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कोरोना वायरस से मंडराया चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की गद्दी पर खतरा

Vivek Anand | News18Hindi
Updated: February 7, 2020, 4:48 PM IST
कोरोना वायरस से मंडराया चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की गद्दी पर खतरा
कोरोना वायरस को लेकर चीन की सरकार की नाकामी पूरी दुनिया के सामने आ चुकी है

चीनी (China) राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के सामने सबसे मुश्किल घड़ी आ पड़ी है. कोरोना वायरस (Coronavirus) के फैलने, इस बीमारी की खबर छिपाने और मरने वालों के आंकड़ों में हेरफेर की खबरों ने चीन के सर्वोच्च ताकत शी जिनपिंग को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है.

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  • Last Updated: February 7, 2020, 4:48 PM IST
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कोरोना वायरस (Coronavirus) ने चीन (China) पर कहर बरपा रखा है. इस भयावह बीमारी को लेकर रोज नई-नई खबरें आ रही हैं. चीन के वुहान (Wuhan) शहर से फैले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को इस कदर खौफ से भर दिया है कि अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं.

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने सबसे मुश्किल घड़ी आ पड़ी है. कोरोना वायरस के फैलने, इस बीमारी की खबर छिपाने और मरने वालों के आंकड़ों में हेरफेर की खबरों ने चीन की सर्वोच्च ताकत शी जिनपिंग को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है.

दिसंबर के पहले हफ्ते में फैली बीमारी चीनी प्रशासन के लाख दावों के बावजूद फैलती ही जा रही है. चीन में लाखों लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं. 23 जनवरी को जब चीन की सरकार ने पहली बार बीमारी को लेकर सतर्कता वाले कुछ बेहद अहम कदम उठाने शुरू किए, तब जाकर चीन के साथ दुनियाभर के लोगों को असलियत का पता चला.

बताया जा रहा है कि जिस तरह से चीन की सरकार ने इस बीमारी को लेकर कार्रवाई की है, उससे लोगों में सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ा है. लोग गुस्से में हैं क्योंकि सरकार बीमारी फैलने से रोक नहीं पाई. प्रशासन अब तक संक्रमण को फैलने से रोकने में नाकाम रहा है. मौत का आंकड़ा 600 के पार कर गया है. किसी को नहीं पता कि ये कहां जाकर रुकेगा.

कोरोना वायरस को लेकर पहली बार अलर्ट करने वाले डॉक्टर की मौत
चीन में कोरोना वायरस को लेकर जिस डॉक्टर ने पहली बार अलर्ट किया था, वायरस की चपेट में आकर उस डॉक्टर की भी मौत हो चुकी है. वुहान के सेंट्रल हॉस्पिटल के डॉक्टर ली वेनलियांग की कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से मौत हो चुकी है.

ली वेनलियांग वही डॉक्टर थे, जिन्होंने पहली बार वायरस के संक्रमण को लेकर अलर्ट किया था. लेकिन उनकी चेतावनी को कम्युनिस्ट प्रशासन ने न सिर्फ नजरअंदाज किया बल्कि उलटे डॉक्टर को इसकी जानकारी लीक करने पर डराया धमकाया गया था. 34 साल के डॉक्टर को लोकल पुलिस ने टारगेट किया, उन्हें वायरस को लेकर चुप्पी साधे रखने को कहा गया था.
coronavirus outbreak new epidemic of china threatens power of president xi jinping
डॉ ली वेनलियांग ने सबसे पहले कोरोना वायरस को लेकर आगाह किया था


दो बार मरा कोरोना वायरस को लेकर पहली बार अलर्ट करने वाला डॉक्टर
डॉक्टर ली वेनलियांग की मौत को लेकर भी चीन में भारी कंफ्यूजन रहा. डॉक्टर ली के बारे में गुरुवार को जानकारी दी गई कि कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से उनकी मौत हो चुकी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन तक ने ट्वीट कर उनके निधन पर शोक जता दिया. फिर अचानक खबर आई कि डॉ. ली अभी जिंदा हैं.

उनकी हालत गंभीर बताई गई. फिर आखिरकार शुक्रवार सुबह को पुख्ता तौर पर कहा गया कि डॉ. ली का निधन हो चुका है. इस कंफ्यूजन पर चीन के लोगों ने सोशल मीडिया पर खूब गुस्सा उतारा. एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि चीन की हालत अब ऐसी हो चुकी है कि एक डॉक्टर को दो बार मरना पड़ रहा है. लोगों ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा कि उनके बोलने पर भी अब पाबंदी लगाई जा रही है. उन्हें फ्रीडम ऑफ स्पीच चाहिए.

कोरोना वायरस को लेकर चीन में हाई लेवल मीटिंग
गुस्से और तनाव के बीच चीनी प्रशासन ने इस हफ्ते हाई लेवल मीटिंग की है. इसमें मामले से निपटने में रह गई कमियों और मुश्किलों पर विस्तार से चर्चा की गई है. लेकिन ऐसी हाई लेवल मीटिंग्स में भी ऐसा कम ही होता है कि किसी को गलती का जिम्मेदार ठहराया जाए. खासकर पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी की तरफ कोई अंगुली नहीं उठा पाता.

शी जिनपिंग ने इस मीटिंग की अध्यक्षता की थी. जिनपिंग ने महामारी को फैलने से रोकने वाले उपायों पर चर्चा की. उन्होंने पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी के निर्देशों की अवहेलना करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी जारी की है. कमेटी को लगता है कि चीन के लिए ये परीक्षा की सबसे बड़ी घड़ी है.

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कोरोना वायरस की वजह से चीन को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है


शी जिनपिंग की साख को लेकर सवाल
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए मुश्किल घड़ी हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस दिशा में उठाए गए चीन के कदमों की सराहना की है. लेकिन इसको लेकर दुनियाभर के विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है. दरअसल कोरोना वायरस ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ताकत को चुनौती दी है. क्योंकि इसकी वजह से चीन को कई मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है.

चीन को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा है. एक आंकड़े के मुताबिक चीन की सरकार ने बाजार को संतुलित रखने के लिए 174 बिलियन यूएस डॉलर डाल दिए हैं. शी जिनपिंग की कोरोना वायरस के मसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात भी हुई है. ट्रंप ने कहा है कि उन्हें शी के नेतृत्व पर भरोसा है. लेकिन मामला इतना आसान नहीं रह गया है.

कोरोना वायरस से निपटने में चीन की अक्षमता पर शी जिनपिंग को आलोचनाओं का शिकार भी होना पड़ रहा है. जानकार बताते हैं कि शी जिनपिंग के एकछत्र राज को अब चुनौती देने का वक्त आ गया है. वो फेल रहे हैं. जानकार बताते हैं कि पार्टी के अंदर से सिर्फ इसलिए आवाज नहीं उठ रही है क्योंकि लोगों को डर है कि जो भी उनके खिलाफ बोलेगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

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First published: February 7, 2020, 4:17 PM IST
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