Fact Check : क्या नास्त्रेदमस ने 500 साल पहले ही कोरोना पर किया था आगाह?

Fact Check : क्या नास्त्रेदमस ने 500 साल पहले ही कोरोना पर किया था आगाह?
उन्होंने अपनी किताब Les Propheties में एक बीमारी का जिक्र किया, जिसके लक्षण कोरोना से मिलते-जुलते हैं

लगातार कहा जा रहा है कि दुनिया के सबसे बड़े भविष्यवक्ताओं में से एक नास्त्रेदमस (Nostradamus) ने 16वीं सदी में ही अपने रहस्यमय अंदाज में न केवल कोरोना वायरस (coronavirus), बल्कि मास्क का भी जिक्र कर दिया था. जानिए, क्या है इस दावे का सच.

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स्पेनिश फ्लू के बाद कोरोना वायरस बीमारी दुनियाभर में तबाही मचाए हुए हैं. फिलहाल वैज्ञानिक इस वायरस को समझने और इसका इलाज खोजने की कोशिश में लगे हुए हैं. इसी बीच ये बात भी काफी कही जा रही है कि इस खतरनाक बीमारी के बारे में भविष्य बताने वाले पहले ही चेताते रहे हैं. इनमें सबसे ऊपर है फ्रेंच भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस का नाम. कहा जा रहा है कि फ्रांसीसी भविष्यवक्ता माइकल दि नास्त्रेदमस (Michel de Nostredame) ने अपने रहस्यमयी अंदाज में सदियों पहले ही इस वायरस की चेतावनी दे दी थी. कहा जाता है कि उन्होंने अपनी किताब Les Propheties (The Prophecies) में एक बीमारी का जिक्र किया, जिसके लक्षण कोरोना से मिलते-जुलते हैं.

कौन थे नास्त्रेदमस
फ्रेंच भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस का जन्म दिसंबर 1503 को फ्रांस के एक गांव Saint-Rémy-de-Provence में हुआ था. फिजिशियन, कवि के अलावा नास्त्रेदमस भविष्यवाणियां करने का काम भी करने लगे. लेकिन ये पूर्वानुमान देश और दुनिया को लेकर होते थे. उन्होंने अपनी मशहूर किताब Les Prophéties में दुनिया, राजनीति, आतंकवाद और प्राकृतिक आपदाओं को लेकर 950 अलग-अलग बातें कहीं. कविताओं और कोड में वो ये भविष्यवाणियां लिखा करते थे. नास्त्रेदमस की कई भविष्यवाणियां एकदम सटीक मानी जाती हैं. जैसे उनके अनुयायियों के अनुसार वो कोड लैंग्वेज में पहले ही हिरोशिमा-नागासाकी पर परमाणु विस्फोट के अलावा फ्रेंच क्रांति, ग्रेट फायर ऑफ लंदन और 9/11 आंतकी हमले के बारे में सचेत कर चुके थे. यहां तक कि उन्होंने अडोल्फ हिटलर और दूसरे वर्ल्ड वॉर के बारे में भी बताया था. यही वजह है कि उनके बहुत से अनुयायी मानते हैं कि नास्त्रेदमस ने 1555 में ही कोरोना वायरस का संकेत भी दे दिया था.

पेशे से चिकित्सक और कवि नास्त्रेदमस की कई बातें एकदम सटीक मानी जाती हैं




क्या लिखा था कोरोना के बारे में


अपनी किताब Les Propheties में नास्त्रेदमस ने इस वक्त का पूर्वानुमान लगाया था. चार लाइनों में उन्होंने लिखा था-
“There will be a twin year (2020) from which will arise a queen (corona)
who will come from the east (China)
and who will spread a plague (virus) in the darkness of night, on a country with 7 hills (Italy)
and will transform the twilight of men into dust (death),
to destroy and ruin the world.
It will be the end of the world economy as you know it.”

क्या है सच्चाई?
भविष्यवाणियों पर भरोसा करने वाले और खासकर नास्त्रेदमस के मानने वाले इसे ऐसे ले रहे हैं कि ट्विन ईयर यानी 2020, ईस्ट यानी चीन, प्लेग का मतलब वायरस से है और मेन इनटू डस्ट को मौतों से जोड़ा जा रहा है. हालांकि रॉयटर्स की फैक्ट चेक टीम ने अपनी तहकीकात में पाया कि ये बात नास्त्रेदमस की किताब में कहीं भी नहीं लिखी हुई है. इस बारे में में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में फ्रेंच स्टडीज और हिस्ट्री पढ़ाने वाले प्रोफेसर स्टीफन गेर्सन कहते हैं कि ये कवितानुमा भविष्यवाणी नास्त्रेदमस की किताब से नहीं आई है. और न ही उनके द्वारा की गई किसी और भविष्यवाणी में इसका जिक्र मिलता है. गेर्सन के मुताबिक चूंकि 16वीं सदी में प्लेग आम बीमारी थी इसलिए नास्त्रेदमस की किताब में पूरे 35 बार प्लेग का जिक्र तो है लेकिन ये 4 लाइनें कहीं भी नहीं लिखी हुई हैं.

बहुत से अनुयायी मानते हैं कि नास्त्रेडमस ने 1555 में ही कोरोना वायरस का संकेत भी दे दिया था. (Photo-pixabay)


किताब में ट्विन ईयर, ईस्ट और क्वीन जैसे शब्द डालते हुए की-वर्ड्स तलाशने की कोशिश की गई, लेकिन ये शब्द भी कहीं नहीं मिले. इससे साफ है कि 500 साल पहले कोरोना की भविष्यवाणी नहीं की गई थी.

दूसरे लोगों ने भी किए पूर्वानुमान
वैसे कहा जा रहा है कि कई और भविष्यवक्ता भी कोरोना वायरस के बारे में पूर्वानुमान लगा चुके हैं. इनमें साइंस फिक्शन लिखने वाले ख्यात अमेरिकन लेखन Deal Koontz भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी किताब The Eyes of Darkness में इसका जिक्र किया था. ये साल 1981 में छपी थी और काफी पढ़ी गई थी. इसमें वुहान 400 नाम के एक वायरस के बारे में लिखा गया है जो जैविक हथियार की तरह चीन में तैयार हुआ था. इसे भी कोरोना से जोड़ते हुए देखा जा रहा है और बहुत से लोग चीन को दोषी की तरह भी देख रहे हैं.

कहा जा रहा है कि सिल्विया ने 12 साल पहले ही कोरोना वायरस का संकेत दे दिया था. (Photo-pixabay)


इसके अलावा हाल ही में एक किताब सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. इसमें अमेरिकन लेखिका सिल्विया ब्राउन की एक किताब End of Days के हवाले से कहा जा रहा है कि उन्होंने 12 साल पहले ही कोरोना वायरस का संकेत दे दिया था. 2008 में छपी इस किताब के एक अंश में न्यूमोनिया जैसी बीमारी का जिक्र है जो काफी तबाही मचाएगी. एक और किताब भी है Deadliest Enemy: Our War Against Killer Germs. इसके लेखक ओस्टरहोम ने भी कोरोना पर साइंस फिक्शन के जरिए बात की थी.

क्या है कोरोना अपडेट
बता दें कि कोरोना से अब तक दुनियाभर के 63 लाख 70 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और मौत का आंकड़ा भी लगभग पौने 4 लाख हो चुका है. इसका टीका या दवा खोजने में जुटे वैज्ञानिकों को अब तक कोई खास सफलता नहीं मिल सकी है, बल्कि इसे लेकर रहस्य ही गहराता जा रहा है. जैसे पहले कहा जा रहा था कि ये खांसने और छींकने से संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ लोगों तक पहुंचता है. अब साफ है कि बिना किसी लक्षण के भी लोग कोरोना पॉजिटिव हो सकते हैं और अनजाने में बीमारी फैला सकते हैं.

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First published: June 2, 2020, 10:51 AM IST
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