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कोरोना वायरस: क्या है चीन के पड़ोसी मुल्कों का हाल

News18Hindi
Updated: March 28, 2020, 4:26 PM IST
कोरोना वायरस: क्या है चीन के पड़ोसी मुल्कों का हाल
बाकी देशों में कोरोना का कहर थमने में नहीं आ रहा

ये देश खुद को वायरस-फ्री (virus-free) भी घोषित कर रहा है और दूसरी ओर पड़ोसी देशों से कोरोना वायरस (coronavirus) कंट्रोल करने के लिए चुपचाप मदद की गुहार लगा रहा है.

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  • Last Updated: March 28, 2020, 4:26 PM IST
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चीन के वुहान से शुरू हुए और फिर पूरी दुनिया में फैले कोरोना वायरस ने खासकर पड़ोसी देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. पिछले साल दिसंबर में चीन में कोरोना का पहला मामला सामने आया और अब ये आंकड़ा 6 लाख पार हो चुका है. हालांकि चीन से जुड़ी सारी सीमाएं और किसी भी किस्म का कारोबार फिलहाल बंद हो चुका है. यहां तक कि चीन का दावा है कि उसने इस बीमारी के फैलने पर काफी हद तक काबू भी पा लिया है लेकिन तब भी बाकी देशों में कोरोना का कहर थमने में नहीं आ रहा. देखते हैं, किन देशों के क्या हैं हाल.

भारत
चीन के बाद इस सबसे बड़ी आबादी वाले मुल्क को लेकर WHO कई बार चेता चुका है कि यहां महामारी फैली तो अंजाम डरावना हो सकता है. यहां पर जनवरी के अंत में पहला मामला सामने आया था. इसके बाद से अब तक यहां 908 केस आ चुके हैं. सरकार कम्युनिटी इंफेक्शन रोकने के लिए कई कदम उठा चुकी है, जैसे 3 हफ्तों के देशव्यापी लॉकडाउन का एलान और संदिग्धों की जांच. हालांकि अब भी जांच काफी देर से और कम ही लोगों की हो रही है.

अफगानिस्तान



यहां पर कुल 110 मामले आज तक आए हैं. सबसे पहले 24 फरवरी को सबसे पहला मामला आया था. जिसके बाद से केस बढ़ते जा रहे हैं. अफगानिस्तान के हेल्थ मिनिस्टर Ferzoddin Feroz ने कोविड-19 पर चिंता जताते हुए कहा कि यहां केस बहुत बढ़ने का डर है, खासकर काबुल में. यही वजह है कि पश्चिमी अफगानिस्तान, जो कि ईरान से सटा हुआ है, की सीमाओं को आनन-फानन सील कर दिया गया. बता दें कि ईरान फिलहाल मिडिल ईस्ट में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है, जहां 32,332 मामलों के साथ लगभग ढाई हजार मौतें दर्ज हो चुकी हैं. अफगानिस्तान की हालत जांच के मामले में भी खराब है. यहां काबुल में ही एक लैब है, जहां इसकी जांच होती है. हेरात में दूसरा लैब फिलहाल बन रहा है.



ईरान फिलहाल मिडिल ईस्ट में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है


भूटान
यहां 25 मार्च को COVID-19 का तीसरा केस कन्फर्म हुआ. रिपोर्ट के अनुसार कोरोना पॉजिटिव ये मरीज स्टूडेंट है, जिसकी फॉरेन हिस्ट्री है. Ministry of Health ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी. बाहर से आए या मरीज से मिले अधिकांश लोग क्वेरेंटाइन में रखे गए हैं. इससे पहले कोरोना पॉजिटिव मिले दोनों मरीज यूएसए से हैं. फिलहाल लगभग 9 लाख की आबादी वाला इस देश ने पान के पत्तों समेत फल, सब्जियों और मांस के आयात पर पूरी तरह से रोक लगा दी है.

मंगोलिया
इस देश में अबतक कुल 12 मामले आ चुके हैं. Reuters की एक खबर के मुताबिक मंगोलिया स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश में काम कर रहे एक फ्रेंच नागरिक की वजह से उनके यहां मामले आए. National Emergency Commission ने रूस से होकर आए उस शख्स को कोरोना पॉजिटिव पाया. इसके बाद कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की गई. इसके अलावा मार्च के आखिर तक के स्कूल बंद हो गए. साथ ही चीन, साउथ कोरिया और जापान के लिए यहां की सीमाएं सील हो चुकी हैं.

नॉर्थ कोरिया
माना जा रहा है कि ये देश दूसरों देशों से कोरोना वायरस कंट्रोल करने के चुपचाप मदद की गुहार लगा रहा है. फाइनेंशियल टाइम्स ने सूत्रों का नाम अज्ञात रखते हुए कहा कि इसने दूसरों देशों से अजेंट सहायता मांगी है. रॉइटर्स की एक रिपोर्ट ने भी इसपर मुहर लगाते हुए बताया कि नॉर्थ कोरिया में कोरोना के मामले आ रहे हैं और यही वजह है कि ये चीन के रास्ते से यहां पर मास्क और टेस्ट किट पहुंच रहे हैं.

हालांकि नेता Kim Jong-un ने देश में एक भी कोरोना के मामले से इन्कार किया लेकिन अब इंटरनेशनल मीडिया की रिपोर्ट्स कुछ और ही बता रही हैं. 20 मार्च को इस देश ने साउथ कोरिया और कई international aid agencies से संपर्क किया और उनसे मास्क और जांच उपकरण मांगे.
टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार यहां पर जनवरी के अंत में दूसरे देशों से लौटे 590 लोगों की जांच हुई और सबके सब निगेटिव आए, जबकि ऐसा और किसी देश में नहीं हुआ.

नॉर्थ कोरिया में कोरोना के मामले आ रहे हैं


पाकिस्तान
अबतक यहां 1,408 लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं. 27 मार्च को यहां पर चीन के लिए बॉर्डर खोल दिया गया ताकि मेडिकल हेल्प मिल सके. यहां पर हालांकि वायरस का खतरा ज्यादा बताया जा रहा है लेकिन जांच कम होने की वजह से मामले सामने नहीं आ पा रहे. अब तक देश की 207 मिलियन की आबादी में से लगभग 6 हजार टेस्ट ही किए गए हैं. यहां पर भी लॉकडाउन चल रहा है, जिसके तहत लोग केवल जरूरी सामान जैसे राशन और दवाओं की खरीदी के लिए ही बाहर निकल सकते हैं.

रूस
यहां 1,036 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. पहला मामला सामने आने के बाद से ही यहां पर एहतियातन कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. जैसे लगातार जांच करना और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करना. इसके बाद भी बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर दो दिन पहले यहां से सारी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद कर दी गईं. इसके अलावा 28 मार्च से लेकर 1 जून तक के लिए होटल, रिजॉर्ट जैसी जगहें भी बंद हो चुकी हैं. प्रेसिडेंट Vladimir Putin ने अगले पूरे सप्ताह सारे व्यावसायिक संस्थान बंद करने का एलान किया है. पुतिन ने उम्मीद जताई कि सख्त कदम उठाने पर अगले 2 से 3 महीनों में वायरस पर नियंत्रण हो सकेगा.

पहला मामला सामने आने के बाद से ही रूस में एहतियातन कड़े कदम उठाए जा रहे हैं


नेपाल
चीन और भारत की सीमा से लगे देश नेपाल को हालांकि टूरिज्म हब के तौर पर जाना जाता है लेकिन यहां अबतक कोरोना के 4 मामले ही दर्ज हुए हैं. इस देश में फिलहाल 1 हफ्ते का लॉकडाउन चल रहा है.

वियतनाम
यहां पर अब तक 169 मामले दर्ज हुए हैं. छोटा और आर्थिक तौर पर कमजोर देश होने के बावजूद इसने संक्रमण रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जैसे 12 फरवरी को ही देश को लॉकडाउन कर दिया. तेजी से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की और जांच की.

म्यांमार
एक और देश म्यांमार ने कुछ दिनों पहले तक खुद को वायरस-फ्री घोषित किया था लेकिन मीडिया के लगातार संदेह पर कि छोटे देश कैसे संक्रमण मुक्त हो सकते हैं- म्यांमार ने 23 मार्च को पहला मामला दर्ज किया. फिलहाल यहां की 1.7 मिलियन आबादी होम क्वेरेंटाइन है लेकिन जांच की संख्या अब भी काफी कम है. म्यांमार मिनिस्ट्री ने अबतक केवल 214 जांचें की हैं, जिनमें से 8 मामले कोरोना पॉजिटिव आए हैं.

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First published: March 28, 2020, 4:23 PM IST
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