन की सरकार ने कहा है कि 1700 नए संक्रमित मरीजों का पता चला है. कोरोना वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है.

भारत सरकार भी कोरोना वायरस को लेकर चिंतित है. चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान से कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है. वुहान में भारतीय भी फंसे हैं. अब भारत सरकार उन भारतीयों को वहां से निकालने की योजना बना रही है. इस बारे में तैयारी भी कर ली गई है.

चीनी शहर वुहान से भारतीयों को किया जाएगा एयरलिफ्ट
भारत सरकार वुहान से भारतीय छात्रों को एयरलिफ्ट कर स्वदेश लेकर आएगी. सरकार की योजना है कि दो प्लेन के जरिए वुहान में फंसे भारतीयों को निकाला जाएगा. भारत लाने के बाद इन्हें करीब 28 दिनों तक आइसोलेट (संक्रमण फैलने से रोकने के लिए उन्हें एकांत और सुरक्षित जगह) पर रखा जाएगा. आमतौर पर संक्रमण फैलने से रोकने के लिए प्रभावित लोगों को 14 दिन तक अलग रखा जाता है. लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों में ज्यादा गंभीरता बरती जा रही है. इसलिए अलग रखने की अवधि दोगुनी कर दी गई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया है कि वुहान में फंसे भारतीयों को निकालने की सुरक्षित तैयारी की जा रही है. इसमें सबसे ज्यादा इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि जो इस वायरस से संक्रमित नहीं हुए हैं, उनमें संक्रमण न फैलने पाए. एयरलिफ्ट करने वाले लोगों को भी वायरस के संक्रमण में आने से सुरक्षा दी जाएगी.

बुधवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने भी ट्वीट करके जानकारी दी है कि चीन की सरकार ने दो प्लेन के जरिए वुहान में फंसे भारतीयों को वहां से बाहर निकाले की अपील की है. बीजिंग में भारतीय दूतावास के अधिकारी चीनी प्रशासन के संपर्क में हैं. सारी व्यवस्था की तैयारी की जा रही है.

corona virus outbrea indians will be airlifted from Chinese city of Wuhan
वुहान से भारतीयों को एयरलिफ्ट किया जाएगा
इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया है कि वुहान से एयरलिफ्ट करने वाले भारतीय टीम की संक्रमण से बचाव की सारी सुरक्षा व्यवस्था करके उन्हें चीन भेजा जाएगा. लेकिन उन्होंने ये भी कहा है कि जिनमें भी कोरोना वायरस का संक्रमण पाया जाता है, उन्हें चीन छोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने ये बताने से इनकार किया कि वुहान से बाहर निकालने वाले भारतीयों की संख्या कितनी हो सकती है.

बीजिंग में भारतीय दूतावास के अधिकारियों के मुताबिक वुहान से भारतीयों को निकालने की तारीख तय की जा रही है.

चीनी शहर वुहान में फंसे हैं कितने भारतीय
एक आंकड़े के मुताबिक वुहान में करीब 700 भारतीय छात्र फंसे हुए हैं. ये छात्र वुहान और उसके आसपास के इलाकों में बने यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं. ज्यादातर छात्र मेडिकल के हैं. ये पिछले 8 दिनों से अपने-अपने घरों में कैद हैं. संक्रमण के फैलने के डर से इन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है.

पूरा वुहान शहर लॉक डाउन है. वुहान में रहने वाले कुछ छात्रों ने कुछ भारतीय मीडिया से आपबीती सुनाई है. उसके मुताबिक कोरोना वायरस की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वो खाने का सामान लाने के लिए मार्केट तक नहीं जा पा रहे. पीने के पानी का बोतल तक नहीं खरीद पा रहे हैं. हालांकि इसके बारे में पता नहीं चल पाया है कि कितने भारतीयों छात्रों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है.

एयर इंडिया कर रही है भारतीयों को एयरलिफ्ट की तैयारी
बताया जा रहा है कि एयर इंडिय चीन के शहर वुहान से भारतीयों को एयरलिफ्ट करने को तैयार है. एयरलिफ्ट करने के लिए एयर इंडिया का 423 सीटर बोइंग 747-400 जंबो जेट रेडी है. अगर इसे सारी आधिकारिक मंजूरी मिल जाती है तो ये वुहान की उड़ान पर निकलेगा. वहां से भारतीयों को दिल्ली या मुंबई लाया जाएगा.

corona virus outbrea indians will be airlifted from Chinese city of Wuhan
एयर इंडिया कर रहा है वुहान से भारतीयों को एयरलिफ्ट करने की तैयारी


भारत के एयरपोर्ट्स पर भी कोरोना वायरस को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. भारत के 21 एयरपोर्ट्स पर चीन या हॉन्गकॉन्ग से आने या वहां जाने वाले यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग की जा रही है. एयरपोर्ट्स पर भारत सरकार 100 और स्कैनर लगाने जा रही है.

भारतीय दूतावास वुहान से बाहर निकलने को इच्छुक छात्रों से कर रहा संपर्क
बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास वुहान में फंसे भारतीयों को एक कंसेट नोट भेज रहा है. इसमें वुहान से बाहर निकलने के इच्छुक छात्रों से सहमति मांगी गई है. इसके लिए भारतीयों को दूतावास के नियम कायदों को मानना होगा और कंसेट नोट पर अपने हस्ताक्षर करते हुए दूतावास को सौंपने होंगे.

कंसेट नोट में इस बात का जिक्र है कि भारत लौटने पर उन्हें कम से कम 14 दिनों तक आइसोलेशन में रखा जाएगा. ये आइसोलेशन 28 दिनों का भी हो सकता है. इसके लिए उन्हें तैयार रहना होगा. इस शर्त के साथ ही वुहान से उनकी भारत वापसी होगी. वो कंसेट नोट पर अपने हस्ताक्षर करके भारतीय दूतावास द्वारा उपलब्ध करवाए गए ईमेल अड्रेस पर भेजेंगे. इसके बाद उन्हें एक टोकन दिया जाएगा. एयरलिफ्ट करते वक्त उनसे कंसेट नोट के साथ टोकन की जांच की जाएगी.

बाकी के देश भी कर रहे हैं अपने नागरिकों को निकालने की तैयारी
चीन अपने यहां फंसे विदेशियों को लेकर चिंतित है. चीन की सरकार उनकी अपने देशों में सुरक्षित वापसी की तैयारी कर रही है. इसमें भारत के साथ अमेरिका, फ्रांस, जापान, साउथ कोरिया जैसे देशों के नागरिक भी शामिल हैं. इन भी देशों के नागरिकों को भी वुहान से एयरलिफ्ट करने की तैयारी चल रही है.

ये भी पढ़ें:

बापू की हत्या पर ऐसे हुई थी कोर्ट में सुनवाई, नाथूराम गोडसे ने खुद लड़ा था केस

क्या PK कभी जेडीयू के 'वफादार' थे? हमेशा सवालों के घेरे में रही उनकी भूमिका

ऐसा है कोरोना वायरस को फैलाने वाला चीन का शहर वुहान, फंसे हैं इतने भारतीय छात्र

कोरोना वायरस से अर्थव्यवस्था पर बुरा असर, क्या भारत भी होगा प्रभावित?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 30, 2020, 1:31 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर